सख्त कानून की तैयारी: मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण पर होगी एफआईआर; लापरवाही करने वाले अफसर भी नहीं बचेंगे, नए एक्ट में 50 से अधिक प्रावधान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
सिंहस्थ-2028 को सुव्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार नया सिंहस्थ अधिनियम लाने की तैयारी में है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नए एक्ट का मसौदा तैयार कर लिया है।
सिंहस्थ मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण दंडनीय अपराध
प्रस्तावित कानून के तहत सिंहस्थ मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण करना दंडनीय अपराध होगा। इतना ही नहीं, अतिक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
3,500 से 4,000 हेक्टेयर मेला क्षेत्र पर रहेगी कड़ी निगरानी
सिंहस्थ मेला क्षेत्र लगभग 3,500 से 4,000 हेक्टेयर में फैला है। अब तक अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण को लेकर स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं होने से कार्रवाई में कठिनाई आती थी। नए अधिनियम में पहली बार मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण पर स्पष्ट प्रतिबंध और उल्लंघन की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान जोड़ा गया है।
अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
नए कानून के तहत मेला क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार, राजस्व अधिकारियों, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों की होगी।
यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे तंत्र की निगरानी जिला कलेक्टर करेंगे और समय-समय पर समीक्षा रिपोर्ट ली जाएगी।
1955 के कानून की जगह आएगा आधुनिक अधिनियम
वर्तमान में लागू मध्यभारत सिंहस्थ मेला अधिनियम-1955 में केवल 17 प्रावधान हैं। प्रस्तावित नए सिंहस्थ एक्ट में इनकी संख्या बढ़ाकर 50 से अधिक कर दी गई है, ताकि आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मेला प्रबंधन, सुरक्षा, भूमि प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही को कानूनी आधार मिल सके।
मेला अधिकारी को मिलेंगे व्यापक अधिकार
प्रस्तावित कानून में मेला अधिकारी को विशेष अधिकार दिए जाएंगे। मेला अवधि के दौरान भूमि का अस्थायी अधिग्रहण, व्यवस्थाओं का संचालन, सुरक्षा और समन्वय की जिम्मेदारी उसी के पास होगी।
मेला अधिकारी की नियुक्ति राज्य सरकार करेगी। वर्तमान में यह जिम्मेदारी उज्जैन संभाग के आयुक्त निभा रहे हैं। अधिग्रहित भूमि केवल सिंहस्थ आयोजन की अवधि तक ही प्रशासन के नियंत्रण में रहेगी। मेला समाप्त होने के बाद जमीन को उसके मूल स्वरूप में वापस कर दिया जाएगा।
दो स्तर पर बनेगा प्रशासनिक ढांचा
नए अधिनियम में सिंहस्थ प्रबंधन के लिए दो स्तरीय व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। सेंट्रल कमेटी का गठन संबंधित मंत्री की अध्यक्षता में होगा, जिसमें सिंहस्थ से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। समिति की संरचना तय करने का अधिकार राज्य सरकार के पास रहेगा।
इसके अलावा लोकल कमेटी में जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और अन्य विभागों के 15 से 20 अधिकारी शामिल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर सरकार अतिरिक्त सदस्यों को भी नामित कर सकेगी।
मानसून सत्र में पेश हो सकता है विधेयक
नगरीय विकास एवं आवास विभाग उच्च स्तर पर प्रस्तावित अधिनियम का प्रस्तुतीकरण पहले ही कर चुका है। अब मसौदा वरिष्ठ सचिवों की समिति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि नया सिंहस्थ विधेयक इसी मानसून सत्र में विधानसभा में प्रस्तुत कर दिया जाए।
क्यों जरूरी है नया कानून
हर 12 वर्ष में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व देश-दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इसमें करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़, सुरक्षा, भूमि प्रबंधन और अतिक्रमण जैसी चुनौतियों को देखते हुए सरकार इस बार कानूनी व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाने की तैयारी कर रही है।
संबंधित समाचार

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!