शिप्रा आरती पर घमासान: पुलिस बल प्रयोग के विरोध में जल सत्याग्रह; 11 साल की परंपरा और नई व्यवस्था आमने-सामने
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
शिप्रा आरती के आयोजन को लेकर उज्जैन में प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के बीच विवाद अब विरोध प्रदर्शन तक पहुंच गया है। रामघाट पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में पंडा समिति ने शनिवार शाम से शिप्रा नदी में जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। विवाद की जड़ 11 साल से चली आ रही आरती परंपरा और महाकाल मंदिर समिति की ओर से नई व्यवस्था के तहत आरती शुरू करने को लेकर है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी व्यवस्था सही बता रहे हैं, जबकि प्रशासन विवाद का समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।
11 साल से पंडा समिति करा रही आरती
पंडा समिति के मुताबिक रामघाट पर वर्ष 2015 से शाम करीब 6:30 बजे शिप्रा आरती आयोजित की जा रही है। समय के साथ आरती के स्वरूप को भी भव्य बनाया गया। समिति का कहना है कि इतने वर्षों से चली आ रही परंपरा को अचानक बदलकर आरती की जिम्मेदारी महाकाल मंदिर समिति को देना पुरोहितों को आयोजन से बाहर करने जैसा है।
5 अगस्त को शुरू हुआ नया विवाद
पंडा समिति के अनुसार 5 अगस्त को महाकाल मंदिर समिति ने महाकाल थाना और प्रशासन को पत्र भेजकर शिप्रा आरती के लिए सुरक्षा और जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद शाम करीब 5 बजे मंदिर समिति के बटुक रामघाट पहुंचे।
पंडा समिति के लोगों ने उन्हें आरती करने से रोक दिया। इससे दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना रहा। बाद में मंदिर समिति के बटुकों ने रामघाट पर दूसरी जगह आरती की।
7 अगस्त को पुलिस बल प्रयोग से बढ़ा विवाद
7 अगस्त को एक बार फिर महाकाल मंदिर समिति के बटुक रामघाट पहुंचे तो पंडा समिति ने उन्हें आरती करने से रोक दिया। मौके पर पुलिस बल के साथ दो एसडीएम पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनी।
इसके बाद पुलिस ने पंडा समिति के पुजारियों को हल्के बल प्रयोग के जरिए वहां से हटाया और महाकाल मंदिर समिति के बटुकों से दूसरी जगह आरती कराई। इसी कार्रवाई के विरोध में पंडा समिति ने जल सत्याग्रह शुरू करने का निर्णय लिया।
पंडा समिति बोली- 11 साल की परंपरा नहीं छोड़ेंगे
पंडा समिति के राजेश त्रिवेदी का कहना है कि तीर्थ पुरोहित वर्ष 2015 से लगातार शिप्रा आरती कराते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों की परंपरा और व्यवस्था को अचानक बदलना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समिति का कहना है कि पुरोहित अपनी परंपरा के अनुसार आरती कराएंगे और महाकाल मंदिर समिति को इसके आयोजन की जिम्मेदारी नहीं लेने देंगे। समिति ने प्रशासन से दोनों पक्षों को अपनी-अपनी व्यवस्था के अनुसार काम करने देने की मांग की है।
प्रशासन बोला- सभी को साथ लेकर चलने का प्रस्ताव था
एसडीएम एलएन गर्ग के मुताबिक प्रशासन की ओर से पंडा समिति के पुरोहितों को महाकाल मंदिर समिति के बटुकों के साथ मिलकर आरती करने का प्रस्ताव दिया गया था। दोनों पक्षों को साथ लेकर आयोजन करने की कोशिश की गई, लेकिन पुरोहित इसके लिए तैयार नहीं हुए।
प्रशासन के मुताबिक अब शिप्रा आरती महाकाल मंदिर समिति की ओर से रोजाना कराई जाएगी। शनिवार शाम भी रामघाट पर आरती आयोजित की गई।
सिंहस्थ के मद्देनजर भव्य आरती की तैयारी
एसडीएम पवन बारिया ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को हरिद्वार की तर्ज पर भव्य शिप्रा आरती का अनुभव देना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में किसी को हटाने या रोकने का उद्देश्य नहीं है।
स्मार्ट सिटी ने भी निकाला टेंडर
इसी बीच शिप्रा आरती को बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में विकसित करने की तैयारी भी चल रही है। उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने ‘उज्जैन में मां शिप्रा आरती का आयोजन’ नाम से टेंडर जारी किया है।
योजना के तहत निजी एजेंसी के माध्यम से आरती के आयोजन, प्रबंधन, ब्रांडिंग और डिजिटल प्रचार-प्रसार की व्यवस्था प्रस्तावित है। स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा के मुताबिक चयनित एजेंसी पीपीपी मॉडल के तहत यूनिटी मॉल के पीछे स्थित शिप्रा घाट पर दैनिक और विशेष आरती का आयोजन करेगी।
आरती से आगे बढ़ा मामला, अब अधिकार और परंपरा का सवाल
शिप्रा आरती को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल आयोजन की व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर 11 साल पुरानी तीर्थ पुरोहितों की परंपरा है, तो दूसरी ओर सिंहस्थ को देखते हुए प्रशासन की ओर से आरती को नए और बड़े स्वरूप में आयोजित करने की तैयारी है।
फिलहाल जल सत्याग्रह के साथ विवाद और गहरा गया है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन पुरानी परंपरा और नई व्यवस्था के बीच ऐसा रास्ता कैसे निकालता है, जिससे शिप्रा आरती भी जारी रहे और तीर्थ पुरोहितों की आपत्ति का समाधान भी हो सके।
संबंधित समाचार

अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' को बम से उड़ाने की धमकी:15 दिन में दूसरी बार आया ई-मेल; BSE और बॉम्बे हाईकोर्ट भी निशाने पर, मुंबई में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

दिलजीत दोसांझ के शो को महापौर की हरी झंडी:बोले- शो अच्छे से हो; किसी को बेवजह परेशान न करें

कर्मभूमि एक्सप्रेस के 4 कोच में लगी भीषण आग:यात्रियों में मची चीख-पुकार; दूर से दिखाई दिया धुएं का गुबार

दीपावली पर राजवाड़ा के बाजारों में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था:तीन लेयर में होगा डायवर्शन; कई रास्तों पर वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित

वीडियो देखिये, दीपावली पर पुलिस का तोहफा:274 लोगों के चेहरों पर लौटाई मुस्कान; 88 लाख से ज्यादा के मोबाइल वापस मिले

कलयुगी बेटे की हैवानियत:माता-पिता को उतारा मौत के घाट; लकड़ी से दोनों पर किए ताबड़तोड़ वार

वरिष्ठ नेता बने प्रदेश भाजपा मुख्यालय के प्रभारी:संगठन ने सौंपी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

वीडियो देखिये, दादा-पोते की गजब केमिस्ट्री:सियासत की पाठशाला में अभी से नजर आ रहे सहस्त्र जय सिंह; दिग्विजय सिंह के साथ यात्राओं में भी हो रहे शामिल

त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग की सख्ती 16 प्रतिष्ठानों पर छापेमार निरीक्षण:दो दुकानों को सुधार नोटिस

11वीं की छात्रा से सहपाठी ने किया दुष्कर्म:एक साल तक वीडियो से करता रहा ब्लैकमेल; पुलिस ने आरोपी छात्र को किया गिरफ्तार

56 दुकान की सफाई में खामी मिली:सुपरवाइजर को हटाया

अमानक स्तर वाला 1.20 लाख रुपए कीमत का मावा जब्त:शुद्धता को लेकर खाद्य विभाग की कार्रवाई जारी

चेक बाउंस मामले में दिग्गज अभिनेता की बढ़ी मुश्किलें:गिरफ्तारी वारंट जारी; इस वजह से कोर्ट ने लिया एक्शन

सियागंज में फिर रंगदारी का आतंक:व्यापारी से मांगे 1 लाख

पटाखा बाजार पर प्रशासन की सख्ती दीपावली शुरू होने के बाद जागी

दीपावली पर शहर में सुरक्षा का सख्त पहरा:पुलिस कमिश्नर ने ली अधिकारियों की बैठक; पटाखा बाजारों से संवेदनशील इलाकों तक रहेगी निगरानी, ड्रोन से भी होगी गश्त

सड़क पर मौत का जिम्मेदार कौन:व्यवस्था की खामी या हमारी मनमानी

युवक-युवती की कार से कुचलकर हत्या:मौसेरे भाई पर आरोप; पुलिस ने गाड़ी की बरामद

खातेगांव थाना प्रभारी की शहादत के बाद भी अवैध शराब का परिवहन जारी:बायपास पर बिना नंबर प्लेट की बाइक से शराब जब्त; ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना, आबकारी विभाग की निगरानी और अवैध शराब के नेटवर्क पर उठे सवाल

कुलपति राकेश सिंघई कांग्रेस के सवालों से बचकर निकले:आरएसएस-भाजपा नेताओं की मेहमाननवाजी पर घिरे
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!