राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार; कहा- रिहाई न हुई होती तो जमानत रद्द कर देते
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर/नई दिल्ली।
चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उसकी जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सोनम जेल से रिहा नहीं हुई होती तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाती, लेकिन अब उसे रिहा किए जाने के बाद इस स्तर पर जमानत पर रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं है। इसके साथ ही सोनम की जमानत फिलहाल बरकरार रहेगी।
यह मामला उस समय फिर चर्चा में आया था, जब राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सशर्त जमानत मिलने के बाद सोनम देश छोड़कर नेपाल भाग गई है। उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की भी मांग की थी।
सोनम ने कहा था मैं नेपाल नहीं गई, अफवाहों पर भरोसा न करें
15 जून को एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में सोनम रघुवंशी ने नेपाल भागने के आरोपों को सिरे से खारिज किया था। उसने कहा था कि उसके बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं और लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए। सोनम ने कहा था कि वह न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी जमानत शर्तों का पूरी तरह पालन कर रही है और जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में लगातार सहयोग देती रहेगी।
बोली अभी इंदौर आने की कोई योजना नहीं
साक्षात्कार में सोनम ने बताया था कि वह वर्तमान में शिलॉन्ग में ही रह रही है और जमानत मिलने के बाद कहीं बाहर नहीं गई है। उसने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने सटीक ठिकाने का खुलासा करने से इनकार किया। उसने कहा कि उसका मामला अभी शिलॉन्ग की अदालत में विचाराधीन है, इसलिए फिलहाल इंदौर आने का कोई इरादा नहीं है। जब तक मुकदमे की कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती, वह शिलॉन्ग में ही रहेगी।
कोर्ट की हर शर्त का पालन करने का दावा
सोनम ने कहा था कि उसे न्यायालय से जो भी शर्तें मिली हैं, उनका उसने पूरी निष्ठा से पालन किया है और आगे भी करती रहेगी। उसने कहा कि उसे भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वह न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है। जब उससे जनता की नकारात्मक राय को लेकर सवाल किया गया तो उसने कहा कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वह इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।
वकील ने नेपाल भागने के आरोपों को बताया निराधार
सोनम के अधिवक्ता सुदीप राणा ने भी विपिन रघुवंशी के आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि केवल नेपाली मूल का होने का अर्थ यह नहीं है कि उनका नेपाल से कोई संबंध है। उनका जन्म, पालन-पोषण और शिक्षा शिलॉन्ग में ही हुई है तथा नेपाल में उनका कोई पारिवारिक या अन्य संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनम स्वयं निर्धारित तारीख पर शिलॉन्ग की अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुई थी, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि वह कहीं बाहर नहीं गई थी।
पूरक आरोप-पत्र पर सुनवाई जारी
वकील सुदीप राणा ने बताया कि मामले में पूरक आरोप-पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल किया जा चुका है। अभियोजन पक्ष अपनी दलीलें पूरी कर चुका है और बचाव पक्ष ने भी अदालत में अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष ने विशेष रूप से इस बात पर अपना पक्ष रखा है कि सोनम रघुवंशी पर शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) की धाराएं लागू होती हैं या नहीं। इस संबंध में सरकारी पक्ष ने जवाब दाखिल करने के लिए सोमवार तक का समय मांगा है।
सुरक्षा पर टिप्पणी से किया इनकार
सोनम की अधिवक्ता प्रीति प्रधान ने उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सोनम शिलॉन्ग में सुरक्षित है, लेकिन सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
सीबीआई जांच की मांग पर कायम हैं विपिन रघुवंशी
मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी अब भी मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यदि देश के अन्य चर्चित मामलों में केंद्रीय एजेंसी जांच कर सकती है तो दो राज्यों मध्यप्रदेश और मेघालय से जुड़े इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच भी सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि निष्पक्ष जांच और पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच आवश्यक है।
ऐसे सामने आया था हत्याकांड
इंदौर के प्रसिद्ध ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी। विवाह के कुछ दिनों बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए। 23 मई 2025 को दोनों के अचानक लापता होने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की।
3 जून 2025 को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस जांच में हत्या की सुनियोजित साजिश का खुलासा होने का दावा किया गया। जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने सोनम रघुवंशी को भी इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए आरोपी बनाया। बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वर्तमान में वह न्यायालय से मिली जमानत पर रिहा है, जबकि मामले की सुनवाई जारी है।
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