छात्रों की समस्याएं केवल उठाएंगे ही नहीं: उनका निराकरण भी करवाएंगे; विक्रमसिंह सचान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नियुक्त
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) में कल युवा नेता और सिविल इंजीनियर विक्रमसिंह सचान को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सचान मेडिकेप्स कालेज छात्रसंघ अध्यक्ष रहे हैं और छात्रों की समस्याओं को बखूबी समझते हैं। उनके मन में छात्रों के लिए संघर्ष करने का जज्बा है और सधी हुई सोच भी है। उनका कहना है कि वे केवल समस्याएं उठाकर नहीं रह जाएंगे, बल्कि उन्हें हल करवाने की कोशिश भी करेंगे।
सचान की नियुक्ति कल प्रदेशाध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े की सहमति से की। पेशे से सिविल इंजीनियर विक्रमसिंह सामान्य परिवार से हैं। पिता पंकजसिंह सचान रीयल स्टेट कारोबारी हैं और परिवार की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है, लेकिन सचान के मन में छात्रों की समस्याओं को हल कराने को लेकर जज्बा है और सोच भी है, इसलिए उन्होंने इसके लिए राजनीतिक मंच चुना।
विपक्षी छात्र संगठन होने के नाते कई चुनौतियां हैं सामने...खुलासा फर्स्ट से चर्चा में सचान ने बताया कि विपक्षी छात्र संगठन होने के नाते उनके सामने कई चुनौतियां हैं। फिर भी संगठन को मजबूत करने के लिए पिछले दिनों छात्र जोड़ो अभियान चलाया गया था, जिस दौरान 10 हजार छात्रों को कनेक्ट किया गया। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है। वे जिलेभर के सभी विश्वविद्यालयों में जाएंगे और छात्रों से मिलकर संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
हम जानते हैं कि हमारा संघर्ष विपक्ष में होने के नाते बेहद लंबा है, लेकिन फिर भी हम छात्रों की समस्याएं सुनने और हल करवाने के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाएंगे। मुझे विश्वास है कि छात्र अपने लिए उचित संगठन का चुनाव करते हुए एनएसयूआई को ही चुनेंगे।
सचान की नियुक्ति पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चोकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, सरफराज अंसारी, रजत पटेल समेत अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बधाई दी।
भाराछासं की प्रदेश कार्यकारिणी में महासचिव भी रहे
वे मेडिकेप्स विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं और लगभग चार वर्षों तक उन्होंने छात्रों की समस्याओं को लेकर संघर्ष किया है। अपनी समझबूझ से उन्होंने समस्याओं का समाधान कराया है। विक्रमसिंह एनएसयूआई की प्रदेश कार्यकारिणी में महासचिव भी रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बखूबी किया है। उनकी संघर्षशीलता और सही सोच के कारण उन्हें एनएसयूआई का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति के पीछे जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिन्होंने उनकी राजनीतिक प्रतिभा को परखा और समझा।
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