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आरोपी लाखन को राहत नहीं: कोर्ट ने माना मामला गंभीर; हनीट्रैप में पहली जमानत खारिज

KHULASA FIRST

संवाददाता

03 जून 2026, 3:48 pm
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आरोपी लाखन को राहत नहीं

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हनीट्रैप में करोड़ों की कथित वसूली, धमकी और संगठित नेटवर्क के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में कल पहली बड़ी कानूनी कार्रवाई हुई। आरोपी लखन उर्फ लाखन चौधरी की जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

खास बात यह कि इस मामले में किसी भी आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका निरस्त होने का यह पहला मामला है, जिससे जांच एजेंसियों का पक्ष मजबूत होता दिखाई दे रहा है।

एडीजे मनीष कुमार लोवंशी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान बचाव और अभियोजन पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। बचाव पक्ष ने दावा किया कि लाखन का घटनाक्रम से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उसे गलत तरीके से मामले में शामिल किया गया है।

वहीं शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि जांच में आरोपी की कथित भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं।

अभियोजन के अनुसार फरियादी हितेंद्र सिंह चौहान उर्फ चिंटू ठाकुर को कथित रूप से रोककर धमकाया गया, मारपीट की गई और भारी रकम की मांग की गई थी।

जांच में जुटे साक्ष्यों पर अलका दीक्षित, जयदीप, विनोद शर्मा, जितेंद्र पुरोहित, रेशू चौधरी, श्वेता विजय जैन व अन्य को आरोपी बनाया गया है। कोर्ट ने केस डायरी और पुलिस प्रतिवेदन का अवलोकन करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया आरोपी की कथित संलिप्तता सामने आती है।

अदालत ने यह भी माना कि इस स्तर पर जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित होने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रह सकती है। इसी आधार पर जमानत आवेदन खारिज कर दिया गया।

अब बढ़ेगा दबाव, अगली नजर बाकी आरोपियों पर
कानूनी जानकारों का मानना है कि इस फैसले के बाद मामले में जेल में बंद अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी असर पड़ सकता है। वहीं क्राइम ब्रांच अब कथित नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य कड़ियों की जांच को और तेज करने की तैयारी में है।

मामले में पुलिस ने लाखन चौधरी, अलका दीक्षित,जयदीप,विनोद शर्मा,जितेंद्र पुरोहित,रेशू चौधरी और श्वेता विजय जैन काे आरोपी बनाया है।

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