नियमों में होगा बड़ा बदलाव: परिवार का भरण-पोषण नहीं करने पर जाएगी नौकरी; आश्रितों को कई राहतें मिलेंगी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट,भोपाल।
मध्यप्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पात्र आश्रितों को राहत देने के साथ-साथ कुछ मामलों में नियमों को और अधिक सख्त बनाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को वित्त विभाग की सहमति मिल चुकी है और जल्द ही इसे राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है।
कड़ी कार्रवाई का प्रावधान
नए नियम लागू होने के बाद अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले आश्रितों को कई प्रक्रियात्मक राहतें मिलेंगी, जबकि परिवार के प्रति जिम्मेदारी नहीं निभाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान भी किया जाएगा।
सीपीसीटी की अनिवार्यता खत्म करने की तैयारी
प्रस्तावित बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय कंप्यूटर प्रवीणता एवं प्रमाणन परीक्षा (सीपीसीटी) को लेकर है। अभी अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर्मचारियों को निर्धारित अवधि में सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है। परीक्षा पास नहीं करने की स्थिति में उनकी सेवा समाप्त किए जाने का प्रावधान है।
सरकार अब इस अनिवार्यता को समाप्त करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही उन सुझावों को भी खारिज कर दिया गया है, जिनमें सीपीसीटी पास नहीं करने वाले कर्मचारियों को लिपिकीय पदों से हटाकर चतुर्थ श्रेणी के पदों पर पदावनत करने की बात कही गई थी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा के साथ बड़ी राहत मिलेगी।
भरण-पोषण भत्ता जारी रहेगा
सरकार के स्तर पर यह विचार भी हुआ था कि जो परिवार अनुकंपा नियुक्ति का विकल्प नहीं चुनते, उन्हें मिलने वाला पांच वर्ष का भरण-पोषण भत्ता समाप्त कर दिया जाए। हालांकि सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग दोनों ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। इसलिए वर्तमान व्यवस्था के अनुसार कर्मचारी के अंतिम वेतन के बराबर मिलने वाला पांच वर्ष का भरण-पोषण भत्ता जारी रहेगा।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के आश्रितों को राहत नहीं
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को दी जाने वाली दो लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं की गई है। वर्ष 2014 से यह राशि दो लाख रुपये ही निर्धारित है। कर्मचारी संगठनों द्वारा इसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी, लेकिन नए प्रस्ताव में इसे यथावत रखा गया है।
सरकार प्रस्तावित नियमों में एक महत्वपूर्ण और सख्त प्रावधान भी जोड़ रही है। इसके तहत यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित पुत्र या पुत्री को अनुकंपा नियुक्ति मिलती है और बाद में वह अपने माता-पिता अथवा परिवार के अन्य आश्रित सदस्यों के भरण-पोषण से इनकार करता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकेगी।
लापता कर्मचारियों के मामलों में भी बदलेगा नियम
प्रस्तावित संशोधनों में लापता कर्मचारियों से जुड़े मामलों के लिए भी नया प्रावधान शामिल किया गया है। वर्तमान नियमों के तहत यदि कोई कर्मचारी सात वर्ष तक लापता रहता है, तो उसे कानूनी रूप से मृत मानते हुए उसके आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकती है।
नए नियम के अनुसार यदि नियुक्ति दिए जाने के बाद लापता कर्मचारी जीवित मिल जाता है या उसका पता चल जाता है, तो उसके आश्रित को दी गई अनुकंपा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त की जा सकेगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होंगे नए नियम
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद संशोधित नियम लागू हो जाएंगे, जिससे हजारों सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और उद्देश्यपरक बनेगी, जबकि परिवार के हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
संबंधित समाचार

50 लाख की हवाला राशि लूटने की तैयारी में थे ठक-ठक गैंग के बदमाश:पुलिस ने मैदान में घेरकर दबोचा, 33 मोबाइल, लैपटॉप और कार जब्त

जनसुनवाई बनी उम्मीद की किरण:किसी को नौकरी तो किसी को मिली आर्थिक सहायता

मां का छलका दर्द:'शिलॉन्ग में रहना था तो मेरे बेटे की हत्या क्यों हुई?'; परिवार पर लगाए संरक्षण और आर्थिक मदद के आरोप

पुलिस कमिश्नर ने 48 पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित:ब्रिक्स कृषि सम्मेलन-2026 के सफल आयोजन में दिया था अहम योगदान

भीषण सड़क हादसा:टवेरा की टक्कर से तीन की मौत; सहेली को घर छोड़ने जा रही थी युवती

जनसुनवाई में बढ़ता जनविश्वास:पुलिस कमिश्नर ने सुनी प्रत्येक आवेदक की समस्याएं; दिया न्याय का भरोसा

मुख्यमंत्री को 'गंदा पानी' देने पर अधिकारी को नोटिस:इस शहर की कलेक्टर फिर चर्चा में

महामंडलेश्वर को मिली धमकी:'अब तेरी बारी; मोदी और मोहन भी नहीं बचा पाएंगे'

फीफा वर्ल्ड कप में बना अनोखा रिकॉर्ड:16 साल बाद हुआ ऐसा; फुटबॉल प्रेमी भी देखकर रह गए हैरान

एयरफोर्स अफसर की पत्नी से दुष्कर्म:पूर्व क्लासमेट ने बनाया धर्मांतरण का दबाव; फोटो-वीडियो से किया ब्लैकमेल

कैबिनेट के बड़े फैसले:तबादलों को 24 घंटे की मोहलत; इंदौर मेट्रो की लागत बढ़ी, नई स्वास्थ्य नीति को मंजूरी

दूषित पानी से बिगड़ी लोगों की तबीयत:उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत; 10 के बीमार होने की सूचना, इलाके में मचा हड़कंप

अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी यह दवा:केंद्र सरकार ने बदले बिक्री के नियम; विक्रेताओं को रिकॉर्ड और नियमों का करना होगा पालन

प्रभावित परिवारों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले, राहत सामग्री से मिटाई भूख:सड़क चौड़ीकरण के नाम पर सामान समेत ढहाए आशियाने

दोस्त ने की दोस्त की हत्या:बोतल और मोटर से किया हमला; खून से सने कपड़ों में भागा आरोपी

6 वर्षीय बच्चे की सड़क हादसे में मौत:पिता के साथ जन्मदिन पार्टी में रहा था; पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर

तबादला सूची में इस शहर पर सबसे ज्यादा मंथन:एक नाम ऐनवक्त पर जुड़ा; कई दावेदारों को नहीं मिली एंट्री

‘शराब छोड़ दे’ की समझाइश बनी जानलेवा, डंडे के वार से पुजारी की हत्या:सुबह आरती की तैयारी चल रही थी, तभी नशे में धुत कर्मचारी ने बरपा दिया कहर

ड्रग्स साम्राज्य की गॉड मदर गिरफ्तार ड्रग्स क्वीन की शिष्या:सीमा नाथ अब भी फरार एक लाख की ब्राउन शुगर के साथ पकड़ाई, 26 केस दर्ज

चाकू की नोक पर पत्रकार से लूट:लिफ्ट मांगने के बहाने बदमाशों ने रोका; बंधक बनाकर वसूले रुपए
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!