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वंदे मातरम् विवाद और बाप में दम बयान पड़ा भारी: दो चर्चित महिला पार्षदों पर आखिर केस दर्ज; माफी और खेद से भी पुलिस संतुष्ट नहीं

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 अप्रैल 2026, 11:11 am
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वंदे मातरम् विवाद और बाप में दम बयान पड़ा भारी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में वंदे मातरम को लेकर भड़का विवाद पुलिस थाने से सियासत के गलियारों तक गर्माया हुआ है। आपत्तिजनक बयान देने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रूबीना खान पर आखिरकार केस दर्ज हो ही गया। इससे पहले पुलिस ने कल और परसों दोनों के बयान लिए थे, जिसमें उन्होंने माफी मांगते हुए खेद जताया था।

बयान ने पकड़ लिया था तूल
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों इंदौर नगर निगम में बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेसी पार्षद फौजिया शेख अलीम के वंदे मातरम को लेकर दिए गए बयान ने तूल पकड़ लिया था। इस मामले में कांग्रेस पाषज़्द रूबीना इकबाल खान भी कूद पड़ी थीं और बाप में दम हो तो वंदे मातरम् बुलवाकर दिखाएं- जैसा बयान दिया था। इससे इंदौर से लेकर भोपाल तक सियासी भूचाल आ गया था। भाजपा पार्षदों ने दोनों कांग्रेसी पार्षदों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एमजी रोड थाने में शिकायत की थी।

विवादित शब्दों को लेकर जवाब मांगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयान के बाद केस दर्ज होने के इशारे मिले थे। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद केस दर्ज करने में रुचि दिखाई। पहले निगम सभापति मुन्नालाल यादव और भाजपा पार्षदों के बयान के साथ डिजिटल सबूत लिए गए। इसके बाद परसों फौजिया शेख अलीम के कथन लिए गए।

बयानों पर लिया यू-टर्न
इस दौरान फौजिया ने यू-टर्न लिया और वंदे मातरम् गाने पर किसी तरह की आपत्ति नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि हम तो पहले भी गाते रहे हैं। कल एमजी रोड पुलिस ने रूबीना खान को कथन देने बुलवाया था। पति इकबाल खान के साथ पहुंची रूबीना से करीब साढ़े चार घंटे चली पूछताछ में पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए और विवादित शब्दों को लेकर जवाब मांगा।

गुस्से में कहा था
थाने पहुंचने से पहले रूबीना ने अपने बयान पर यू-टर्न लेते हुए कहा कि उन्होंने गुस्से में आकर किसी के बाप में दम हो और कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए जैसे शब्द कहे थे, जिन पर उन्हें खेद है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी वंदे मातरम् का अपमान नहीं किया और हमेशा सम्मान किया है।

यह सफाई भी दी
उन्होंने कहा कि वे 7 और 8 अप्रैल को वंदे मातरम् के दौरान सावधान की मुद्रा में खड़ी थीं और आगे भी ऐसा करती रहेंगी। राष्ट्र गीत का सम्मान हर भारतीय का फर्ज है, कहते हुए उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। आखिरकार पुलिस निष्कर्ष पर पहुंची और रात में दोनों महिला कांग्रेस पार्षदों पर केस दर्ज कर लिया।

डिजिटल साक्ष्यों को आधार मारकर जांच
एसीपी कोतवाली सर्कल विनोद दीक्षित के अनुसार निगम सभा पति मुन्नालाल यादव और करीब आधा दर्जन से ज्यादा भाजपा पार्षदों के कथनों के साथ डिजिटल साक्ष्यों को आधार मारकर जांच की गई। दोनों कांग्रेसी पार्षदों के बयान भी दर्ज किए गए। वीडियो फुटेज का भी परीक्षण किया गया। इसके बाद कल देर रात दोनों महिला कांग्रेसी पार्षदों पर 196 बीएनएस का केस दर्ज कर लिया गया है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है धारा और प्रावधान
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 196 (पूर्व में आईपीसी 153ए) धर्म, जाति, भाषा या जन्म स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता (नफरत) बढ़ाने, या सद्भाव बनाए रखने के प्रतिकूल कार्य करने को एक गंभीर अपराध बनाती है। इस अपराध में अधिकतम 3 साल की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं, और धार्मिक स्थलों पर ऐसा करने पर सजा 5 साल तक हो सकती है। यह एक गैर-जमानती अपराध है।

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