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नासा ने रचा इतिहास: 54 साल बाद फिर चंद्रमा की सतह पर उतरेंगे इंसान; आर्टेमिस II मिशन किया लॉन्च

KHULASA FIRST

संवाददाता

02 अप्रैल 2026, 4:44 pm
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खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने लंबे अंतराल के बाद मानव मिशन को चंद्रमा की दिशा में भेजकर इतिहास रच दिया है। आर्टेमिस-II मिशन 2 अप्रैल को सुबह 4:05 बजे फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया।

चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा
स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के जरिए ओरियन अंतरिक्ष यान में चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा गया। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव मिशनों और बसावट की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

जरूरी सिस्टम की जांच जारी
फिलहाल अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में रहकर सभी जरूरी सिस्टम की जांच कर रहे हैं और इसके बाद चंद्रमा की ओर बढ़ेंगे।

लॉन्च से पहले आई थी तकनीकी दिक्कत
लॉन्चिंग से करीब एक घंटे पहले लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई थी, जिससे मिशन पर खतरा मंडराने लगा था। हालांकि इंजीनियरों ने समय रहते समस्या को ठीक कर लिया और सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया।

हाई अर्थ ऑर्बिट में टेस्टिंग जारी
मिशन इस समय हाई अर्थ ऑर्बिट में पहुंच चुका है। पहले 24 घंटों में लाइफ सपोर्ट, थ्रस्टर और नेविगेशन सिस्टम का परीक्षण किया गया। अंतरिक्ष यात्रियों ने मैनुअल पायलटिंग का अभ्यास भी किया, ताकि आपात स्थिति में नियंत्रण बनाए रखा जा सके।

अब चंद्रमा की ओर बढ़ेगा यान
सभी सिस्टम सफल पाए जाने के बाद ट्रांस-लूनर इंजेक्शन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें यान को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकालकर चंद्रमा की दिशा में भेजा जाएगा। लगभग 4 दिनों की यात्रा के बाद अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पास पहुंचेंगे।

54 साल बाद ऐतिहासिक कदम
इससे पहले 1972 में अपोलो 17 मिशन के तहत इंसान चंद्रमा के पास गया था। अब 54 साल बाद यह पहला मौका है जब मानव डीप स्पेस में इतनी दूर जाएगा।

10 दिन का होगा पूरा मिशन
ओरियन स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के करीब लगभग 7400 किलोमीटर की दूरी से फ्लाईबाय करेगा और “फ्री रिटर्न ट्राजेक्टरी” के जरिए बिना अतिरिक्त ईंधन खर्च किए पृथ्वी पर लौट आएगा। पूरा मिशन करीब 10 दिन का होगा।

भविष्य के मिशनों के लिए अहम
इस मिशन से मिलने वाला डेटा आर्टेमिस III के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर दोबारा इंसान को उतारना है।

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