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भागीरथपुरा में 35 मौतें और चार हजार करोड़ का घोटाला: कैलाश के विवादित बोल- मुंबई की धारावी जैसा है भागीरथपुरा; पिछड़ापन और अज्ञानता बड़ी बाधा

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संवाददाता

21 फ़रवरी 2026, 5:33 pm
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भागीरथपुरा में 35 मौतें और चार हजार करोड़ का घोटाला

नारियल पानी अपने घर से लाए थे क्या?

विधायक शेखावत ने मांगा मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई मौतों के मामले ने उस वक्त बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया, जब नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस क्षेत्र की तुलना मुंबई की धारावी बस्ती से कर दी। सदन में अपनी बात रखते हुए विजयवर्गीय ने न केवल इस बस्ती को 80-90 साल पुरानी मिनी धारावी की संज्ञा दी, बल्कि क्षेत्र में व्याप्त जनजागरूकता की कमी और पिछड़ेपन को नगर निगम के कार्यों में सबसे बड़ी बाधा करार दिया। मंत्री के इस बयान ने विपक्षी खेमे को सरकार को घेरने का एक नया और संवेदनशील मुद्दा दे दिया है।

सदन में हुई तीखी बहस के दौरान विजयवर्गीय ने इस पूरी घटना को इंदौर के माथे पर कलंक और खुद के लिए आत्मग्लानि का विषय तो बताया, लेकिन साथ ही कांग्रेस पर लाशों पर सियासत करने का हमला भी बोला। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थानीय पार्षद और जनता की शिकायतों के बावजूद टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई, जिससे कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की गई है और इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं बरता गया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिखाया आईना
दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मंत्री को केवल मौतों के आंकड़े नहीं गिनने चाहिए, बल्कि उन्हें गिल्टी भी महसूस करनी चाहिए। सिंघार ने आरोप लगाया कि इंदौर में घोटालों की झड़ी लगी है और हाई कोर्ट तक ने वहां की स्थिति को हेल्थ इमरजेंसी मानकर हस्तक्षेप किया है।

विपक्ष ने सरकार द्वारा बताई गई मौतों की संख्या को भी संदेहास्पद बताया और दावा किया कि जमीनी हकीकत सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक भयावह है। बहस इतनी गरमा गई कि विपक्षी विधायकों ने सदन में गंदे पानी के सैंपल तक प्रदर्शित कर दिए।

भंवरसिंह शेखावत ने महापौर की बर्खास्तगी की मांग की
भोपाल में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बदनावर विधायक भंवरसिंह शेखावत ने मीडिया से चर्चा करते हुए इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई मौतों के मामले पर सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। शेखावत ने अत्यंत आक्रोशित लहजे में कहा इंदौर नगर निगम में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ और भागीरथपुरा में जहरीले जल के कारण 35 मासूम लोगों की जान चली गई, जबकि 2000 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती रहे।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा, अध्यक्ष ने सदन में इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन जब विपक्ष के बोलने की बारी आई तो मामले को आनन-फानन में समाप्त कर दिया गया। यह न केवल विपक्ष के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ धोखा है, बल्कि पूरे इंदौर की जनता के साथ एक बड़ा छलावा है।

विजयवर्गीय के नारियल पानी वाले बयान पर पलटवार करते हुए शेखावत ने तीखे शब्दों में कहा कि क्या वे यह पैसा अपने घर से लाए थे? रेडक्रॉस के माध्यम से कलेक्टर पर दबाव डलवाकर जनता के ही पैसे से दो-दो लाख रुपए का अनुदान बांटकर लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है, जबकि हकीकत में पीड़ितों तक आज तक सहायता राशि नहीं पहुंची है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा चर्चा का मौका न दिए जाने और विपक्ष की आवाज दबाने के विरोध में ही कांग्रेस ने शुक्रवार को सदन से बहिर्गमन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि भागीरथपुरा और इंदौर की जनता इस अन्याय और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

जहरीला पानी पीने से 35 मौतों पर सरकार मौन, संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन -फूलसिंह बरैया
गंदा पानी पीने से हुई मौतों के मामले पर विपक्ष ने विधानसभा में सरकार को घेरा। विधायक फूलसिंह बरैया ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा प्रदेश में जहरीले पानी के सेवन से अब तक 35 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार इन आंकड़ों को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

सदन में इस गंभीर विषय पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव को खारिज किए जाने पर बरैया ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को जीवित रहने का अधिकार देता है और स्वच्छ पेयजल इस अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।

उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा जहां वाहन दुर्घटना में मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए की सहायता दी जाती है, वहीं इस मामले में सरकार महज 2 लाख रुपए देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।

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