नगर निगम में 125.75 करोड़ के फर्जी बिलों का खेल: ED की जांच में बड़ा खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम के बहुचर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एजेंसी की पड़ताल में सामने आया है कि नगर निगम में फर्जी बिलों के जरिए सरकारी धन की बंदरबांट का खेल वर्ष 2018 से भी पहले से चल रहा था। अब तक की जांच में 125.75 करोड़ रुपए के फर्जी बिलों का पता चला है, जिनमें से करीब 92.76 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है।
निगम के सबसे चर्चित फर्जी बिल घोटाले में ईडी ने मुख्य आरोपी इंजीनियर अभय राठौर को रिमांड पर लिया है। इससे निगम के अधिकारी दहशत में हैं। ईडी ने नगर निगम (आईएमसी) के साल 2024 में सामने आए फर्जी बिल घोटाले में पहली बार गिरफ्तारी ली है। ईडी इसमें डेढ़ साल पहले ही मनी लॉन्ड्रिग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज कर चुका है। मामले में ईडी ने मुख्य आरोपी अभय सिंह राठौर के साथ ठेकेदार मोहम्मद जाकिर और राहुल बदेरा को गिरफ्तार किया है। यह पांच जून तक रिमांड पर हैं।
कई अधिकारियों के नाम ले रहा राठौर, इसलिए गिरफ्तारी
प्राय: देखा जाता है कि ईडी गिरफ्तारी नहीं लेता है। लेकिन इस मामले में ईडी ने चिह्नित कर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी ली है, जबकि कई और हैं। इसकी मुख्य वजह है कि अभय राठौर इसमें लगातार सीवरेज/ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों के नाम ले रहा है। राठौर का का कहना है कि यह सब अधिकारियों की मंजूरी, हस्ताक्षर से राशि जारी हुई है। ऐसे में उन्होंने खुद को बचाने के लिए हमें फंसाया है। ऐसे में इन अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है।
शपथ पत्र देकर लगाए आरोप
राठौर ने तो शपथ पत्र देकर कोर्ट में अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाकर जांच की मांग की है। वहीं ईडी को यह भी जांचना है कि यह फर्जीवाड़ा कितने सालों से चल रहा था, क्योंकि यह मामला सिर्फ अभी का नहीं है, जिसमें केवल कुछ फाइल और उनका भुगतान आया है।
अभी तक 125.75 करोड़ का घपला
ईडी की जांच में पता चला है कि साल 2018 से 2023 के दौरान, लगभग 119.53 करोड़ रुपए के फर्जी और जाली बिल नगर निगम में लगाए गए। यह उन कामों के बिल थे, जो कभी हुए ही नहीं।
आरोपियों ने 86.54 करोड़ का लिया भुगतान
इस फर्जी बिल के बदले आरोपियों ने 86.54 करोड़ का भुगतान भी ले लिया। जांच में पता चला कि साल 2018 के पहले भी इस तरह के फर्जी बिल पेश कर 6.22 करोड़ की राशि का भुगतान हुआ है। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि अभी तक निगम में 125.75 करोड़ के फर्जी बिल लगे हैं और इसमें 92 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है।
बिना काम के 92 करोड़ ले लिए
नगर निगम ने उन कामों का 92.76 करोड़ का भुगतान किया है, जो कभी हुआ ही नहीं। यह पूरी तरह से फर्जी बिल थे। ऐसे में ईडी को आशंका है सालों से चल रहे इस खेल में कई और अधिकारी-कर्मचारियों शामिल हैं। इनकी जानकारी के लिए राठौर व ठेकेदारों को हिरासत में लिया है।
राठौर की अहम भूमिका
ईडी को जांच में यह भी पता चला कि राठौर, जो उस समय आईएमसी के सहायक अभियंता थे, इस घोटाले के प्रमुख षड्यंत्रकारियों में से एक थे। उन्होंने फर्जी कार्य आदेशों को तैयार करने और उन पर कार्रवाई करने में अहम भूमिका निभाई थी। ठेकेदार मोहम्मद जाकिर और राहुल बदेरा ने अपनी कंपनियों के माध्यम से नगर निगम के खजाने से फर्जी और जाली बिलों के बदले लगभग 71.78 करोड़ रुपए प्राप्त किए। उन्होंने धोखाधड़ी की रकम को षड्यंत्र में शामिल विभिन्न लोगों के बीच में बांटने में भूमिका निभाई।
पहले यह अटैचमेंट कर चुकी ईडी
इससे पहले ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान में 22.04 करोड़ रुपए और अन्य संपत्ति जब्त की। फिर तीन जुलाई 2025 को कुर्की के माध्यम से लगभग 34 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क किया।
कमेटी ने कुछ नहीं किया
यह मामला तत्कालीन निगमायुक्त हर्षिका सिंह के फरवरी-मार्च 2024 के समय सामने आया और उन्होंने जांच शुरू कराई। बाद में निगमायुक्त शिवम वर्मा बने, उन्होंने 16 अप्रैल 2024 को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराई और मामला पुलिस को सौंपा। फिर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इसमें जांच के लिए पत्र लिखा। मामले में उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी बनी और पीएस अमित राठौर भी 16 मई 2024 को इंदौर आए, लेकिन इसके बाद कमेटी की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई, जबकि कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट देना थी। वहीं निगम की जांच में 13 एजेंसियों के साल 2010 से 2022 तक के 693 बिलों की पड़ताल की गई थी। इनमें से केवल 204 बिल सही पाए गए, जबकि 489 बिल फर्जी निकले।
20 करोड़ से शुरू हुआ था खेल
अप्रैल 2024 में यह पूरा सीवरेज/ ड्रेनेज घोटाला सामने आया था। इसमें शुरूआत में पांच ठेकेदार फर्म के 20 करोड़ के फर्जी बिल भुगतान का मुद्दा था। जांच में फिर 13 फर्मों को किए गए भुगतान की 693 फाइलें आई।
इन कंपनियों के नाम आए
इस मामले में आरोपी कंपनियों में ग्रीन कंस्ट्रक्शन, नींव कंस्ट्रक्शन, किंग कंस्ट्रक्शन, जाह्नवी एंटरप्राइजेस, क्षितिज एंटरप्राइजेस, क्रिस्टल एंटरप्राइजेस, ईश्वर एंटरप्राइजेस, कॉस्मो इंजीनियरिंग, डायमंड एसोसिएट्स, आरएस कंस्ट्रक्शन, एवन इंटरप्राइजेस आदि के नाम आए। वहीं इंजीनियर राठौर के साथ ही निगम के उपयंत्री उदय भदौरिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर चेतन भदौरिया, बाबू मुरलीधर सहित आडिट विभाग व लेखा विभाग के कई लोगों के नाम आए।
संबंधित समाचार

भारी बारिश ने जम्मू-कश्मीर में बिगाड़े हालात:अमरनाथ व वैष्णो देवी यात्रा पर लगी रोक

गलत ट्रेन ने बना दिया मानव तस्करी का शिकार:एक साल तक बंधक बनाकर यौन शोषण; इस शहर में बेच दिया

15 टन डॉलर चना चोरी का 24 घंटे में खुलासा:ट्रक मालिक ही निकला मास्टरमाइंड; तीन आरोपी गिरफ्तार

वीडियो देखिए, भोपाल कूच पर बवाल:मुआवजे की मांग कर रहे किसानों पर पुलिस का एक्शन; आंसू गैस-वाटर कैनन के बाद सड़क पर धरना, दी आंदोलन की चेतावनी

अवैध कब्जा हटाने पहुंची टीम पर हमला:बीच में ही रोकना पड़ी कार्रवाई; सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर एक्शन की तैयारी

गुरु पूर्णिमा पर प्रदेश में मनाया जाएगा महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व:मुख्यमंत्री ने ली आयोजन की तैयारियों की बैठक

नशेड़ियों का अड्डा बनी पानी की टंकी:शाम होते ही लगता है असामाजिक तत्वों का जमावड़ा; इलाके में भय का माहौल

वीडियो देखिये, उत्तराखंड में बारिश का कहर:भूस्खलन के बाद देहरादून-मसूरी स्टेट हाईवे बंद; प्रशासन ने जारी किए सुरक्षा निर्देश

पहली के छात्र से दुर्व्यवहार को लेकर स्कूल में बवाल:अभाविप ने किया हंगामा; जनपद अध्यक्ष को परिसर से बाहर निकाला

कुपोषण मुक्त शहर के लिए कवायद:योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश; लापरवाही पर दो परियोजना अधिकारियों को नोटिस

वीडियो देखिये, अखिलेश यादव ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सरकार पर साधा निशाना:बोले- युवाओं के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़; गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई दे रहा

'ऑपरेशन लोटा' सफल:2 किलो चांदी का बर्तन ढूंढने के लिए 24 घंटे तक खंगाला सैकड़ों टन कचरा

नरोत्तम की धमकी का मतलब:निशाना सरकार तो नहीं?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला:सुप्रीम कोर्ट ने दिए यह निर्देश; कहा- यह अपराध का मामला है, राजनीति का नहीं

वीडियो देखिये, एक गलती और जिंदगी बदल गई:नशे की गिरफ्त से बाहर आए व्यक्ति ने साझा की दर्दभरी कहानी; युवाओं से की नशे से दूर रहने की अपील

इस बीमारी की मिली पहली वैक्सीन:इस संस्था ने दी मंजूरी, 4 से 60 साल तक के लोग लगवा सकेंगे डोज

सरेबाजार सीना जोरी...:6447 के बजाय 22000 स्क्वेयर फीट का निर्माण कर रहे दो व्यापारी

वीडियो देखिये, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मिला केंद्रीय मंत्री से:रखीं तीन मांगें; सोनम वांगचुक की रिहाई और नीट मामले में मुआवजे की मांग

राजपरिवार में संपत्ति विवाद:महासमझौते पर फिर टली सुनवाई; अब 27 जुलाई होगी अगली तारीख

करोड़ों का किताब घोटाला:निगम के गोदाम से लाखों सरकारी किताबें गायब; ब्लैक मार्केटिंग की आशंका
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!