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अब नाश्ते में भी महंगाई का तड़का: इस शहर में एक से दस रुपये तक बढ़ गई कीमतें; पोहा-समोसा से लेकर खाने की थाली महंगी

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 अप्रैल 2026, 2:51 pm
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अब नाश्ते में भी महंगाई का तड़का

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में एलपीजी की कमी और पीएनजी रेट में बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की थाली पर साफ दिखने लगा है। शहर के फूड हब 56 दुकान, सराफा बाजार और अन्य चाट-चौपाटियों पर नाश्ते और खाने-पीने की चीजों के दाम 1 से 10 रुपए तक बढ़ गए हैं। पोहा, चाय, समोसा, कचोरी और पेटीज के साथ-साथ चाइनीज आइटम भी महंगे हो गए हैं, जिसका सीधा असर ग्राहकी पर पड़ा है।

ग्राहकों की संख्या में कमी
56 दुकान और सराफा बाजार में कीमत बढ़ोतरी के बाद दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में明显 कमी देखी जा रही है। होटल और स्टॉल संचालक बताते हैं कि रॉ मटेरियल, तेल और गैस की बढ़ती लागत के चलते कीमतें बढ़ाना अब मजबूरी बन गई है।

400 का खाना अब 700-800 रुपए में
ग्राहकों के अनुसार, पहले 400-500 रुपए में दो लोगों का खाना पूरा हो जाता था, लेकिन अब वही खर्च 700-800 रुपए तक पहुंच गया है। मिडिल क्लास परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। पहले लोग हफ्ते में 2-3 बार बाहर खाना खाते थे, अब यह घटकर एक बार या उससे भी कम हो गया है।

आइटम वाइज कीमतों में बढ़ोतरी
56 दुकान में जॉनी हॉट डॉग पहले 30 रुपए में था, अब 35 रुपए हुआ। पानीपुरी की प्लेट पहले 30 रुपए की थी, अब 40 रुपए हो गई। चाय 10 रुपए से बढ़कर 14 रुपए पर पहुंच गई। कचोरी, समोसा, पोहा और पेटीज के दाम भी 5-10 रुपए तक बढ़ गए।

कुछ आइटम 1 से 3 रुपए महंगे
56 दुकान स्थित विजय चाट हाउस के संचालक मृदुल ठाकर ने कहा कि इस बार रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों के कारण कुछ आइटम 1 से 3 रुपए महंगे किए गए हैं। मधुरम स्वीट्स के श्याम शर्मा ने बताया कि सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने से उन्होंने 5-7 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाईं।

कारण: कच्चा माल और गैस महंगा
अनूप नगर स्थित पार्श्वनाथ रेस्टोरेंट के हितेश जैन ने कहा कि मूंगफली तेल का डिब्बा पहले 2600 रुपए में मिलता था, अब 3100-3200 रुपए में आ रहा है। उत्साह होटल के राजेंद्र धनोतिया ने बताया कि दाल, तेल, मसाले और गैस की कीमतें 20-25% तक बढ़ गई हैं। होटल संचालक रवि देवांग का कहना है कि सिलेंडर की कमी के कारण नई बुकिंग पर ही बढ़े हुए रेट ले रहे हैं।

महंगा होने के मुख्य कारण
गैस सिलेंडर 1800 से बढ़कर 3000-4000 रुपए तक, पैकेजिंग मटेरियल के दाम दोगुने, दाल, चावल, तेल, शक्कर सहित अन्य कच्चा माल महंगा, बिजली बिल में वृद्धि और PNG लिमिट के बाद दोगुनी दर से बिलिंग।


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