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करोड़ों का आबकारी घोटाला: ईडी ने 50 प्रॉपर्टी की चिन्हित; ये अधिकारी बचे

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जून 2026, 3:12 pm
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करोड़ों का आबकारी घोटाला

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित करीब 71.58 करोड़ रुपए के आबकारी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। एजेंसी ने मामले से जुड़े आरोपियों और उनके परिजनों की 50 से अधिक संपत्तियों की पहचान कर ली है, जिन पर जल्द अटैचमेंट की कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों के नाम भी आए
ईडी की जांच और आरोपियों के बयानों में तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे, जिला आबकारी अधिकारी बी.एल. दांगी तथा तत्कालीन एडीईओ सुखनंदन पाठक के नाम सामने आए हैं।

लेकिन अभी आरोपी नहीं
हालांकि अब तक ईडी ने किसी आबकारी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया है और जांच फिलहाल ठेकेदारों व शराब दुकानों के संचालन से जुड़े लोगों तक सीमित रखी है।

ठेकेदारों ने खोले कई राज
जांच में मुख्य आरोपी अंश त्रिवेदी और राजू दशवंत सहित अन्य आरोपियों ने बताया कि कई शराब दुकानों का संचालन लिखित अनुबंध के बिना केवल मौखिक निर्देशों पर कराया गया। बयानों के अनुसार घोटाले से प्राप्त राशि का हिस्सा कथित रूप से आबकारी विभाग के अधिकारियों तक भी पहुंचाया जाता था।

फर्जी चालानों से हुआ करोड़ों का खेल
ईडी की जांच में सामने आया कि शराब दुकानों के लिए जमा किए जाने वाले चालानों में राशि की हेराफेरी की जाती थी। उदाहरण के तौर पर बैंक में कम राशि जमा कर अधिक राशि दर्शाई जाती थी, जिसके आधार पर शराब का उठाव किया जाता था। इसी तरीके से वर्षों तक करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान हुआ।

इन लोगों की संपत्तियां चिन्हित
ईडी ने जिन लोगों और उनके परिवारों की संपत्तियां चिन्हित की हैं, उनमें प्रमुख रूप से अविनाश मंडलोई एवं प्रतीक्षा मंडलोई, राकेश जायसवाल, राजू दशवंत के पिता रमेश दशवंत, प्रीति जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, राहुल चौकसे, विजय श्रीवास्तव एवं ज्योति श्रीवास्तव, योगेंद्र जायसवाल एवं साधना जायसवाल, गोपाल शिवहरे, पूनम शिवहरे, संयम शिवहरे, मुकेश शिवहरे एवं भारती शिवहरे, ओमप्रकाश जायसवाल शामिल बताए गए हैं।

करोड़ों की अचल संपत्तियां रडार पर
ईडी की सूची में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित मकान, फ्लैट, प्लॉट, डुप्लेक्स और कृषि भूमि शामिल हैं। इनमें विद्या नगर, बिचौली हप्सी, माणिकबाग, सर्वानंद नगर, अक्षरधाम कॉलोनी, सुखलिया, स्कीम-114, सुदामा नगर, बसंत विहार, झलारिया, स्काय पवेलियन, पिपल्याकुमार, स्कीम-78, 94, 134, 136, सांवेर और देपालपुर क्षेत्र की जमीनें प्रमुख रूप से शामिल हैं।

यह है पूरा घोटाला
वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2017-18 के बीच हुए इस घोटाले का शुरुआती आंकलन 41.73 करोड़ रुपए था, जो बाद में बढ़कर 71.58 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। अब तक करीब 22.16 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है, जबकि लगभग 49.42 करोड़ रुपए की राशि अभी भी बकाया बताई जा रही है।

ED के PMLA केस में 14 आरोपी
ईडी ने अपने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले में कुल 14 आरोपियों को शामिल किया है, जिनमें प्रमुख रूप से अंश त्रिवेदी, राजू दशवंत, विजय श्रीवास्तव, अविनाश मंडलोई, राकेश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, राहुल चौकसे, दीपक जायसवाल, योगेंद्र जायसवाल, गोपाल शिवहरे, मुकेश शिवहरे, भारती शिवहरे, सूर्य प्रकाश अरोरा, मेसर्स मिलियन ट्रेडर्स भोपाल प्रा. लि. शामिल हैं।

ईडी अब संपत्तियों की अटैचमेंट प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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