हम भेड़ नहीं हैं फिर हमें एक गडरिया क्यों चाहिए
KHULASA FIRST
संवाददाता

राजकुमार जैन स्वतंत्र लेखक खुलासा फर्स्ट, इंदौर
सिग्नल पर लाल बत्ती जलती है और कोई पुलिस कर्मी नहीं दिखाई पड़े तो हम रुकते नहीं हैं। पुलिसकर्मी खड़ा हो तो हेलमेट पहन लेते हैं। कैमरा दिखाई दे तो सीट बेल्ट लगा लेते हैं। चालान का डर हो तो गति कम कर देते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ डंडा लेकर खड़े किसी गडरिए की है?
भेड़ों के झुंड को रास्ते पर बनाए रखने के लिए एक डंडे वाले गडरिए की जरूरत पड़ती है, लेकिन इंसान को अपने जीवन और अपने परिवार की खुशी बचाने के लिए हर मोड़ पर डंडे की जरूरत क्यों पड़े? हमारे पास विवेक है, अनुभव है और सबसे बड़ी बात, अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी है। फिर भी सड़क पर वाहन चलाते समय हम अक्सर इन तीनों को घर पर छोड़ आते हैं।
एक पिता तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाता है, जबकि घर पर बच्चे उसका इंतजार कर रहे होते हैं। एक बेटा बिना हेलमेट मोटरसाइकिल चलाता है, जबकि उसकी मां उसके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना करती है। कोई मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाता है और भूल जाता है कि सड़क पर उसका एक क्षण किसी दूसरे परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकता है। कानून जरूरी है।
पुलिस और कैमरे भी जरूरी हैं, लेकिन कानून का डर हमारी पहली जरूरत नहीं, आखिरी मजबूरी होना चाहिए। सवाल यह नहीं कि चौराहे पर पुलिसकर्मी खड़ा है या नहीं। सवाल यह है कि हमारे भीतर का नागरिक बोध कितना जागा हुआ है? हमें ऐसा समाज बनाना होगा जहां लाल बत्ती पर रुकने के लिए चालान का डर नहीं, जीवन का सम्मान पर्याप्त कारण हो। जहां हेलमेट पुलिस से बचने के लिए नहीं, घर सुरक्षित लौटने के लिए पहना जाए।
जिस दिन हम अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लेना सीख जाएंगे, उस दिन सड़कों पर गड़रियों की जरूरत कम और जिम्मेदार नागरिकों की संख्या ज्यादा होगी, क्योंकि लोकतंत्र में नागरिक भेड़ नहीं होते, वे अपने फैसले खुद लेने वाले मनुष्य होते हैं। (ये लेखक के निजी विचार हैं।)
संबंधित समाचार

फतवे से नहीं टूटेगा निकाह:हाईकोर्ट बोला- तलाक का फैसला कानून करेगा; धार्मिक संस्था नहीं

घर के आंगन से महिला का अपहरण:जंगल में ले जाकर दुष्कर्म; जीजा समेत चार गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी:अब पुराने लेजर के हर पन्ने का हिसाब मांग रही पुलिस रडार पर 100 से ज्यादा लोग

करोड़ों की कृषि जिंस धोखाधड़ी:बंधक बोरियों से माल गायब; गोदामों में मिला भूसा-मिट्टी, तीन कारोबारियों समेत पांच नामजद

हरिद्वार से हरियाणा तक 200 किलोमीटर की कावड़ यात्रा:रास्ते में मनजीत रोज ठोंक रहे 3500 सपाटे

केदारनाथ यात्रा मार्ग में उफान पर आया गधेरा:हाईवे बंद; फंसे यात्री

शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 21.63 लाख की ठगी:तीन साइबर आरोपी गिरफ्तार; 2.55 लाख रुपए नकद जब्त

दो बार टिकट कटा, फिर भी नहीं छोड़ा कांग्रेस का साथ:दतिया की जीत के बाद इस नेता को मिला इनाम; दी गई ये बड़ी जिम्मेदारी

दूध और पनीर का काला सच:जब सफेदी के नाम पर बिकने लगा ज़हर

दतिया हार:सतही समीक्षा से गहरे संकट का इलाज कैसे होगा

पुलिस की तत्परता से बची छात्र की जान:चलती बाइक से गिरकर हुआ था बेहोश; जवानों ने सीपीआर देकर पहुंचाया अस्पताल

21 करोड़ की साइबर ठगी में भाजपा जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार:खाते में पहुंचे थे लाखों रुपए; 20 हजार अकाउंट जांच के घेरे में

सरेंडर से पहले शिलॉन्ग में सोनम के साथ ही ठहरा था पूरा परिवार:राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया दावा

होटल मैनेजर को पीटा:छह युवक-युवतियों पर केस दर्ज

नशे के खिलाफ दूधी का मॉडल नंबर-1:जागरूकता से लेकर एक्शन तक दिखाई दमदार पुलिसिंग

गैंगस्टर सतीश भाऊ के गुर्गे प्रधान बाप-बेटे दोनों ही जालसाजी में भी है नंबर-1:पड़ोसी के बेटे को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसवाकर राजीनामे के मांगे 10 लाख

आरटीआई रैकेट तक पहुंची नाना पटवारी केस की जांच:प्रशासन आरटीआई लगाकर ब्लैकमेलिंग करने वालों के खिलाफ जल्द शुरू करने वाला है मुहिम

महाकाल के दर्शन करने आए श्रद्धालु की कार से लाखों की चोरी:ढाई मिनट में बैग ले उड़ा युवक; लैपटॉप-मोबाइल और नकदी गायब

सिटी बस ने बाइक को मारी टक्कर:पिता की मौत; बेटा घायल, ऑफिस जाते समय हुआ हादसा

42 सौ किलोमीटर तक दौड़ने वाले कार्तिक की राह में अभावों का ब्रेक:ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतने की चाह; पर शासन-प्रशासन से नहीं मिल रही कोई मदद
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!