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चुनाव के बाद महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल: जानिये कितनी बढ़ोतरी हो सकती है; तेल कंपनियां भारी घाटे में

KHULASA FIRST

संवाददाता

14 अप्रैल 2026, 2:52 pm
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चुनाव के बाद महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

खुलासा फर्स्ट, दिल्ली।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

18 से 35 रुपये तक बढ़ सकते हैं दाम
रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा हालात में पेट्रोल पर करीब ₹18 प्रति लीटर और डीजल पर ₹35 प्रति लीटर तक का अंडर-रिकवरी (घाटा) है। यही वजह है कि कंपनियां दाम बढ़ाने का दबाव महसूस कर रही हैं।

46 दिनों में कच्चा तेल तेजी से महंगा
हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है: 27 फरवरी: 73 डॉलर प्रति बैरल, 19 मार्च: 120 डॉलर प्रति बैरल, 14 अप्रैल: 100 डॉलर प्रति बैरल। यानी करीब डेढ़ महीने में कीमतों में तेज उछाल आया, जिसने तेल कंपनियों की लागत बढ़ा दी।

रोजाना 1,600 करोड़ रुपए का नुकसान
कच्चे तेल की महंगाई के कारण सरकारी तेल कंपनियां भारी घाटे में हैं। पहले यह नुकसान करीब ₹2,400 करोड़ प्रतिदिन तक पहुंच गया था। एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद यह घटकर करीब ₹1,600 करोड़ प्रतिदिन रह गया है। हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी पर कंपनियों का घाटा करीब ₹6 प्रति लीटर बढ़ जाता है।

आयात पर निर्भरता बढ़ा रही दबाव
भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से 45% मिडिल ईस्ट से व 35% रूस से आता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इससे चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़ने का खतरा है, जो 2026 की पहली तिमाही में 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

एक्साइज ड्यूटी में गिरावट, फिर भी राहत सीमित
पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी में कमी आई है। 2017 में योगदान 22% था। अब घटकर 8% रह गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार पूरी एक्साइज ड्यूटी भी हटा दे, तब भी मौजूदा हालात में तेल कंपनियों का घाटा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

वैश्विक असर: कई देशों में बढ़े दाम
सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ चुकी हैं। अमेरिका में पेट्रोल 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गया। पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों ने भी ईंधन के दाम बढ़ाए हैं।

आगे क्या?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत में भी जल्द पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं। चुनाव के बाद इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

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