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भीषण गर्मी से कुछ राहत: जानिये पारा कहां टिका है; अब मानसून के दस्तक देने का इंतजार

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जून 2026, 11:25 am
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भीषण गर्मी से कुछ राहत

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में पिछले तीन दिनों से दिन का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। तीन दिन पहले आई तेज आंधी और बारिश के कारण अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी और पारा 38 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था।

बुधवार को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा। लगातार तीसरे दिन तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण दिन में गर्मी का असर अपेक्षाकृत कम रहा। हालांकि, रात के तापमान में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री का उछाल आया और बुधवार रात यह 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर पर पहुंच गया है। इसके चलते रात में उमस और गर्मी का असर महसूस किया गया। इस सीजन में नौतपा के नौ दिनों के दौरान भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं पहुंचा। आखिरी दिनों में हुई बारिश के कारण तेज गर्मी का प्रभाव कम रहा।

प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इन दिनों प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। टर्फ और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर में पिछले दो दिनों से वर्षा नहीं हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से हो सकती है।

20 जून के बाद मानसून आने का अनुमान
प्रदेश में मानसून की सामान्य एंट्री 15 जून मानी जाती है, जो दक्षिणी हिस्से से प्रवेश करता है। पिछले वर्ष 16 जून को मानसून ने प्रदेश में दस्तक दी थी और 15 अक्टूबर तक इसकी विदाई हुई थी। सामान्यतः केरल में मानसून आने के लगभग 15 दिन बाद मध्यप्रदेश में इसकी एंट्री हो जाती है, हालांकि बीच में ब्रेक की स्थिति भी बनती है। इस बार अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियों का दौर जारी रहने की संभावना है।

जून के पुराने रिकॉर्ड
पिछले सात वर्षों (2020 से 2025) में जून के दौरान इंदौर में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। पिछले वर्ष जून में तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। सामान्यत: जून में कुल औसत वर्षा का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा दर्ज हो जाता है। पिछले वर्ष जून में शहर में करीब साढ़े पांच इंच बारिश हुई थी।

ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो वर्ष 1980 में जून माह में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड बना था। तापमान के रिकॉर्ड में 3 जून 1991 को अधिकतम पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।


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