मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के चहुंमुखी विकास की रखी सशक्त नींव: शाह
संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की शृंखला की शुरुआत को बताया दूरदर्शी खुलासा फर्स्ट, भोपाल । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मप्र के संतुलित व
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संवाददाता

संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की शृंखला की शुरुआत को बताया दूरदर्शी
खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मप्र के संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की शृंखला आयोजित करने की शुरुआत को दूरदर्शी बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी शुरुआत नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के लिए की थी।
‘वाइब्रेंट गुजरात’ के नाम से इंडस्ट्रियल समिट आयोजित करने की एक वैज्ञानिक और व्यवस्थित शुरुआत उन्होंने की। इसमें राज्य की राजधानी में बड़े स्तर पर इंडस्ट्रियल समिट आयोजित होते थे और राज्य में व्यापक निवेश आता था। डॉ. यादव ने क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के चहुंमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती परग्वालियर में ‘अभ्युदय : मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्लस्टर इन्वेंस्टमेंट पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं डॉ. मोहन यादव को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने राज्य के संतुलित विकास के लिए ‘क्षेत्रीय निवेश कॉन्क्लेव’ की एक नई और दूरदर्शी शुरुआत की है।
मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कॉन्क्लेव आयोजित करने और निवेश के भूमिपूजन का जो सिलसिला उन्होंने शुरू किया है, वह आने वाले समय में राज्य के संतुलित विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। आज जो 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है, वह देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन किसी एक क्षेत्र के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।
अब पीएम मित्र पार्क के आने से पारंपरिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है और कपास फिर से किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बन गई है। मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता उसका भौगोलिक लोकेशन है। यहाँ से पूरे देश के आधे हिस्से तक बहुत कम ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में आपूर्ति संभव है।
लेकिन इस भौगोलिक लाभ का शत-प्रतिशत उपयोग तभी संभव है, जब राज्य में सिमेट्रिक इंडस्ट्री विकसित की जाए। दक्षिण से जुड़े जिलों में उद्योग स्थापित हों, दिल्ली से जुड़े जिलों, जैसे ग्वालियर में उद्योग लगेंऔर पश्चिमी क्षेत्रों जैसे धार और झाबुआ में भी औद्योगिक विकास हो।
तभी मध्यप्रदेश को अपने भौगोलिक लाभ का वास्तविक फायदा मिलेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि इसी सोच के साथ यह आयोजन डॉ. मोहन यादव ने किया है। मैं उन्हें हृदय से बधाई देता हूं कि उनकी क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट ने मध्यप्रदेश के चहुंमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है।
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