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नया फ्लैट बुक करने के दिन ही उजड़ गई जिंदगी: कभी न भूलने वाली घटना में गई इंजीनियर की जान; दुखी पति ने बताई ये मार्मिक बात

KHULASA FIRST

संवाददाता

30 मार्च 2026, 1:28 pm
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नया फ्लैट बुक करने के दिन ही उजड़ गई जिंदगी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लसूड़िया इलाके स्थित सागर समृद्धि अपार्टमेंट में हुई कार कुचलने की घटना में इंफोसिस की सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पांडे की मौत हो गई। घटना ने एक परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि पति को दो दिन तक बच्चों से उनकी मां की मौत की सच्चाई छिपानी पड़ी।

बच्चों से कहा- “मम्मा ठीक होकर आ जाएंगी”
पति सौरभ पांडे ने बताया कि हादसे के बाद बड़े बेटे का फोन आया। उसने मां के बारे में पूछा तो सौरभ ने कहा कि “मम्मा की तबीयत ठीक नहीं है, दो दिन में घर आ जाएंगी।”इस पर बेटे ने जवाब दिया—“मम्मा आ जाएंगी तब ही खाना खाऊंगा…”। दो दिन बाद जब शंपा का शव घर लाया गया, तब बच्चों को सच्चाई बताई गई। यह सुनकर दोनों बच्चे रोने लगे। छोटा बेटा अब भी स्थिति को पूरी तरह समझ नहीं पा रहा है।

मां के जन्मदिन पर बुक किया था नया फ्लैट
सौरभ के मुताबिक, जिस दिन हादसा हुआ, उसी दिन उन्होंने डीबी प्राइड में नया फ्लैट बुक किया था। संयोग से उस दिन शंपा की मां का जन्मदिन भी था। परिवार ने इसे एक शुभ शुरुआत माना था, लेकिन उसी दिन हुई घटना ने सब कुछ बदल दिया।

जिस घर में गृह प्रवेश, वहीं से अंतिम यात्रा
नवंबर में परिवार ने नए घर में गृह प्रवेश किया था। अब उसी घर से शंपा की अंतिम यात्रा निकली। सौरभ ने कहा, “एक मिनट में सब खत्म हो गया, जैसे परिवार में बम फट गया हो।” उन्होंने यह भी बताया कि तीन महीने पहले ही शंपा की मां का ब्रेन हेमरेज से निधन हुआ था। परिवार उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि यह हादसा हो गया।

सोसाइटी विवाद के बाद बदलने वाला था घर
सौरभ ने बताया कि सागर समृद्धि अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद उन्हें सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जानकारी मिली कि यहां AIRBNB के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विवाद चल रहे हैं।

फ्लैट बेचने या किराए पर देने का निर्णय लिया
रंगपंचमी के आसपास यह मामला सामने आया, जिसके बाद उन्होंने फ्लैट बेचने या किराए पर देने का निर्णय लिया। हालांकि शुरुआत में वे वहीं रहे, लेकिन एक सप्ताह पहले आरोपी पिता कुलदीप और बेटे मोहनीश से जुड़े विवाद के बाद उन्होंने तुरंत घर बदलने का फैसला कर लिया था। इसके लिए ऑनलाइन विज्ञापन भी दिया गया था।

करियर और परिवार: साथ-साथ आगे बढ़े
सौरभ और शंपा दोनों इंफोसिस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। 2013 में शादी के बाद दोनों ने अपने करियर की शुरुआत अलग-अलग कंपनियों से की। शंपा पहले टाटा में नौकरी की थीं, बाद में इंफोसिस में आ गईं। मुंबई और बेंगलुरु में अलग-अलग पोस्टिंग के बाद दोनों साथ काम करने लगे। 2023 में वे इंदौर शिफ्ट हुए और स्कीम नंबर-114 में बच्चों के साथ रह रहे थे।

आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
सौरभ ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “एक गंदी मछली ने हमारा सब कुछ बर्बाद कर दिया। ऐसे लोगों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। इन्हें समाज में रहने का कोई हक नहीं है।”



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