नियम विरुद्ध रजिस्टर्ड हुईं हजारों बसें: दो शहर सबसे आगे; अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में बस पंजीयन से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेश के 52 परिवहन कार्यालयों में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी करते हुए 2440 नई बसों का पंजीयन कर दिया गया। यह खुलासा परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के पत्र से हुआ है, जिसमें 1 सितंबर 2025 से लागू नए नियमों के बावजूद पुराने प्रावधानों के आधार पर बसों के रजिस्ट्रेशन किए जाने की बात सामने आई है।
मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने लिखा पत्र
मामले को लेकर मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सहित परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर दोषी परिवहन अधिकारियों के खिलाफ निलंबन, बर्खास्तगी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।
2440 बसों के पंजीयन पर सवाल
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 सितंबर 2025 से 5 जून 2026 के बीच प्रदेश में कुल 2440 बसों का पंजीयन नियमों के विपरीत किया गया। इनमें 1487 यात्री बसें, 745 एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बसें, 141 स्कूल बसें, 67 प्राइवेट सर्विस व्हीकल शामिल हैं।
इंदौर में 387 और नीमच में 247 बसों का पंजीयन
सबसे अधिक पंजीयन इंदौर में 387 और नीमच में 247 बसों का हुआ। इसके बाद देवास, उज्जैन, आगर मालवा और भोपाल का स्थान रहा।
बस मालिक नहीं, अधिकारी जिम्मेदार
बस ऑनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने कहा कि बस ऑपरेटर वाहन खरीदकर पंजीयन के लिए प्रस्तुत करते हैं। नियमों का पालन सुनिश्चित करना परिवहन विभाग की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वाहन नियमों के अनुरूप नहीं थे तो उनका पंजीयन होना ही नहीं चाहिए था। ऐसे में बस मालिकों के बजाय उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने नियमों के विपरीत रजिस्ट्रेशन किए।
क्या बदला था नियमों में?
1 सितंबर 2025 से पहले बस बॉडी निर्माता फॉर्म-22B के जरिए स्वयं प्रमाणित करता था कि वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप है। इसी आधार पर बसों का पंजीयन किया जाता था। अब भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 6 मार्च 2024 को जारी अधिसूचना के तहत 1 सितंबर 2025 से फॉर्म-22B को समाप्त कर दिया।
अब नए नियमों के अनुसार 13 या उससे अधिक यात्रियों की क्षमता वाली बसों के लिए AIS-052 मानकों के तहत टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट (फॉर्म-53/153) अनिवार्य कर दिया गया। यह प्रमाणन केवल अधिकृत परीक्षण एजेंसियों द्वारा जारी किया जा सकता है। बिना इस प्रमाण पत्र के किसी भी बस का पंजीयन नहीं किया जा सकता।
आरोप : पुराने फॉर्म पर ही जारी रहे रजिस्ट्रेशन
एसोसिएशन का आरोप है कि परिवहन अधिकारियों को नए नियमों की पूरी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने पुराने और समाप्त हो चुके फॉर्म-22B के आधार पर बसों का पंजीयन कर दिया। संघ का कहना है कि इससे कुछ बस डीलरों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
141 स्कूल बसों का भी नियम विरुद्ध पंजीयन
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि 141 स्कूल बसों का भी कथित रूप से नियमों के विरुद्ध पंजीयन किया गया। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मानी जाती है। आंकड़ों के अनुसार भोपाल में 51, इंदौर में 48 और बैतूल में 10 स्कूल बसों का पंजीयन इस श्रेणी में दर्ज किया गया है।
परिवहन विभाग का पक्ष
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण शर्मा ने कहा कि परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुसार पूरे मामले की जांच जारी है। यदि किसी बस का पंजीयन नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसे निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी की भूमिका या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले में सभी की नजर परिवहन विभाग की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।
संबंधित समाचार

भाजपा पार्षद के घर पुलिस की दबिश:बाथरूम से मिली बड़ी मात्रा में अवैध शराब; देवर और साथी गिरफ्तार, पति फरार

फिर लड़कों से आगे बेटियां:महिला स्पर्धाओं में 10 गोल्ड; पुरुषों में 8, हॉकी ने दिलाया ओलिंपिक टिकट

चकमा देकर हथकड़ी समेत भागने के चक्कर में आरोपी के हाथ और पैर टूटे:पुलिसकर्मियों पर स्कॉर्पियो चढ़ाने वाले की करतूत

अनजान लिंक पर क्लिक करना पड़ा भारी:लगा लाखों रुपए का चूना; मोबाइल पर गेम खेल रहे थे बच्चे

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा- 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त करेंगे:नक्सली खत्म, अब बारी है नशे की: अमित शाह

16 हजार का लोन:बदनामी से डरकर गंवाए 3.07 लाख

टीईटी के विरोध में जुटे शिक्षक:बोले-किसी भी हाल में परीक्षा नहीं देंगे; ‘सांसद-विधायक पेंशन ले रहे तो हम क्यों नहीं?’

MP में सार्वजनिक परिवहन का होगा बड़ा विस्तार:2031 तक इतनी बसों का लक्ष्य; मुख्यमंत्री का बड़ा अपडेट

जीतू पटवारी कांग्रेस के मेल राखी सावंत:भाजपा नगर अध्यक्ष ने पीसीसी चीफ पर साधा निशाना

अपोलो टावर में 500 किलो का अवैध जंगला बना खतरे की घंटी:निगम अफसरों की साठगांठ से हो रहा अवैध निर्माण, शिकायतों के बाद भी मूकदर्शक

आईडीए की दोहरी नीति पर उठे सवाल:छात्रों की गूंज के लिए 14 लाख वसूले पटाखा कारोबारियों पर करीब 60 लाख बकाया फिर भी जमीन देने की तैयारी

सड़क पर कब्जा व्यवस्था धराशायी:भंवरकुआं पर रेंगती जिंदगियां, जिम्मेदार बेखबर

इस पार्टी ने राज्यसभा के लिए इतने उम्मीदवार किए घोषित:इनके नाम किए घोषित

दिग्गज फिल्ममेकर का निधन:95 साल की उम्र में ली अंतिम सांस;कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

हथकड़ी में नवीन ओझा की निकली सारी हेकड़ी:रिमांड अवधि में आरोपी को उसके घर लेकर पहुंची पुलिस

बहादुर कैप्टन ने इस देश के पीएम को सुनाई खौफनाक आपबीती:को-पायलट के खतरनाक इरादे बताए

MP में आयुष्मान मरीजों के इलाज पर संकट:इस दिन से प्रदेश में बंद होगा उपचार; 1000 एंबुलेंस से दिल्ली कूच की तैयारी

उठाए सवाल इस एप और नेट की डिजिटल प्रविष्टियां उपलब्ध नहीं:लाखों मतदाताओं के नाम हटाने पर आरटीआई में चुनाव कार्यालयों ने कहा

ACP पर महिला पत्रकार से छेड़छाड़ का आरोप:CJP ने थाने के बाहर जताया विरोध; पुलिस को दिया अल्टीमेटम

दूसरे पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने वाली रूपाली जैन अब जाएगी सलाखों के पीछे:आ गया खुद का नंबर
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!