खबर
Top News

वीडियो देखिये, नामांकन खारिज होने के बाद मीनाक्षी ने तोड़ी चुप्पी: भारतीय जनता पार्टी, चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए

KHULASA FIRST

संवाददाता

21 जून 2026, 5:46 pm
18 views
शेयर करें:

खुलासा फर्स्ट, हैदराबाद। 
मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाली वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन खारिज होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से चुप्पी तोड़ी है। हैदराबाद के गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी, चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा द्वारा लगाए जा रहे उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि कांग्रेस के ही कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ दस्तावेज भाजपा को उपलब्ध कराए थे।

मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा के आरोपों को ‘फेक कॉन्स्पिरेसी थ्योरी’ बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह मनगढ़ंत कहानी है, जिसका उद्देश्य जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के भीतर किसी तरह के भितरघात की बात केवल राजनीतिक अफवाह है।

‘कांग्रेस ने कागज दिए, यह कहानी सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नटराजन ने कहा कि भाजपा लगातार यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है कि उनके खिलाफ इस्तेमाल किए गए दस्तावेज कांग्रेस के नेताओं ने ही उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि यदि एक पल के लिए इस दावे को सच भी मान लिया जाए, तब भी यह सवाल बना रहता है कि नामांकन रद्द किसने किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कोई नेता जाकर नामांकन निरस्त नहीं कर सकता था। नामांकन खारिज करने का अधिकार केवल रिटर्निंग ऑफिसर के पास था और उन्हें पूरी जानकारी थी कि मामला किसी आपराधिक प्रकरण का नहीं बल्कि केवल एक सामान्य कानूनी नोटिस का था। इसके बावजूद नामांकन खारिज कर दिया गया।

नटराजन ने कहा कि भाजपा की साजिश वाली कहानी चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले का बचाव नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो अधिकारियों को चुनावी नियमों की समझ नहीं थी या फिर वे किसी दबाव में काम कर रहे थे।

‘आरओ के कमरे में कलेक्टर और कमिश्नर क्यों मौजूद थे?’
मीनाक्षी नटराजन ने स्क्रूटनी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि नामांकन की जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में भाजपा के कई नेता मौजूद थे, जबकि कांग्रेस नेताओं को अंदर आने से रोका जा रहा था।

उनका कहना था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के विरोध के बाद जैसे ही उन्हें अंदर आने की अनुमति मिली, उसी समय वहां कलेक्टर और कमिश्नर भी पहुंच गए। उन्होंने पूछा कि राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में कलेक्टर और कमिश्नर की कोई वैधानिक भूमिका नहीं होती, फिर वे वहां किस अधिकार से मौजूद थे।

नटराजन ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि प्रशासनिक मशीनरी और राजनीतिक सत्ता के बीच असामान्य तालमेल था। उन्होंने कहा कि इससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

‘58 वोट चाहिए थे, भाजपा के पास 48 थे, फिर भी तीसरा उम्मीदवार उतारा’
राज्यसभा चुनाव के गणित को समझाते हुए मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मध्यप्रदेश में तीन सीटों के लिए चुनाव होना था। इनमें से दो सीटें भाजपा के खाते में जाना लगभग तय था, जबकि तीसरी सीट के लिए 58 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास 62 विधायक थे, इसलिए तीसरी सीट जीतने के लिए उसके पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद था। इसी आधार पर पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और नामांकन के दौरान सभी विधायक एकजुट होकर उनके साथ पहुंचे थे।

नटराजन ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास तीसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक संख्या नहीं थी। उनके अनुसार भाजपा के पास जरूरी आंकड़े से करीब 10 विधायक कम थे, इसके बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारना इस बात का संकेत था कि पार्टी शुरुआत से ही क्रॉस वोटिंग, दबाव की राजनीति और जोड़-तोड़ की रणनीति पर काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को लगा कि विधायकों की खरीद-फरोख्त या दबाव की रणनीति सफल नहीं होगी, तब नामांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

‘फॉर्म 26 में लीगल नोटिस बताने का कॉलम ही नहीं’
नामांकन खारिज किए जाने के तकनीकी आधार पर मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल एक लीगल नोटिस जारी हुआ था, जो न्यायिक प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण में था।

उनका कहना था कि चुनावी हलफनामे के फॉर्म 26 में कहीं भी लंबित लीगल नोटिस की जानकारी देने का प्रावधान नहीं है। जब जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने उनसे पूछा, तब उन्होंने स्वयं इसकी जानकारी दी थी।

नटराजन ने कहा कि उनके पूरे दस्तावेजों की जांच वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी जैसे अनुभवी विधि विशेषज्ञों ने की थी। चुनाव आयोग की 2023 की हैंडबुक के अनुसार ऐसे मामलों में नामांकन निरस्त करना अंतिम विकल्प नहीं होता। उन्होंने झारखंड के एक अन्य मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उम्मीदवार को अतिरिक्त समय दिया गया, जबकि उनके मामले में जल्दबाजी दिखाकर नामांकन खारिज कर दिया गया।

‘चुनाव आयोग ने जानबूझकर देरी की’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि नामांकन खारिज होने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल चुनाव आयोग से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि रणदीप सिंह सुरजेवाला, विवेक तंखा और अभिषेक मनु सिंघवी सहित कई वरिष्ठ नेता आयोग के समक्ष पहुंचे थे।

नटराजन का दावा है कि आयोग के पास फैसले पर पुनर्विचार करने का पर्याप्त समय था, लेकिन जानबूझकर देर की गई। उनका कहना है कि रात तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत में भी चुनाव आयोग, भाजपा और मध्यप्रदेश सरकार के पक्ष में एक असामान्य कानूनी गठजोड़ देखने को मिला। उनके अनुसार इससे पूरे मामले में निष्पक्षता को लेकर सवाल और गहरे हो जाते हैं।

चरित्र हनन और परिवार को घसीटने पर भी बोलीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीनाक्षी नटराजन ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे व्यक्तिगत आरोपों और परिवार को विवाद में घसीटे जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप होने का मतलब यह नहीं है कि उसके पूरे परिवार को निशाना बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने गंभीर आरोपों वाले नेताओं के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की है और भविष्य में भी करेगी। लेकिन बिना किसी तथ्य के परिवार के अन्य सदस्यों को विवाद में घसीटना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।

हाईकोर्ट में दायर करेंगी चुनाव याचिका
मीनाक्षी नटराजन ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को यहीं समाप्त नहीं मानतीं। उन्होंने कहा कि वह कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करेंगी।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल उनके नामांकन की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा है। उनका दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग, प्रशासन और राजनीतिक सत्ता के बीच कथित साठगांठ को उजागर कर दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि वह मध्यप्रदेश की राजनीति से जुड़ी हैं और प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना उनका अधिकार है। इसलिए न्याय मिलने तक वह इस मामले को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाती रहेंगी।

संबंधित समाचार

पूर्व मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
Top News

पूर्व मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान:कहा-अब राजनीति नहीं; धर्म की रक्षा करेंगे, दशहरे पर निकालेंगे अयोध्या यात्रा

about 6 hours ago
भाजपा मंडल अध्यक्ष के जन्मदिन पर उड़ाई नियमों की धज्जियां
Top News

भाजपा मंडल अध्यक्ष के जन्मदिन पर उड़ाई नियमों की धज्जियां:प्रतिबंध के बावजूद बुलेट से पटाखे फोड़कर मनाया जश्न; रहवासी होते रहे परेशान

about 6 hours ago
बर्फानी बाबा का आकार घटकर एक फुट
Top News

बर्फानी बाबा का आकार घटकर एक फुट:परंतु आस्था में नहीं आई कोई कमी

about 7 hours ago
काॅलेज परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण
Top News

काॅलेज परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण:मंत्री ने बताया भारतीय ज्ञान परंपरा का वाहक ; आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक प्रगति में अहम योगदान

about 7 hours ago
लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
Top News

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; इस एवज में मांगी थी घूस

about 7 hours ago
पवित्र धाम, अपवित्र काम
Top News

पवित्र धाम, अपवित्र काम:चढ़ावा चोरी; चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर

about 7 hours ago
कलेक्टर जनसुनवाई में जरूरतमंदों को मिली राहत
Top News

कलेक्टर जनसुनवाई में जरूरतमंदों को मिली राहत:प्रशासन बना आमजन का सहारा; दिव्यांग बालिका की शिक्षा की हुई राह आसान

about 7 hours ago
सीमांकन के बाद भी नहीं बन पाई बाउंड्री
Top News

सीमांकन के बाद भी नहीं बन पाई बाउंड्री:सरकारी बगीचा बना अवैध पार्किंग

about 7 hours ago
वीडियो देखिये, हॉस्पिटल रोड पर जलभराव से बढ़ी परेशानी
Top News

वीडियो देखिये, हॉस्पिटल रोड पर जलभराव से बढ़ी परेशानी:मरीजों और राहगीरों को हो रही भारी दिक्कत, हादसे की आशंका

about 7 hours ago
सरकार ने फिर लिया इतने हजार करोड़ का कर्ज
Top News

सरकार ने फिर लिया इतने हजार करोड़ का कर्ज:कुल देनदारी इतने लाख करोड़ के करीब पहुंची

about 7 hours ago
सराफा में सरकारी सुविधाघर तोड़ने का आरोप
Top News

सराफा में सरकारी सुविधाघर तोड़ने का आरोप:विरोध करने पर दुकानदारों को दी जान से मारने की धमकी

about 7 hours ago
नगर निगम के नोटिस को हवा में उड़ा रहा पानी माफिया
Top News

नगर निगम के नोटिस को हवा में उड़ा रहा पानी माफिया:3 दिन का अल्टिमेटम देकर भूला कॉरपोरेशन

about 8 hours ago
दिग्गज क्रिकेटर का निधन
Top News

दिग्गज क्रिकेटर का निधन:38 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; विश्व कप में खेली थी यादगार पारी

about 8 hours ago
पिस्टल लहराकर दी गालियां
Top News

पिस्टल लहराकर दी गालियां:पुलिस को कहे अपशब्द; कुख्यात बदमाश पर बड़ी कार्रवाई

about 8 hours ago
‘ऑनर’ के नाम पर बहन का कत्ल
Top News

‘ऑनर’ के नाम पर बहन का कत्ल:एक बार फिर भाई बना जल्लाद; प्रेमी से मिलने की जिद पर दी मौत

about 8 hours ago
वीडियो देखिये, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने क्या पूछा
Top News

वीडियो देखिये, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने क्या पूछा:आप कब से राम भक्त हो गए; इनकी पीड़ा राम मंदिर के चढ़ावे चोरी से संबंधित नहीं

about 8 hours ago
सिंहस्थ क्षेत्र में फिर शुरू हुआ पक्का निर्माण कार्य
Top News

सिंहस्थ क्षेत्र में फिर शुरू हुआ पक्का निर्माण कार्य:गृहमंत्री अमित शाह के फैसले की अनदेखी

about 8 hours ago
सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध, सीएम डॉ. मोहन यादव
Top News

सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध, सीएम डॉ. मोहन यादव:डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र सतगढ़ी का शिलान्यास

about 8 hours ago
वीडियो देखिये, उत्कृष्ट पुलिसिंग पर 18 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
Top News

वीडियो देखिये, उत्कृष्ट पुलिसिंग पर 18 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित:पुलिस कमिश्नर ने प्रशस्ति पत्र व नकद पुरस्कार देकर बढ़ाया हौसला

about 8 hours ago
भक्तों ने ‘जय श्री महाकाल’ का उद्‌घोष कर ग्रहण की महाप्रसादी
Top News

भक्तों ने ‘जय श्री महाकाल’ का उद्‌घोष कर ग्रहण की महाप्रसादी

about 8 hours ago

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!