खबर
Top News

मप्र की धरती ने किया ऊर्जा का संचार, सीएम डॉ. मोहन यादव: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने एकात्म धाम की संकल्पना को सराहा

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 अप्रैल 2026, 3:36 pm
112 views
शेयर करें:
मप्र की धरती ने किया ऊर्जा का संचार, सीएम डॉ. मोहन यादव

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय के केन्द्र ओंकारेश्वर की चेतना की अनुभूति आज सबको हो रही है। ज्ञान और ध्यान की धरती मध्यप्रदेश ने ऐतिहासिक रूप से धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है। हर युग में इसके प्रमाण विद्यमान हैं।

श्रीरामचन्द्र जी वनवास मिलने पर मंदाकिनी माता के किनारे चित्रकूट के धाम पधारें और प्रभु श्रीराम का आगे का जीवन मानव मात्र के लिए पूजनीय हो गया, समाज ने रामराज्य का अनुभव प्राप्त किया।

भगवान श्रीराम ने संस्कारों, व्यवहारगत मूल्यों, परस्पर संबंधों सहित शासन के ऐसे सूत्र प्रदान किए जो आज भी महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार श्रीकृष्ण, कंस वध के बाद शिक्षा ग्रहण करने उज्जयिनी स्थित सांदीपनि आश्रम पधारें।

इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मवाद का संदेश दिया, जो वर्तमान में भी प्रासंगिक है।

सनातन काल में कालड़ी केरल से चले 8 वर्षीय बालक शंकर ओंकारेश्वर पधारे, जहां परम पूज्य गुरू गोविंदपाद जी के आशीर्वाद से आदि शंकराचार्य बनकर सनातन धर्म की धारा को अविरल रूप से बहाने का आधार प्रदान किया।

आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का आधार बना। हमारी सनातन विरासत, शास्त्र और आध्यात्मिक परम्पराएं यदि आज जीवित एवं जागृत हैं तो यह आदिगुरू शंकराचार्य के प्रयास और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आचार्य शंकराचार्य जी की जयंती के अवसर पर ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में आयोजित 5 दिवसीय प्रकटोत्सव के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में श्री द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती सहित वरिष्ठ संतवृंद उपस्थित थे। राज्य सरकार के संस्कृति विभाग तथा आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के तत्वावधान में 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक एकात्म पर्व मनाया जा रहा है।

एकात्म यात्रा तथा अद्वैत पर आधारित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती महाराज के साथ वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष में आयोजित आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव 'एकात्म पर्व' कार्यक्रम का दीप प्रज्ववलित कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण किया।

साथ ही वे वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृत सेवा फाउंडेशन पुणे के श्री रोहन अच्युत कुलकर्णी द्वारा लिखित पुस्तक "वेदांतसिद्धान्तचन्द्रिका विथ उदग्र" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है।

चिंतक एवं विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भी एकात्मता के भाव की अभिव्यक्ति होती है। राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांतों के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उदारमना भारतीय सनातन संस्कृति में भक्षण को नहीं अपितु दूसरों के कल्याण को सर्वाधिक महत्व दिया गया है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!