खबर
Top News

वायरल गर्ल के पति को राहत: एक महीने की ट्रांजिट बेल; MP पुलिस नहीं कर सकेगी गिरफ्तारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 5:39 pm
53 views
शेयर करें:
वायरल गर्ल के पति को राहत

वायरल गर्ल के पति को राहत, एक महीने की ट्रांजिट बेल

MP पुलिस नहीं कर सकेगी गिरफ्तारी

खुलासा फर्स्ट, कोच्चि/भोपाल।
केरल हाईकोर्ट ने चर्चित "वायरल गर्ल" मामले में उसके पति को बड़ी राहत देते हुए एक महीने की ट्रांजिट बेल दे दी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया युवती को बालिग मानते हुए कहा कि इस अवधि के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस उसके पति को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। साथ ही उसे मध्य प्रदेश की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की छूट दी गई है।

स्वयं को बालिग बताया
जस्टिस कौसर एडप्पागथ की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि युवती के जन्म प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है, जिससे वह बालिग प्रतीत होती है। अदालत के समक्ष युवती का वोटर आईडी, बैंक पासबुक और शपथपत्र भी पेश किया गया, जिसमें उसने स्वयं को बालिग बताते हुए युवक से विवाह करने की बात कही है।

दलील फिलहाल स्वीकार नहीं
हालांकि मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दावा किया कि जन्म प्रमाणपत्र फर्जी है और युवती वास्तव में नाबालिग है। लेकिन अदालत ने इस दलील को फिलहाल स्वीकार नहीं किया।

कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 3 जून से अगले एक महीने तक युवक को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। इस दौरान वह मध्य प्रदेश में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।

ऑनर किलिंग का जताया था खतरा
युवती और उसके पति ने संयुक्त याचिका में दावा किया था कि अलग-अलग धर्मों से होने के कारण मध्य प्रदेश लौटने पर उन्हें कट्टरपंथी तत्वों से जान का खतरा है। दोनों ने आशंका जताई थी कि उनकी ऑनर किलिंग भी हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की थी। वहीं पुलिस पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि युवती हिंदू और युवक मुस्लिम है, इसलिए मंदिर में हुआ विवाह कानूनी रूप से वैध नहीं माना जा सकता और विवाह प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार भी स्थानीय रजिस्ट्रार को नहीं था।

फिल्म शूटिंग के दौरान हुई थी मुलाकात
जानकारी के मुताबिक युवती की मुलाकात केरल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान युवक से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मार्च 2026 में उन्होंने शादी कर ली। बाद में मामला तब विवादों में आया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने दावा किया कि शादी के समय युवती नाबालिग थी और विवाह के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

डायरेक्टर पर भी दर्ज है केस
युवती ने अप्रैल 2026 में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ केरल में पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि नाबालिग रहने के दौरान फिल्म में काम दिलाने का झांसा देकर उसका शोषण किया गया। मामले की जांच एर्नाकुलम पुलिस कर रही है।

जन्मतिथि को लेकर विवाद
मामले में युवती की उम्र को लेकर विवाद बना हुआ है। प्रशासनिक जांच में दो अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्र सामने आए थे। मेडिकल रिकॉर्ड में जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 बताई गई थी, जबकि एक अन्य प्रमाणपत्र में 1 जनवरी 2008 दर्ज है। इसी विरोधाभास के कारण मामला कानूनी विवाद का विषय बना हुआ है। फिलहाल हाईकोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर युवती को प्रथम दृष्टया बालिग मानते हुए उसके पति को अंतरिम राहत प्रदान की है। अब आगे की सुनवाई और मध्य प्रदेश की अदालतों में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!