खबर
Top News

पूर्वजों की तृप्ति के लिए श्राद्ध और तर्पण की महिमा: पितृ ऋण से मुक्ति का पावन पर्व

Khulasa First

KHULASA FIRST

संवाददाता

21 सितंबर 2026, 5:13 pm
शेयर करें:
पूर्वजों की तृप्ति के लिए श्राद्ध और तर्पण की महिमा

श्राद्ध पक्ष में पितरों का तर्पण: माता सीता और फल्गु नदी से जुड़ी अनूठी कथा

पंचबलि और पितृ तर्पण: जानिए, क्यों श्राद्ध में अनिवार्य है गाय, कौए और चींटी का भोजन

श्राद्ध कर्म में सात्विकता और संयम: पूर्वजों के आशीर्वाद से घर में आएगी सुख-समृद्धि

पितृ पूजन की पावन तिथियां: प्रतिपदा से सर्वपितृ अमावस्या तक पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महापर्व

हेमंत उपाध्याय 99930-99008, खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सनातन संस्कृति में पितृपक्ष केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों (पितरों) के प्रति अगाध श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का एक पावन अवसर है। मान्यता है कि हर मनुष्य पर तीन प्रकार के ऋण होते हैं- देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण।

इनमें से पितृ ऋण से मुक्ति पाने का एकमात्र माध्यम श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान को माना गया है। वर्ष 2026 में आश्विन मास के कृष्णपक्ष के साथ पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध के साथ हो रही है, जिसका समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा।

15 दिन की इस अवधि में पूर्वज अपने वंशजों के निकट आते हैं और उनके द्वारा प्रेम व सात्विकता से अर्पित किए गए अन्न-जल से तृप्त होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

श्राद्ध और तर्पण का पौराणिक विधान... धार्मिक मान्यता के अनुसार परिवार में जिस पूर्वज की मृत्यु जिस तिथि को हुई होती है, पितृपक्ष में उसी तिथि पर उनका श्राद्ध किया जाता है।

यदि मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो, तो आश्विन मास की सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करने की व्यवस्था शास्त्रों में दी गई है। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान कर जल में काले तिल, दूध और कुश मिलाकर पूर्वजों का ध्यान करते हुए तर्पण किया जाता है।

पके हुए चावल, जौ के आटे, तिल, घी और शहद के मिश्रण से बने ‘पिंड’ अर्पित करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

श्राद्ध परंपरा से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा के अनुसार वनवास के दौरान जब भगवान राम और लक्ष्मण पिता दशरथ के श्राद्ध की सामग्री जुटाने गए थे, तब देरी होते देख माता सीता ने फल्गु नदी के तट पर बालू से पिंड बनाकर स्वयं पिंडदान किया था।

इस अद्भुत घटना के साक्षी फल्गु नदी, वटवृक्ष, गाय, तुलसी और एक ब्राह्मण बने थे। जब श्री राम लौटे, तो वटवृक्ष को छोड़कर अन्य सभी साक्षियों ने असत्य गवाही दी, जिससे क्रोधित होकर सीताजी ने फल्गु नदी को सदा सूखी रहने का शाप दिया था।

पंचबलि और कौओं को भोजन कराने का रहस्य... पितृपक्ष में केवल ब्राह्मण भोजन ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि 'पंचबलि' का विशेष विधान है। इसमें भोजन का अंश गाय, कुत्ते, कौए, चींटी और देवों के लिए निकाला जाता है।

पौराणिक मान्यताओं में कौए को यमराज का संदेशवाहक और पितरों का प्रतिनिधि माना गया है। त्रेतायुग में भगवान राम द्वारा जयंत (कौए के रूप में) को दिए गए वरदान के कारण माना जाता है कि कौए द्वारा भोजन स्वीकार करने पर ही श्राद्ध कर्म पूर्ण होता है। इससे पितृ दोष और शनि दोष की शांति भी होती है।

आचरण, संयम और सात्विकता के नियम... पितृपक्ष उत्सव का नहीं, बल्कि सादगी और आत्म-संयम का समय है। यही कारण है कि इस दौरान सगाई, विवाह, गृह प्रवेश, नए कारोबार की शुरुआत और नया मकान या गाड़ी खरीदने जैसे मांगलिक और भौतिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।

इन दिनों सात्विक जीवनशैली अपनाने, मांस-मदिरा से दूर रहने, गृह कलह से बचने और किसी भी जीव को न सताने का विधान है। हालांकि इस पर मतभिन्नता भी है कुछ जानकारों का कहना है कि शुभ कार्य और खरीदी से पितृ प्रसन्न ही होते हैं।

गरुड़ पुराण में वर्णित श्राद्ध पक्ष की महिमा... सनातन धर्म के प्रसिद्ध गरुड़ पुराण के अनुसार पितृपक्ष के दौरान पूर्वज सूक्ष्म रूप में अपने वंशजों के घर आते हैं और उनके द्वारा अर्पित किए जाने वाले अन्न और जल की आस रखते हैं।

पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि जो व्यक्ति समर्थ होते हुए भी पितृपक्ष में अपने पूर्वजों के निमित्त श्रद्धा से श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य नहीं करता, उसके घर में पितृ दोष उत्पन्न होता है। इसके विपरीत, जो मनुष्य पूरे भाव से काले तिल, जल और सात्विक भोजन से अपने पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण करता है, उसके पूर्वज प्रसन्न होकर उसे दीर्घायु, आरोग्य, धन-धान्य और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

मार्कंडेय पुराण और वायु पुराण का मत... मार्कंडेय पुराण और वायु पुराण में भी श्राद्ध पक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है कि 'श्रद्धया दीयते यत्स्मिन तच्छ्राद्धम्' अर्थात् जो कर्म पूर्ण श्रद्धा और नियम के साथ पूर्वजों को समर्पित किया जाए, वही श्राद्ध है।

इन पुराणों के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में किया गया पिंडदान सीधे पितरों की आत्मा तक पहुंचता है और उन्हें देवलोक या मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। पुराणों में यह भी उल्लेख है कि पितरों की तृप्ति से भगवान विष्णु और सभी देवी-देवता भी स्वतः ही प्रसन्न हो जाते हैं, जिससे साधक के जीवन के समस्त विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं।

संबंधित समाचार

देखिये वीडियो, अनंत चतुर्दशी चल समारोह को लेकर सख्ती
Top News

देखिये वीडियो, अनंत चतुर्दशी चल समारोह को लेकर सख्ती:झांकियों में इन पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध; ऊंचाई और मंच की चौड़ाई पर भी नियम

3 minutes ago
महाकाल धर्मशाला में महिला श्रद्धालु से मारपीट का आरोप
Top News

महाकाल धर्मशाला में महिला श्रद्धालु से मारपीट का आरोप:सुरक्षाकर्मियों पर बाल खींचने और मोबाइल छीनने का दावा

18 minutes ago
पचास हजार रहवासियों को मिलेगा नर्मदा जल का फायदा
Top News

पचास हजार रहवासियों को मिलेगा नर्मदा जल का फायदा:इसी कार्यकाल में क्षेत्र की सभी समस्याएं कर देंगे दूर

22 minutes ago
बेटे ने की मां की बेरहमी से हत्या
Top News

बेटे ने की मां की बेरहमी से हत्या:जिंदा जलाकर उतारा मौत के घात; पड़ोसी बचाने पहुंचा तो उसे भी काटा

24 minutes ago
पूर्व मंत्री बोले
Top News

पूर्व मंत्री बोले:तेरे बाप का कार्यक्रम नहीं है

29 minutes ago
धर्मनगरी में 10 हजार वर्गफीट का अवैध निर्माण जमींदोज
Top News

धर्मनगरी में 10 हजार वर्गफीट का अवैध निर्माण जमींदोज:आश्रम की भूमि पर बिना अनुमति बन रहा था दो मंजिला भवन; कार्रवाई के दौरान पुलिस बल रहा तैनात

33 minutes ago
छात्रों की गूंज की ऐतिहासिक सफलता ने भाजपा के कथित दुष्प्रचार का दिया करारा जवाब
Top News

छात्रों की गूंज की ऐतिहासिक सफलता ने भाजपा के कथित दुष्प्रचार का दिया करारा जवाब:जीतू पटवारी

36 minutes ago
माफ कीजिए, पप्पू ‘वो’ नहीं
Top News

माफ कीजिए, पप्पू ‘वो’ नहीं

43 minutes ago
सड़क हादसे में दूध व्यवसायी की मौत के छह साल बाद कोर्ट का फैसला
Top News

सड़क हादसे में दूध व्यवसायी की मौत के छह साल बाद कोर्ट का फैसला:परिवार को ब्याज सहित इतने लाख रुपए क्षतिपूर्ति

44 minutes ago
एमपी के युवाओं के लिए खुशखबरी
Top News

एमपी के युवाओं के लिए खुशखबरी:मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान; अगले ढाई साल में होंगी 3.5 लाख सरकारी भर्तियां

about 1 hour ago
कोचिंग से लौट रही छात्रा से बदसलूकी
Top News

कोचिंग से लौट रही छात्रा से बदसलूकी:सड़क पर रोककर किया परेशान; तीन नाबालिग आरोपी गिरफ्तार

about 1 hour ago
तेंदुए की दस्तक से फार्म विला में दहशत
Top News

तेंदुए की दस्तक से फार्म विला में दहशत:सीसीटीवी में कैद

about 1 hour ago
सिंघम की छवि और रिजल्ट शून्य
Top News

सिंघम की छवि और रिजल्ट शून्य:बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा की कार्रवाई सिर्फ आम नागरिकों तक; आरोपी रसूखदार नेताओं के सामने क्यों डाले हथियार!

about 1 hour ago
रोते और खाते समय बच्चों को मोबाइल देना पड़ रहा भारी
Top News

रोते और खाते समय बच्चों को मोबाइल देना पड़ रहा भारी:फोन की लत से बच्चे हो रहे बेकाबू; स्क्रीन की लत से बढ़ी परेशानी, थेरेपी सेंटरों में लग रही कतार

about 1 hour ago
थाने के सामने 9 फीट धंसा मार्ग
Top News

थाने के सामने 9 फीट धंसा मार्ग:भ्रष्टाचार की बलि चढ़ी सड़क; निगम के दावों का खुलासा

about 1 hour ago
डोल ग्यारस पर बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था
Top News

डोल ग्यारस पर बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था:शाम 4 बजे से कई मार्गों पर डायवर्जन; इस मंदिर पहुंचेंगी शहरभर से झांकियां

about 1 hour ago
‘झूठ की गूंज’ पोस्टरों पर घमासान
Top News

‘झूठ की गूंज’ पोस्टरों पर घमासान:कांग्रेस का प्रदर्शन

about 1 hour ago
14 ग्राम एमडी के बाद खुला बैकवर्ड लिंक
Top News

14 ग्राम एमडी के बाद खुला बैकवर्ड लिंक:महू का तस्कर आया गिरफ्त में

about 1 hour ago
शराब है खराब
Top News

शराब है खराब:बियर की बोतल में दिखे कीड़े; वायरल वीडियो सेे मचा हड़कंप

about 1 hour ago
साइबर ठगी के लिए बैंक खाते बेच रहा था आरोपी
Top News

साइबर ठगी के लिए बैंक खाते बेच रहा था आरोपी:पुलिस ने पकड़ा

about 2 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!