राज्यसभा चुनाव कोर्ट पहुंचा: मीनाक्षी का चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप; तन्खा का सांसद पद छोड़ने तक का बयान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट,जबलपुर।
मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मंगलवार को जबलपुर पहुंचीं नटराजन ने बताया कि उन्होंने निर्धारित 45 दिनों की समय-सीमा के भीतर चुनाव याचिका दायर कर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट जल्द इस मामले में सुनवाई करेगा।
नटराजन ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अफसरों ने उनके मामले में निष्पक्षता नहीं बरती। जिन तथ्यों का विधिवत संज्ञान तक नहीं लिया गया, उन्हीं को आधार बनाकर उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने चुनाव अधिकारियों को "कॉम्प्रोमाइज्ड" बताते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद है।
कांग्रेस के पास संख्या बल था, फिर भी रद्द हुआ नामांकन
दरअसल, मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। पार्टी के पास आवश्यक संख्या बल होने का दावा भी किया जा रहा था, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
पहले वोट चोरी होती थी, इस बार सीट चोरी हुई है
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ऐसे मामलों में सीधे रिट याचिका नहीं सुनी जा सकती। यदि उम्मीदवार को आपत्ति है तो वह चुनाव याचिका दायर कर सकता है। इसके बाद मीनाक्षी नटराजन ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उन्होंने कहा था कि पहले वोट चोरी होती थी, इस बार सीट चोरी हुई है।
जंतर-मंतर की घटना पर केंद्र सरकार पर हमला
मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुई कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का "काला दिन" बताते हुए आरोप लगाया कि छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार हर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है और आंदोलनकारियों को आतंकवादी बताने का माहौल बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, देश का युवा राष्ट्र के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और देशहित के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन की तरह आज भी युवाओं का संघर्ष जारी है और अब सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर जनता के सामने आ रहा है।
विवेक तन्खा ने भी सरकार को घेरा
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी जंतर-मंतर की घटना और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यदि सरकार सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त नहीं करवा पा रही है, तो यह संसद, सरकार और न्यायपालिका तीनों की सामूहिक विफलता होगी।
तन्खा ने लिखा कि यदि सोनम वांगचुक को कोई नुकसान पहुंचता है तो यह पूरे लोकतांत्रिक तंत्र की असफलता मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कम से कम मैं तो सांसद बने रहना बिल्कुल पसंद नहीं करूंगा।
संबंधित समाचार

छात्रों का प्रदर्शन तेज:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; 22वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी

क्रेडिट कार्ड का झांसा देकर 49 हजार की साइबर ठगी:बिना इस्तेमाल किए ही आया बिल; मेडिकल ऑफिसर बने शिकार

रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक हादसा:ट्रेन की चपेट में आने से यात्री के दोनों पैर कटे; एक घंटे तक नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार

वीडियो देखिए, चौराहे पर दिनदहाड़े दहशत:बिना नंबर की बाइक पर चाकू लेकर युवक को दौड़ाया, राहगीर ने दी सूचना

वीडियो देखिए, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया:तीन घंटे धरने के बाद कार्रवाई; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे

प्राइम पैक दिल्ली के गोदाम पर छापा

शिवसेना यूबीटी ने किया शराब दुकान का विरोध

वीडियो देखिए, हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता बिल पास:मुख्यमंत्री बोले- अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं चलेगा; कांग्रेस का जोरदार विरोध

खुलासा फर्स्ट की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता

सांसद शंकर लालवानी के निवास पर फटा ‘तिरंगा' फहराने का आरोप

लटूरी देवता की गवाही के बिना अधूरी और खंडित है बाबा केदार की यात्रा

सुप्रीम एक्शन:राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला; टिन्नू यादव की रिमांड में बड़े खुलासे, VVIP गेट से रकम बाहर ले जाने का पुलिस का दावा

323 पेड़ों की बलि देकर बनाएंगे टंकी:गार्डन पर निगम का बुलडोजर; लाखों के सौंदर्यीकरण पर फिरा पानी

छत्तीस घंटे में दूधवाले से लूट का खुलासा:पत्थर मारकर लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार; बाइक और मोबाइल बरामद

नोटरी से खुला निगम खाता:फिर विक्रय हो गई संपत्ति

40 वर्षों से जमे हैं शेवगांवकर दोषी हैं:फिर भी पद नहीं छोड़ रहे

छात्रों के समर्थन में सिंगर ने उठाई आवाज:लाठीचार्ज पर जताई नाराजगी; कहा-छात्रों को मारने में शर्म नहीं आती

सीजेपी आंदोलन पर ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान:बोलीं- जरूरत पड़ी तो खुद प्रदर्शन में जाऊंगी; विपक्ष को दिया एकजुटता का मंत्र

तो इन कारणों से कटा नरोत्तम का पत्ता:अब मुख्यधारा में वापसी मुश्किल

190 पदोन्नत एसडीएम नहीं कर सकेंगे राजस्व के फैसले:भर्ती नियम 1961 के अनुसार दो साल परिवीक्षा अवधि व ट्रेनिंग अनिवार्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!