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स्टेट बार काउंसिल के चुनाव में पड़े 6,286 वोट: उत्साह के बीच अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी भी

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 मई 2026, 4:07 pm
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स्टेट बार काउंसिल के चुनाव में पड़े 6,286 वोट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को लेकर कल जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। पूरे दिन चले मतदान में 6 हजार से अधिक अधिवक्ताओं ने मताधिकार का उपयोग किया, 6286 वोट डाले गए।

मतदान केंद्रों पर सुबह से ही अधिवक्ताओं की लंबी कतारें लग गई थीं। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ युवा वकील भी बड़ी संख्या में मतदान करने पहुंचे। चुनाव को लेकर दिनभर न्यायालय परिसर में हलचल बनी रही।

प्रत्याशियों के समर्थक भी अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे रहे। हालांकि, कई अधिवक्ताओं ने व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी भी जताई। कहना था पहले मतदान पर्ची बनवाने, फिर मतदान पत्र लेने और उसके बाद मतदान केंद्र तक पहुंचने की प्रक्रिया काफी धीमी रही।

इस कारण कई जगह लंबा इंतजार करना पड़ा। इस बार 121 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से मतदाताओं को वरीयता के आधार पर मतदान करना था। प्रक्रिया अपेक्षाकृत जटिल होने के कारण भी कई अधिवक्ताओं को अधिक समय लगा।

अधिवक्ताओं ने बताया मतदान केंद्रों पर पर्याप्त टेबल और बैठने की व्यवस्था नहीं होने से मतदान की गति प्रभावित हुई। कई बूथों पर जगह कम होने के कारण भीड़ बढ़ती रही और मतदान प्रक्रिया धीमी पड़ गई।

कुछ अधिवक्ताओं ने प्रबंधन पर नाराजगी जताई। कुछ का कहना था इतनी बड़ी संख्या में मतदान की संभावना पहले से थी, इसके बावजूद पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गईं। मतदान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

वरिष्ठ और महिला अधिवक्ताओं को भी कतार में खड़े रहना पड़ा।इसके बावजूद अधिवक्ताओं में चुनाव को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ। दिनभर मतदान केंद्रों पर भीड़ बनी रही व शाम तक अधिवक्ताओं ने मतदान किया।

चुनाव को लेकर जिला अदालत परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था भी थीं। चुनाव को अधिवक्ताओं की राजनीति और प्रतिनिधित्व के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस बार कई वरिष्ठ और चर्चित अधिवक्ता मैदान में हैं, जिसके कारण मुकाबला रोचक है। चुनाव से जुड़े अधिवक्ताओं का कहना है रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो अधिवक्ताओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

हालांकि, भविष्य में मतदान व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत भी बताई। अब सबकी नजर परिणामों पर टिकी है।

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