अधिकांश जिलों में बारिश: अनेक स्थानों पर ओले भी गिरे; फसलों पर असर, जानिये अगले 4 दिन क्या होगा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में पिछले 4 दिनों (करीब 98 घंटे) से सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण 45 जिलों में आंधी और बारिश का दौर चला। इनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे केला, पपीता और गेहूं जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसान अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
यह सिस्टम अब आगे बढ़ चुका है, जिसके चलते आने वाले 4 दिनों तक प्रदेश में आंधी-बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने इस दौरान तेज गर्मी पड़ने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मार्च के आखिरी सप्ताह में एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मौसम में फिर बदलाव हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 26 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश या बादल छाने की संभावना है। शनिवार को भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा और राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में सबसे कम 25.6°C दर्ज किया गया। वहीं, रीवा-दतिया में 28.2°C, नौगांव-सतना में 28.3°C, सिवनी में 28.4°C, टीकमगढ़-सीधी में 28.6°C और दमोह-उमरिया में 29°C रहा।
पांच बड़े शहरों में भोपाल का तापमान 29.4°C, जबलपुर 29.5°C, इंदौर 30.6°C, ग्वालियर 28.4°C और उज्जैन 31.5°C दर्ज किया गया। तेज आंधी और ओलों के कारण धार, खरगोन समेत कई जिलों में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। शिवपुरी में भी शुक्रवार को बारिश के साथ ओले गिरे थे।
पिछले चार दिनों में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, जबलपुर सहित कुल 45 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा, बैतूल, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सिवनी, सागर, दमोह, पन्ना और मंडला समेत 17 जिलों में ओलावृष्टि हुई।
इससे पहले फरवरी में भी चार बार मौसम बदला था और ओले-बारिश का दौर चला था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ था। मार्च के पहले पखवाड़े में जहां तेज गर्मी पड़ी, वहीं दूसरे पखवाड़े में बारिश और ओलों का असर देखने को मिला।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर होगी। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45°C के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ेगी।
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