1182 किलो भांग जब्त: आबकारी की कार्रवाई से मच गया हड़कंप; कब्जा दिलाने पहुंची टीम को मिला नशीले पदार्थ का जखीरा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के विदुर नगर इलाके में एक सामान्य कब्जा दिलाने की कार्रवाई उस समय बड़े खुलासे में बदल गई, जब टीम के सामने अवैध नशे का पूरा कारखाना सामने आ गया। मकान के भीतर से 1182 किलोग्राम भांग का जखीरा मिलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक टीम विदुर नगर स्थित मकान नंबर 102-बी पर कब्जा दिलाने पहुंची थी।
शुरुआत में यह एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया लग रही थी, लेकिन जैसे ही टीम ने परिसर के अंदर प्रवेश किया, वहां का माहौल संदिग्ध नजर आया।कमरों में रखे बोरों और पैकेट्स ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। जब तलाशी ली गई तो सभी हैरान रह गए9मकान के अंदर भारी मात्रा में भांग बुरादा रखा हुआ था। देखते ही देखते मामला कब्जे से हटकर अवैध नशे के बड़े कारोबार में बदल गया।
फैक्ट्री’ की तरह चल रहा था अवैध कारोबार... प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी संजय मिश्रा इस मकान का इस्तेमाल भांग के स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट के रूप में कर रहा था। यहां भांग को बुरादा बनाकर पैकिंग की जाती थी, जिसे आगे सप्लाई करने की तैयारी रहती थी।
मकान के अंदर जिस तरह से भांग को अलग-अलग हिस्सों में रखा गया था, उससे साफ संकेत मिलता है कि यह कोई छोटी-मोटी गतिविधि नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से संचालित नशे की फैक्ट्री थी।
आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर गहन जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान: कुल 1182 किलोग्राम भांग बरामद की गई। अनुमानित कीमत करीब 2.36 लाख रुपए बताई गई।
आबकारी विभाग की सख्ती, मौके पर बढ़ा तनाव...
सूचना मिलते ही आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल और सहायक जिला आबकारी अधिकारी राघवेंद्र कुशवाह की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे माल को जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। सूत्रों के अनुसार बीच में कथित रूप से लेन-देन की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए किसी भी दबाव को नकार दिया और पूरी कार्रवाई निष्पक्ष रूप से पूरी की।
फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मामला दर्ज... आरोपी संजय मिश्रा को इस पूरे अवैध कारोबार का संचालक माना जा रहा है। उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भांग की सप्लाई कहां से हो रही थी।
किन-किन शहरों में इसकी डिलीवरी होती थी.इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों और राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा अवैध कारोबार एक रिहायशी इलाके में चल रहा था। आसपास रहने वाले लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि शहर में ऐसे और कितने “छिपे हुए” अड्डे सक्रिय हो सकते हैं।
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