खबर
Top News

दाल पर उकेरे ज्योतिर्लिंग: दीक्षा का वर्ल्ड रिकॉर्ड;महज 22 मिनट में चने की दालों पर बनाई सूक्ष्म पेंटिंग

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जून 2026, 1:21 pm
65 views
शेयर करें:
दाल पर उकेरे ज्योतिर्लिंग

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।

प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर उज्जैन की एक छात्रा ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी। उत्कृष्ट विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा दीक्षा कुशवाह ने मात्र 22 मिनट में 8 मिलीमीटर आकार की 12 चने की दालों पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की सूक्ष्म पेंटिंग बनाकर वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।
ऋषि नगर निवासी दीक्षा की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे उज्जैन शहर को गौरवान्वित किया है। इतनी छोटी सतह पर बारीकी से कलाकृति उकेरना आसान नहीं था, लेकिन दीक्षा ने अपनी मेहनत, धैर्य और एकाग्रता से इसे संभव कर दिखाया।
एक साल की मेहनत ने दिलाई पहचान
दीक्षा फ्रीगंज स्थित एक आर्ट क्लास में भी प्रशिक्षण लेती हैं। वहीं अन्य बच्चों को सूक्ष्म कला का अभ्यास करते देखकर उनकी रुचि इस विधा में बढ़ी। इसके बाद उन्होंने लगातार एक वर्ष तक मेहनत कर अपनी कला को निखारा और आखिरकार एक अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
22 मिनट में रचा कीर्तिमान
दीक्षा ने मात्र 22 मिनट में 12 अलग-अलग चने की दालों पर 12 ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां उकेरीं। 8 मिमी की छोटी-सी दाल पर इतनी सूक्ष्म और सटीक पेंटिंग बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है। इसके लिए विशेष उपकरणों के साथ स्थिर हाथ, गहरी एकाग्रता और अद्भुत धैर्य की आवश्यकता होती है।
महाकाल और केदारनाथ दर्शन से मिली प्रेरणा
दीक्षा ने बताया कि उन्हें यह अनोखा कार्य करने की प्रेरणा केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा महाकाल के दर्शन के बाद मिली। इसके अलावा कॉलेज में कई विद्यार्थियों को वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते देखकर उनके मन में भी कुछ अलग और विशेष करने का विचार आया।
उन्होंने कहा कि सबसे छोटे आकार में 12 ज्योतिर्लिंग बनाने की इच्छा और लगातार अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो कोई भी उपलब्धि असंभव नहीं होती।
शहर को दी नई पहचान
दीक्षा की इस उपलब्धि को वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता प्रदान की है। उनकी सफलता युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और यह संदेश देती है कि छोटे से छोटे माध्यम में भी बड़ी कला और बड़े सपने समाहित हो सकते हैं।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!