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विश्व पर्यावरण दिवस: एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौधारोपण; मंत्री ने लिया 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 जून 2026, 4:19 pm
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विश्व पर्यावरण दिवस

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को शहर में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और जल संवर्धन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की "एक बगिया मां के नाम" पहल के तहत शहर के कई क्षेत्रों में पौधारोपण किया गया।

मंत्री ने लिया 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प
नंदानगर स्थित शासकीय आईटीआई परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विधायक रमेश मेंदोला, सभापति मुन्नालाल यादव, उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण किया।

इस अवसर पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घोषणा करते हुए कहा कि इस वर्ष भी बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए 21 लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

स्कूल परिसर में बनी ‘मां के नाम बगिया’
वार्ड 23 स्थित शासकीय विद्यालय क्रमांक-8 में "एक बगिया मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

वार्ड 32 में भी चला पौधारोपण अभियान
वार्ड क्रमांक 32 में भी व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और हरियाली बढ़ाने के महत्व पर चर्चा की गई।

गौरी नगर बना जल संरक्षण का मॉडल
जहां एक ओर शहर में पौधारोपण हुआ, वहीं वार्ड 20 के गौरी नगर में जल संरक्षण की अनूठी पहल चर्चा का केंद्र रही। पार्षद अमित पटेल और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक क्षेत्र की 8 से 10 गलियों में 150 से अधिक वाटर रिचार्जिंग सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

विशेष बात यह है कि नागरिक स्वयं 5 से 6 हजार रुपये खर्च कर अपने घरों और मोहल्लों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था बना रहे हैं।

जल है तो कल है को बना रहे जनआंदोलन
अभियान का लक्ष्य वार्ड 20 को 100 प्रतिशत वाटर रिचार्जिंग युक्त वार्ड बनाना है। अभियान से जुड़े लोगों का मानना है कि भविष्य में जल संकट से बचने का सबसे प्रभावी उपाय वर्षा जल को वापस जमीन में पहुंचाना है। यदि हर नागरिक इस दिशा में योगदान दे, तो भूजल स्तर में सुधार के साथ पानी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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