स्कूलों की दुर्दशा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब: प्रदेश के सरकारी स्कूलों कीे हालत पर हाई कोर्ट सख्त
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश में 16 जून से नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है, लेकिन यहां के विद्यार्थियों को वर्तमान मे मूलभूत एवं बुनियादी सुविधाऐं भी नही मिल पा रही है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ मे दायर जनहित याचिका की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की बैंच ने राज्य एवं केंद्र सरकार को सूचना पत्र जारी कर 17 अगस्त 2026 तक जवाब तलब किया है।
प्रदेश में 40 प्रतिशत शिक्षकों के पद रिक्त... सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बीएल जैन द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत ने न्यायालय को बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 40 प्रतिशत शिक्षकों के पद रिक्त है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 45 के तहत शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 मे 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा को प्रदान करने की जिम्मेदारी राज्यों को दी गई है, लेकिन प्रदेश शासन की वर्तमान व्यवस्थाएं हमारे देश के नौनिहालों के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं है, जिससे बच्चों के मौलिक अधिकारो का खुला उल्लंघन हो रहा है।
प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था संतोषजनक नहीं... न्यायालय को बताया गया कि देश की आजादी के 79 वर्षो के बाद भी प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की वर्ष 2025 की रिपोर्ट जो मप्र विधानसभा में फरवरी 2026 मे प्रस्तुत की गई, उसके मुताबिक प्रदेश की शिक्षा की गुणवत्ता बिगड़ने के साथ बुनियादी ढांचा भी ध्वस्त नजर आया।
5 हजार स्कूलों के भवन सुरक्षित नहीं
प्रदेश में 2 लाख 89 हजार शिक्षकों के पद स्वीकृत है, इसमें 1 लाख 15 हजार 678 पद रिक्त हैं। प्रदेश के 83 हजार 514 स्कूलों में से 5 हजार स्कूलों के भवन बच्चों के लिए सुरिक्षत नहीं होकर जर्जर है, यही नहीं 3400 स्कूलों मे शौचालय भी नही है।
10 हजार स्कूल तो ऐसे हैं, जहां बिजली की सुविधाएं भी नहीं हैं। 1895 स्कूल तो ऐसे हैं जहां 1 भी शिक्षक नहीं है। 40 हजार स्कूलों में सुरक्षा के लिए बाउंड्री वाल भी नहीं है।
शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं
हजारों स्कूलों में शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं है। अनेक स्कूल तो झोपड़ियों में संचालित हो रहे है। डिजिटल इंडिया की बात करने वाले प्रदेश के 59 हजार स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
अनगिनत समस्याओं के बीच चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि पिछले 10 वर्षों में पहली से बारहवीं तक में 22 लाख विद्यार्थियो की कमी शासकीय स्कूलों में दर्ज की गई है, जबकि इन 10 वर्षों में जनसंख्या मे बढ़ोतरी हुई है।
बच्चियों के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड और पृथक टायलेट होना जरूरी
याचिकाकर्ता द्वारा न्यायालय को बताया गया कि ये आंकड़े दर्शाते है कि शिक्षा व्यवस्था में जबरदस्त गिरावट आई है। सर्वोच्च अदालत ने जनवरी 2026 में निर्देशित किया है कि हर स्कूल, चाहे वह निजी हो या शासकीय, बच्चियों के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड एवं छात्र छात्राओं के लिए पृथक टायलेट जरूरी है।
इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। एक ओर तो प्रदेश सरकार बजट से 50 हजार लाख करोड़ की राशि मुफ्त की योजनाओं में खर्च कर रही है, वहीं शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत एवं बुनियादी सुविधाओं पर खर्च करने के लिए खजाना खाली नजर आता है।
करोड़ों रु. की निधि का दुरुपयोग
कमीशनखोरी के कारण मरम्मत एवं नवीन निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होने के कारण करोड़ों रुपए की शासकीय निधि का दुरुपयोग हो रहा है। दिखावे के लिए कुछ लोगों के खिलाफ निलबंन की कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में भ्रष्टाचार की यह बेल निरंतर फल-फुल रही है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रदेश के नौनिहालों के सुनहरे भविष्य के लिए एवं संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारो के पालन को सुनिश्चित करवाने की गुहार लगाई गई है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकार को 17 अगस्त तक जवाब प्रस्तुत करने हेतु सूचना पत्र जारी किया है।
संबंधित समाचार

नशे के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई:इतने किलो डोडाचूरा जब्त; 5 आरोपी गिरफ्तार,सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी

कारोबारी की बेटी से शादी का झांसा देकर रेप:करोड़ों रुपए खर्च करवाए; महंगे जूते-गाड़ियां और लग्जरी सामान खरीदवाया

इस होटल में मिलीं बड़ी गड़बड़ियां:फाइव स्टार FSSAI लाइसेंस नहीं मिला; इतना नॉनवेज बिना पैकिंग-लेबल के मिला

अधूरी सड़क के विरोध में अनोखा प्रदर्शन:रहवासियों के साथ कीचड़ में बैठे पार्षद; कहा- बारिश होते ही दलदल में बदल जाता है रास्ता

मंत्री-विधायक के इलाके में कारोबारी को चाकू मारा:तेज रफ्तार कार सवारों को समझाइश देना पड़ा महंगा; चार बदमाशों ने घेरकर की मारपीट

CJP के स्कूल निरीक्षण के दौरान बवाल:ग्रामीणों ने प्रवक्ता और साथियों को पीट-पीटकर खदेड़ा

जहरीली शराब कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार:इस शहर के ‘डॉक्टर’ ने तैयार की थी शराब; इतने लोगों की मौत के मामले में गुजरात पुलिस की कार्रवाई

तेज रफ्तार बुलेट का कहर:काम पर जा रहे बुजुर्ग को बुलेट ने मारी टक्कर; इलाज के दौरान मौत, सीसीटीवी में भागता दिखा आरोपी

ध्वनि प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त:सरकार को आखिरी मौका; जवाब नहीं दिया तो कलेक्टर को होना पड़ेगा पेश

वीडियो देखिये, पांच सितारा होटल की रसोई में गंदगी का राज:फूड एंड ड्रग जांच में कई खामियां सामने आईं; वेज-नॉनवेज सामग्री एक ही फ्रीजर में मिली

भाजयुमो में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल:12 जिलों में नए जिलाध्यक्ष-महामंत्री नियुक्त; इंदौर भोपाल सहित कई जिले होल्ड पर

वीडियो देखिए, फोरलेन मुआवजे की मांग पर कलेक्ट्रेट घेराव:किसानों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, रात में भी लगाए नारे

योगासन में दिखेगा हुनर:दो लाख से ज्यादा के नकद पुरस्कार; राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय जज करेंगे मूल्यांकन

वीडियो देखिये, होटल में छापे के दौरान हंगामा:कवरेज को लेकर वीडियो जर्नलिस्ट से अधिकारी ने की बदसलूकी

गैस वाहन से रिसाव और आग:चौराहे पर थम गया ट्रैफिक; पुलिस से फायर ब्रिगेड तक सभी हुए अलर्ट

झाड़ू पर बवाल:निगमकर्मी और रहवासी भिड़े; सिर फूटा तो थाने पहुंचा मामला

विवि में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर बवाल:गेट टूटने के मामले में पांच गिरफ्तार; 10 पर एफआईआर

18 को डिस्चार्ज,19 को मौत:एच1एन1 मरीज की सूचना नहीं देने पर अस्पताल को सीएमएचओ का नोटिस

पांच साल से नहीं खुल रहा था मुंह, अब मिली राहत:शहर में पहली बार मरीज के जबड़े के हिसाब से बना कृत्रिम जोड़

दूषित पानी कांड की जांच पूरी:600 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट हाईकोर्ट में सीलबंद; 36 मौतों की जिम्मेदारी पर 25 को होगा खुलासा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!