भक्तों ने ली शपथ: खड़े हनुमान वहीं रहेंगे
KHULASA FIRST
संवाददाता

उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर के लिए सड़क पर उमड़ा आस्था का सैलाब
5 हजार से ज्यादा भक्तों ने लिया मूल स्थान पर भव्य मंदिर बनाने का संकल्प
गूंजी हनुमान चालीसा, रामधुन के साथ बही भजनों की स्वर लहरियां, मातृशक्ति भी मैदान में
संतों की जिला प्रशासन को खुली चुनौती...दिन के उजाले में हटाकर दिखाएं मूर्ति
विश्व हिंदू परिषद ने चेताया, प्रतिमा को हाथ भी लगाया तो अगली बार जुटेंगे 50 हजार लोग
‘संकल्प' के आगे झुकेगा प्रशासन? खड़े हनुमान के लिए सड़क पर उतरीं हजारों महिलाएं और संत
महाकाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, बोले संत-‘प्रशासन भक्तों की भावनाओं से न खेले, मुख्यमंत्री तक पहुंचे बात'
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033, खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
खड़े हनुमान मंदिर को बचाने के लिए बुधवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन में अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। करीब एक किलोमीटर के दायरे में पैर रखने की जगह नहीं थी, जहां बच्चे, महिलाएं और संत-महात्मा सिर्फ एक सुर में हनुमानजी को वहीं स्थापित रखने की मांग कर रहे थे।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन आस्था से समझौता नहीं करेंगे। मसला सिंहस्थ-2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण के नाम पर प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर को हटाए जाने का है। इस प्रक्रिया के विरोध में बुधवार को पूरा शहर ही एक तरह से सड़क पर उतर आया।
सकल हिंदू समाज और साधु-संतों के आह्वान पर हुए इस महा-आंदोलन में 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। संतों की मौजूदगी में संकल्प लिया गया कि हनुमानजी की प्रतिमा को उसी स्थान पर रखते हुए भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।
प्रशासन की ओर से एसडीएम को बाबा महाकाल के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई रोकने की मांग की गई है। साथ ही जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराने की बात भी इस चेतावनी के साथ कही गई कि अन्यथा अगली बार 5 नहीं 50 हजार राम और हनुमानजी के भक्त जुटेंगे। सीने पर गोली भी खाएंगे, लेकिन मूर्ति नही हटने देंगे, न मंदिर। अब देखना है कि आस्था के समक्ष प्रशासन झुकेगा या नही?
खड़े हनुमान मंदिर को दूसरी जगह ले जाने के फैसले के खिलाफ बुधवार को आस्था का सैलाब अवंतिकापुरी में उमड़ पड़ा। सकल हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में साधु-संत भी इसमें शामिल हुए। साधु-संतों के नेतृत्व में जुटे 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि हनुमानजी की प्रतिमा को किसी भी हाल में हटने नहीं दिया जाएगा।
हनुमान चालीसा का पाठ व राम-हनुमानजी के भजनों के बीच दोपहर 1 बजे भक्तों ने मुठ्ठी बांधकर शपथ ली। भक्तों ने शपथ ली कि मंदिर को यथास्थान पर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। हम सीने में गोली खाने को तैयार है, लेकिन खड़े हनुमान को हटाने नही देंगे।
खड़े हनुमान मंदिर पर बुधवार सुबह से भक्तों का आना शुरू हो गया था। मंदिर के आगे मंच पर संतों की मौजूदगी में हनुमान चालीसा और भजन गूंज रहे थे। 1 बजते-बजते तो 5 हजार से ज्यादा भक्त इकट्ठा हो गए। ये सभी सकल हिंदू समाज और संतों के नेतृत्व में मंदिर विस्थापन का विरोध करने पहुंचे थे।
हिंदू समाज द्वारा मंदिर के समर्थन में आने के लिए भक्तों को आह्वान किया गया था। मंदिर से कंठाल चौराहे तक यानी 300 मीटर सड़क पर 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु इकठ्ठा हो गए। खड़े हनुमान मंदिर को अपने ही स्थान पर ही बनाए रखने समर्थन में 5 हजार से ज्यादा पुरुष, युवा, महिलाओं के साथ बच्चे भी पहुंचे थे।
श्रद्धालुओं ने खड़े हनुमान मंदिर को यथा स्थान पर रखते हुए भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। एसडीएम एलएन गर्ग को बाबा महाकालेश्वर के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रतिमा नहीं हटाने की मांग की गई। एसडीएम ने कहा कि जिला प्रशासन लोगों की मांग मुख्यमंत्री और संबंधित मंच तक पहुंचाएगा।
इस संबंध में जो भी निर्णय होगा, लोगों को समय रहते अवगत कराया जाएगा। इस मौके पर विरोध स्वरूप पूर्व में महाकाल मंदिर तक पैदल मार्च की तैयारी भी थी, लेकिन अंत में योजना बदलकर मंदिर के पास ही ज्ञापन दिया गया। मंच पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव, महेश आंजना, श्रीकृष्ण गोपालदास महाराज, सुमन माली, शिवेंद्र तिवारी, शैलू यादव, संतोष व्यास आदि मौजूद रहे।
खबरदार सरकार, अब 5 नहीं 50 हजार भक्त आएंगे
अगली बार 5 हजार नहीं 50 हजार भक्त बाबा के लिए आएंगे। ये चेतावनी कल खड़े हनुमान मंदिर के विस्थापित होने के विरोध में जुटी भीड़ ने दी। ज्ञापन देने से पहले दोपहर 1 बजे मंच से समस्त भक्तों ने शपथ ली कि खड़े हनुमान सरकार को वही स्थापित करने के लिए हम अपने प्राण न्योछावर कर देंगे।
विहिप के महेश आंजना ने कहा कि प्रतिमा हटाना है तो दिन में हटाकर दिखाएं। हम सीने पर गोली खाने को तैयार हैं। अब भी नहीं माने तो अगली बार 50 हजार भक्त आएंगे। एहतियातन अलग-अलग थानों के टीआई व 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किए गए थे।
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