मोहन ने कैलाश के सामने खड़ा किया शंकर: कल होने वाला कार्यक्रम स्थगित; लेकिन पत्र का जवाब देने की बड़ी तैयारी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा इंदौर के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र का विवाद गहरा गया है। कैलाश के पत्र के जवाब में मोहन ने उनके सामने सांसद शंकर लालवानी को खड़ा कर दिया है। शंकर के प्रयासों से कल बीसीसी में विकास और मुद्दों पर चर्चा रख दी गई।
हालांकि देर रात वह स्थगित भी कर दिया गया। स्थिति भांपकर सांसद लालवानी कल मंत्री विजयवर्गीय द्वारा आयोजित पौधारोपण बैठक में पहुंचे व जताने की कोशिश की कि उनका उनसे कोई बैरभाव नहीं, लेकिन कहा जा रहा है कि सच्चाई ये नहीं है।
मुखरता व बेबाकी से बात रखने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्र में मेट्रोपोलिटन सिटी में इंदौर का नाम बाद में करने सहित विभिन्न मुद्दे उठाए थे। उन्होंने लिखा कि ढाई साल से उन्हें असहयोग, उपेक्षा व विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
यदि इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो जनता की आवाज सार्वजनिक मंच पर उठाना उनकी मजबूरी होगी। विजयवर्गीय ने पत्र में मास्टर प्लान में देरी, इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम को लेकर आपत्ति, एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि के विभाजन, पीथमपुर में सुविधाओं की कमी और सिंहस्थ के कामों में इंदौर की अनदेखी जैसे मुद्दे उठाए हैं।
20 जून को लिखा ये पत्र 29 जून को लीक हो गया। इसमें इंदौर के मास्टर प्लान और मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का नाम इंदौर केंद्रित रखने की मांग भी की गई है। इसके लीक होते ही बवाल मच गया। ताबड़तोड़ विशेष संवाद कार्यक्रम ‘मध्य प्रदेश की उम्मीदों का शहर इंदौर’ का आयोजन इंदौर में ही 3 जुलाई को करना तय किया गया।
ये कार्यक्रम मुख्यमंत्री के मुख्यातिथ्य में दोपहर 3 बजे जामावर हॉल, ग्राउंड फ्लोर, ब्रिलियंट कन्वेंशन सेटर में होना था, लेकिन देर रात कार्यक्रम स्थगित करने की खबर आ गई। खास बात ये कि ये आयोजन सांसद शंकर लालवानी द्वारा आयोजित किया गया था, जो अब कुछ दिन बाद होगा। माना जा रहा है कि मंत्री विजयवर्गीय के मुकाबले मुख्यमंत्री ने सांसद लालवानी को खड़ा कर दिया है। अब इंदौर की सियासत कैलाश और शंकर के बीच बंट जाएगी।
सिंहस्थ कार्यों पर भी हो चुका विवाद
कुछ माह पूर्व सिंहस्थ को लेकर कार्यों पर भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भिड़ंत हो चुकी है। भोपाल में भरी कैबिनेट बैठक में विजयवर्गीय ने कह दिया था कि अन्य मदों का पैसा भी सिंहस्थ मद में खर्च कर दिया जाएगा तो अन्य जगहों पर विकास कार्य कैसे करेंगे? उनका साथ मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी दिया था। बाद में विजयवर्गीय और पटेल कई कैबिनेट बैठकों में नहीं गए थे।
क्लोज हो गया चैप्टर: विजयवर्गीय
कल जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से उनके पत्र के बारे में पूछा गया तो पहले उन्होंनो कहा कि कोई पत्र लिखा ही नहीं। जहां छपा है, उनसे पूछो कि वे ये पत्र कहां से लाए? बाद में बोले- ये चैप्टर क्लोज हो गया है।
वर्मा ने कसा तंज
मामले में कांग्रेस के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता सज्जनसिंह वर्मा ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई वरिष्ठ मंत्री स्वयं को निर्णय प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। विजयवर्गीय का नाम लेते हुए कहा कि यदि सरकार में उनकी अनदेखी हो रही है और उनकी राय को महत्व नहीं दिया जा रहा, तो उन्हें स्वाभिमान के साथ मंत्री पद से इस्तीफा देकर जनता के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने कहा भाजपा में अब वरिष्ठता और अनुभव के बजाय कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में निर्णय केंद्रित हो गए हैं, जिससे कई वरिष्ठ नेता असहज महसूस करने लगे हैं। किसी मंत्री को अपनी ही सरकार में उपेक्षा, असहयोग और विरोध की शिकायत मुख्यमंत्री तक लिखित रूप में पहुंचानी पड़े तो ये बढ़ती असहमति का स्पष्ट संकेत है।
यदि यह पत्र वास्तविक है, तो इसके सार्वजनिक होने की जिम्मेदारी कौन लेगा और यदि यह गलत है, तो सरकार एवं भाजपा नेतृत्व को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विजयवर्गीय ही नहीं, बल्कि कई अन्य वरिष्ठ मंत्री भी निर्णय प्रक्रिया में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार सरकार में मंत्री केवल औपचारिक भूमिका निभा रहे हैं।
संबंधित समाचार

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त:सरकारी जमीन से हटेगा कब्जा; अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, कलेक्टर के निर्देश की अनदेखी पर कटेगा वेतन

जर्जर छात्रावासों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों स्टूडेंट्स; बोले- छत का प्लास्टर गिरने से डर का माहौल

गर्ल्स डिग्री कॉलेज में जमकर हंगामा:बीए के रिजल्ट पर मचा बवाल; 1316 छात्राओं में इतनों को दी सप्लीमेंट्री

मोमोज को लेकर विवाद:ठेले वाले ने छात्र पर फेंका खौलता तेल; चेहरा-कान झुलसे

जमीन मुक्त नहीं हुई तो उग्र आंदोलन तय:5.84 करोड़ जमा, फिर भी टालमटोल; 7 को ज्ञापन, 13 से आरपार का ऐलान

600 पन्नों की रिपोर्ट से तय होगी जवाबदेही:जहरीले जलकांड पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई

दूषित जल कांड मामला:अब इस तारीख को होगी अगली सुनवाई; याचिकाकर्ताओं ने कहा- रिपोर्ट का अध्ययन कर बहस के लिए समय जरूरी

350 करोड़ का प्रोजेक्ट:सवा किमी में 15 पिलर की खुदाई पूरी; 2028 तक निर्माण का लक्ष्य

स्कीम नं. 114 पार्ट-1 में शासकीय भूमि पर कब्जा:कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता को भगा रहे अधिकारी

निगम की अनदेखी से मुसीबत बना खुला नाला:हादसों का जिम्मेदार कौन

शहर के नामी होटल पर नगर निगम की कार्रवाई:लाखों रुपए का लगाया स्पॉट फाइन; मिली ये खामियां

पटवारी अपने विवादित वीडियो पर स्पष्टीकरण दें:यादव समाज

तय समय के बाद तक हैमर्स में झलके जाम तो थिरके लोग:देर रात कासा-कासा की धूम; सिस्टम खामोश

बंटी नागर की मौत के पीछे करोड़ों का जाल:खुलासा फर्स्ट ने जिन नामों का किया था खुलासा; पुलिस की जांच में वही नाम

सोयाबीन के भाव को लेकर किसानाें चक्काजाम:कहा- मंडी में 4400; बाहर 5200 से 5600 रुपए तक बिक रहा, विधायक ने लगाए साठगांठ के आरोप

पुलिस चौकी के पास कारों पर पथराव:बदमाशों ने मचाया का आतंक; शाम तक पुलिस रही बेखबर

पत्नी ने की पति की बेरहमी से हत्या:सोते समय सिर पर हथौड़ा मारा; फिर गला दबाया, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम

भाजपा में जंग से भोपाल तक गरमाई सियासत:उमंग सिंघार का ट्वीट- जब मुख्यमंत्री न किसी की सुनते हैं, न चलने देते हैं, तो अधिकारी क्यों सुनेंगे

नए जिलों का तेजी से विकास ही प्राथमिकता:सीएम डॉ. मोहन यादव

गर्लफ्रेंड का नेकलेस टूटने पर बौखलाया बॉयफ्रेंड:जला दी दूसरी युवती की एक्टिवा; नाबालिग सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है कई मामले
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!