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महिला मैकेनिकों ने बनाई ई-साइकिल: एक चार्ज में चलेगी 25 से 30 किमी; दो घंटे में होगी चार्ज, पैडल से भी चलेगी

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जून 2026, 5:31 pm
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महिला मैकेनिकों ने बनाई ई-साइकिल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की महिला मैकेनिकों ने आत्मनिर्भरता और नवाचार का शानदार उदाहरण पेश करते हुए एक इलेक्ट्रिक साइकिल तैयार की है। गुरुवार को इसका लोकार्पण किया गया। महिला मैकेनिक गैरेज ‘यंत्रिका सर्विस सेंटर’ द्वारा विकसित इस साइकिल का नाम ‘यंत्रिका ई-साइकिल’ रखा गया है।

एक बार चार्ज में 25-30 किलोमीटर की रेंज
महिला मैकेनिक शिवानी रघुवंशी ने बताया कि यह ई-साइकिल एक बार चार्ज होने पर लगभग 25 से 30 किलोमीटर तक चल सकती है। इसकी अधिकतम गति 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा है। फिलहाल इसकी कीमत तय नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।

आईआईटी बॉम्बे के विद्यार्थियों का मिला सहयोग
इस परियोजना को साकार करने में आईआईटी बॉम्बे के विद्यार्थियों ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। उनकी मदद से महिला मैकेनिकों ने ई-साइकिल के डिजाइन और तकनीकी विकास पर काम किया।

दो घंटे में चार्ज, पैडल से भी चलेगी
शिवानी रघुवंशी के अनुसार साइकिल को पूरी तरह चार्ज होने में लगभग दो घंटे का समय लगता है। इसमें कई उपयोगी फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें हॉर्न, एलईडी लाइट, एक्सिलेटर, दो बैटरियां शामिल हैं। खास बात यह है कि बैटरी खत्म होने पर इसे सामान्य साइकिल की तरह पैडल मारकर भी चलाया जा सकता है।

मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किफायती विकल्प
महिलाओं का कहना है कि बढ़ती पेट्रोल कीमतों और महंगे दोपहिया वाहनों को देखते हुए यह ई-साइकिल तैयार की गई है। इसका उद्देश्य मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के लोगों को कम लागत वाला परिवहन विकल्प उपलब्ध कराना है।

शुरुआती चरण में पांच ई-साइकिल तैयार
समान सोसाइटी के डायरेक्टर राजेंद्र बंधु ने बताया कि फिलहाल पांच ई-साइकिलें तैयार की गई हैं। अभी निर्माण लागत अपेक्षाकृत अधिक है, लेकिन भविष्य में रॉ मटेरियल सीधे खरीदने से लागत कम होगी और इसकी कीमत आम लोगों की पहुंच में लाई जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल महिलाओं की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि पर्यावरण अनुकूल और किफायती परिवहन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

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