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कीटनाशक की जहरीली गैस से दो मासूमों की मौत: नानी के घर छुट्टियां मनाने आए थे; 3 की हालत गंभीर

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 अप्रैल 2026, 2:00 pm
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कीटनाशक की जहरीली गैस से दो मासूमों की मौत

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
शहर में कीटनाशक से बनी जहरीली गैस के कारण एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। यह दर्दनाक हादसा इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी हिल्स इलाके में हुआ।

एक ही कमरे में सो रहे थे सभी सदस्य
जानकारी के अनुसार, लालचंद प्रजापत के घर उनकी दोनों बेटियां पूजा और रीना अपने-अपने बच्चों के साथ गर्मियों की छुट्टियां बिताने आई थी। सोमवार रात सभी लोग एक ही कमरे में सोए थे। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।

इलाज के दौरान मौत
डेढ़ माह की त्रिशा के मुंह से झाग निकलता देख परिजन घबरा गए और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह 4 साल की अनिका उर्फ अन्नू ने भी दम तोड़ दिया।

एक बच्ची इंदौर रेफर, दो का इलाज जारी
हादसे में जेनिशा की हालत गंभीर होने पर उसे इंदौर रेफर किया गया है, जबकि रेहान और येशु का इलाज उज्जैन के अस्पताल में जारी है।

गेहूं में डाली दवा बनी मौत का कारण
नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के अनुसार, जिस कमरे में परिवार सो रहा था, वहां करीब चार क्विंटल गेहूं रखा हुआ था। गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए उसमें कीटनाशक दवा (सल्फास) डाली गई थी, जिससे रातभर जहरीली गैस बनती रही।

डॉक्टर जितेंद्र शर्मा के मुताबिक, सल्फास से निकलने वाली गैस बंद कमरे में घातक साबित हो सकती है, खासकर छोटे बच्चों के लिए।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फॉरेंसिक टीम भी मौके से सैंपल जुटा रही है। बच्चों की मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

नानी ने खुद को ठहराया जिम्मेदार
मृत बच्चों की नानी कला बाई प्रजापत ने रोते हुए बताया कि उन्होंने एक हफ्ते पहले ही गेहूं में डालने के लिए दवा खरीदी थी और हर साल की तरह इस बार भी उसका इस्तेमाल किया, लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि वही दवा जानलेवा बन जाएगी।

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