केदारनाथ यात्रा पर मौसम की मार: हवाई सेवा ठप; 5 हजार से अधिक हेलीकॉप्टर टिकट रद्द
KHULASA FIRST
संवाददाता

लगातार बारिश से पैदल मार्ग फिसलन भरा, भूस्खलन का खतरा बढ़ा; प्रशासन अलर्ट मोड पर...
खुलासा फर्स्ट, रुद्रप्रयाग।
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा इन दिनों मौसम की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। केदारघाटी में लगातार हो रही बारिश ने यात्रा व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया है।
खराब मौसम के कारण जहां हेलीकॉप्टर सेवाएं बार-बार बाधित हो रही हैं, वहीं पैदल यात्रा मार्ग पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ने से श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हवाई सेवाओं पर सबसे बड़ा असर...लगातार खराब मौसम के चलते केदारनाथ के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक पांच हजार से अधिक हेलीकॉप्टर टिकट निरस्त किए जा चुके हैं।
कई श्रद्धालु ऐसे हैं जो केवल हवाई मार्ग से ही यात्रा करने की योजना बनाकर पहुंचे थे। टिकट रद्द होने के बाद इनमें से अनेक यात्रियों को बिना दर्शन किए वापस लौटना पड़ रहा है, क्योंकि वे स्वास्थ्य कारणों या उम्र के चलते पैदल यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबे इंतजार और बार-बार टिकट रद्द होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
पैदल मार्ग पर बढ़ी परेशानी...दूसरी ओर गौरीकुंड से केदारनाथ तक जाने वाला पैदल मार्ग भी बारिश के कारण चुनौतीपूर्ण बन गया है। लगातार वर्षा से रास्तों पर फिसलन बढ़ गई है और कई स्थानों पर पहाड़ियों से पत्थर एवं मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार मार्ग की निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा रहा है।
घोड़े-खच्चरों पर सफर करने वाले भी डरे... बारिश का असर घोड़ा-खच्चर संचालन पर भी दिखाई दे रहा है। फिसलन के कारण कई स्थानों पर जानवरों के फिसलने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यात्रियों में डर का माहौल है। कई श्रद्धालु अब घोड़े या खच्चर की सवारी करने से भी हिचक रहे हैं। संचालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
शून्य से नीचे पहुंचा तापमान...लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण केदारनाथ धाम क्षेत्र में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। इसके चलते हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान असामान्य रूप से कम होना) का खतरा बढ़ गया है।
बारिश में भीगने के कारण कई श्रद्धालु सर्दी, बुखार और ठंड से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी धाम और यात्रा मार्ग पर सतर्क हैं तथा जरूरत पड़ने पर यात्रियों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी...जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जहां भी खतरे की आशंका होगी, वहां यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका जाएगा और मौसम सामान्य होने पर ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
आस्था बरकरार, लेकिन सावधानी जरूरी...मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन हालात के बीच भी बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
हालांकि प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें, पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखें और खराब मौसम में अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।
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