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वीडियो देखिये, पूर्वी रिंग रोड के विरोध में किसानों ने की सांसद से मुलाकात: एफआईआर की आशंका पर बढ़ी चिंता, मिला आश्वासन- किसी किसान पर दर्ज नहीं हुआ मामला

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 5:16 pm
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पूर्वी आउटर रिंग रोड परियोजना को लेकर किसानों का विरोध लगातार जारी है। हाल ही में कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने वाले किसानों में उस समय नाराजगी बढ़ गई, जब उन्हें संगठन के अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की सूचना मिली। मामले की सच्चाई जानने और अपनी चिंताएं रखने के लिए बुधवार को बड़ी संख्या में किसान सांसद शंकर लालवानी के निवास पहुंचे।

किसानों ने सांसद के समक्ष भूमि अधिग्रहण, प्रस्तावित अलाइनमेंट और एफआईआर संबंधी आशंकाओं को लेकर चर्चा की। सांसद ने किसानों को आश्वस्त किया कि फिलहाल किसी भी किसान के खिलाफ कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है।

एफआईआर की सूचना से किसानों में फैली चिंता
किसान नेता मनोज पटेल ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बाद संगठन के अध्यक्ष संतोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की सूचना मिली थी। इसी कारण किसानों में चिंता बढ़ गई और देर रात सांसद शंकर लालवानी से संपर्क किया गया।

उन्होंने कहा कि यदि किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो सैकड़ों किसान इसके विरोध में खड़े होंगे। हालांकि सांसद द्वारा पुलिस अधिकारियों से चर्चा करने के बाद स्पष्ट किया गया कि किसी भी किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

उपजाऊ जमीन बचाने की मांग पर अड़े किसान
किसानों का कहना है कि पूर्वी आउटर रिंग रोड के लिए प्रस्तावित भूमि अत्यंत उपजाऊ है और सड़क की चौड़ाई लगभग 265 फीट होने से बड़ी संख्या में किसानों की कृषि भूमि प्रभावित होगी। किसानों का दावा है कि इससे कई परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।

किसान लखनलाल पटेल ने कहा कि छह तहसीलों के गांवों के किसान इस परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं। किसानों की मांग है कि या तो परियोजना का अलाइनमेंट बदला जाए अथवा इसे निरस्त किया जाए ताकि खेती और किसानों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

"किसानों की सहमति के बिना एक इंच जमीन नहीं ली जाएगी"
किसान मनोज पटेल ने बताया कि सांसद शंकर लालवानी शुरू से किसानों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया है कि उनकी सहमति और उचित संवाद के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। साथ ही अलाइनमेंट के मुद्दे पर पुनर्विचार के लिए सरकार और प्रशासन से चर्चा जारी है।

सांसद बोले- अलाइनमेंट के प्रस्तावों का होगा परीक्षण
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि पूर्वी आउटर रिंग रोड को लेकर किसानों की आपत्तियां लंबे समय से सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को बेहतर मुआवजा देने और गाइडलाइन दरों में वृद्धि जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन किसानों की मुख्य चिंता अपनी कृषि भूमि को बचाने की है। उन्होंने कहा कि किसानों का सुझाव है कि जहां संभव हो, सड़क का अलाइनमेंट सरकारी जमीनों की ओर स्थानांतरित किया जाए। इस प्रस्ताव का परीक्षण जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है।

पुलिस ने भी किया स्पष्ट
पुलिस सूत्रों के अनुसार किसानों के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। संबंधित व्यक्तियों से केवल जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से संपर्क किया गया था। इसके बाद एफआईआर की आशंका को लेकर फैली भ्रांतियां दूर हो गईं।

आंदोलन जारी, बातचीत पर टिकी निगाहें
सांसद के आश्वासन से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और अलाइनमेंट को लेकर उनका विरोध अभी समाप्त नहीं हुआ है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और किसानों के बीच होने वाली बातचीत इस विवाद के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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