अध्यक्ष पद पर रिकॉर्ड आठ दावेदार: बार चुनाव में सत्ता संग्राम; कार्यकारिणी की 6 सीटों के लिए 21 उम्मीदवारों में घमासान, आज नाम वापसी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिला कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव ने इस बार पूरे विधि जगत का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। अदालत परिसर में इन दिनों कानूनी बहसों से ज्यादा चुनावी चर्चाएं सुनाई दे रही हैं। 25 जून को होने वाले चुनाव के लिए उम्मीदवारों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
कोर्ट परिसर, बार रूम, कैंटीन, चेंबर और सोशल मीडिया तक हर जगह सिर्फ वोट और चुनावी समीकरणों की चर्चा है। वकीलों के मोबाइल फोन दिनभर समर्थन मांगने वाले संदेशों से भरे हुए हैं। आज नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनावी मुकाबले की अंतिम तस्वीर सामने आएगी, लेकिन उससे पहले ही चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच चुका है।
अध्यक्ष पद पर सबसे बड़ा मुकाबला
इस बार अध्यक्ष पद पर रिकॉर्ड आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। बार एसोसिएशन के चुनावी इतिहास में संभवतः पहली बार अध्यक्ष पद के लिए इतनी बड़ी संख्या में दावेदार आमने-सामने हैं। इससे वोटों के बंटवारे और अप्रत्याशित परिणामों की संभावना बढ़ गई है।
अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान अध्यक्ष एलएल यादव, पूर्व अध्यक्ष गोपाल कचोलिया, पूर्व अध्यक्ष रवींद्र सिंह गौड़, श्रीराम सिंह भदौरिया, राकेश पाल, राजेश खंडेलवाल, राजेंद्र यादव और मनोज वर्मा मैदान में हैं। बार के गलियारों में सबसे अधिक चर्चा इसी मुकाबले को लेकर हो रही है।
सात प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
उपाध्यक्ष पद पर भी इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस पद के लिए सुरेंद्र सिंह शेरा, संतोष पांडे, सुनील पटेल, पुरुषोत्तम सोमानी, संतोष ठाकुर, जितेंद्र निम और हरीश कंदावड़े चुनावी मैदान में हैं। सात उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होने से वोटों के बंटवारे की संभावना यहां भी बनी हुई है और सभी प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं।
सचिव पद पर भी कांटे की टक्कर
बार एसोसिएशन में सचिव पद को सबसे प्रभावशाली पदों में गिना जाता है। इस बार अमित पाठक, रोहित दांतरे, भूपेंद्र साहू, धर्मेंद्र गुर्जर और विशाल रामटेके के बीच मुकाबला है। सभी उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
5 महिला उम्मीदवार आमने-सामने
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत इस बार कोषाध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित है। इस पद के लिए पिंकी सुनहरे, पिंकी हरिवंशी, पल्लवी अध्यरू, पुष्पांजलि द्विवेदी और सविता तिवारी चुनाव मैदान में हैं।
महिला उम्मीदवारों के बीच यह मुकाबला भी काफी रोचक माना जा रहा है और इसे लेकर महिला अधिवक्ताओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
कार्यकारिणी सीटों पर कड़ा संघर्ष
बार चुनाव का सबसे कड़ा संघर्ष कार्यकारिणी सदस्य पद पर देखने को मिल रहा है। यहां सिर्फ छह सीटों के लिए 21 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए आयुष, सुधीर व्यास, अजय बैंडवाल, पुष्पांजलि सोनी, शैलेंद्र बैरागी, दिनेश नरेंद्र अमोदे, ममता बिल्लौर, नितिन परमार, श्याम वर्मा, दीपा सोनकर, शकुंतला, प्रकाश यादव, राकेश अहिरवार, प्रखर चौहान, पारस जैन, ऋषिवन चौहान, कन्हैया चौहान, पी. शिवराज, गगनदीप सिंह चुनावी मैदान में हैं।
कार्यकारिणी के चुनाव में व्यक्तिगत संपर्क, बार में सक्रियता और वकीलों के बीच नेटवर्किंग को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि अधिकांश उम्मीदवार लगातार संपर्क अभियान चलाकर समर्थन जुटाने में लगे हैं। उधर, इस बार चुनाव की एक बड़ी विशेषता महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी है।
कोषाध्यक्ष का पद महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होने के साथ ही कार्यकारिणी सदस्य के दो पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इससे महिला अधिवक्ताओं की सक्रियता और चुनावी भागीदारी पहले की तुलना में काफी बढ़ी हुई दिखाई दे रही है।
वाट्सएप चुनाव: मोबाइल पर बरस रहे वोट मांगने वाले संदेश
बार चुनाव का प्रचार अब पूरी तरह डिजिटल रंग में भी रंग चुका है। वॉट्सएप ग्रुप, फेसबुक पोस्ट, वीडियो संदेश और डिजिटल अपीलें चुनाव प्रचार का प्रमुख माध्यम बन गए हैं।
सुबह से देर रात तक उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के संदेश वकीलों तक पहुंच रहे हैं। कई उम्मीदवार व्यक्तिगत मुलाकातों के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
नाम वापसी के बाद बदलेगा पूरा समीकरण... आज नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि अंतिम मुकाबला किन उम्मीदवारों के बीच होगा।
हालांकि, फिलहाल जिस तरह का माहौल दिखाई दे रहा है, उससे साफ है कि इस बार बार एसोसिएशन का चुनाव केवल पदों का चुनाव नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा, प्रभाव और नेतृत्व की साख का बड़ा इम्तिहान बन चुका है।
25 जून के मतदान से पहले चुनावी सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं और हर उम्मीदवार जीत के लिए अंतिम दौर की रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।
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