जेल जाएंगे इस पार्टी के विधायक: बहुचर्चित घोटाले में दोषी करार; इस कोर्ट का फैसला, सजा की अवधि का आदेश जारी होना शेष
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, दतिया।
मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भूमि विकास बैंक से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में दिल्ली की MP-MLA कोर्ट ने दोषी ठहरा दिया है। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराधी माना है और फिलहाल उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। हालांकि, सजा की अवधि को लेकर अंतिम आदेश अभी जारी होना बाकी है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला करीब 25 साल पुराना है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक, दतिया के अध्यक्ष थे। उस दौरान उन्होंने वर्ष 1998 में अपनी मां स्वर्गीय सावित्री देवी के नाम पर करीब 10.50 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई थी। यह जमा तीन साल के लिए थी, जिस पर उस समय 13.5% वार्षिक ब्याज मिल रहा था।
पद के दुरुपयोग का आरोप
आरोप है कि अध्यक्ष पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने नियमों के विपरीत एफडी पर मिलने वाले ब्याज को हर साल अलग-अलग निकलवाया, जबकि नियमानुसार ब्याज और मूलधन का भुगतान केवल मैच्योरिटी के बाद किया जाना चाहिए था।
फर्जी दस्तावेजों से बढ़ाई गई एफडी अवधि
जांच में सामने आया कि 2001 में एफडी की अवधि पूरी होने के समय बाजार में ब्याज दरें कम हो गई थीं। ऐसे में आरोप है कि राजेंद्र भारती ने दस्तावेजों में हेरफेर कर एफडी की अवधि पहले 3 साल और फिर 2004 में लगभग 10 साल तक बढ़ा दी।
ऊंची ब्याज दर का लिया लाभ
इस दौरान उन्होंने लगातार 13.5% की ऊंची ब्याज दर का लाभ लिया। आरोपों के अनुसार, यह पूरा खेल कागजों में छेड़छाड़ और रिकॉर्ड में बदलाव कर किया गया, जिससे बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ।
कैसे सामने आया घोटाला
साल 2003 में बैंक प्रबंधन को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली, जिसके बाद आंतरिक जांच शुरू की गई। जांच में राजेंद्र भारती और उनकी मां को दोषी पाया गया। इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम और दतिया की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट तक पहुंचा।
बैंक कर्मचारी भी आरोपी
अदालत में दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश (IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 409 और 120B) के तहत केस दर्ज हुआ। जांच के दौरान बैंक के एक कर्मचारी को भी आरोपी बनाया गया।
लंबी कानूनी लड़ाई और केस ट्रांसफर
राजेंद्र भारती ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई याचिकाएं दायर कीं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। बाद में उन्होंने निष्पक्ष सुनवाई का हवाला देते हुए केस को मध्यप्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामला दिल्ली की स्पेशल MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। यह मामला पहले दतिया कोर्ट, फिर ग्वालियर की MP-MLA कोर्ट और अंततः दिल्ली में चला। लंबी सुनवाई के बाद अब अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
दतिया कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक दांगी के अनुसार, अदालत ने अभी केवल दोष सिद्ध किया है, सजा का ऐलान अभी होना बाकी है। अंतिम निर्णय आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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