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परशुराम-श्रीकृष्ण लोक से जानापाव को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, सीएम डॉ. मोहन यादव: गंभीर और अजनार नदी को पुनर्जीवित करने की घोषणा

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 अप्रैल 2026, 4:01 pm
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परशुराम-श्रीकृष्ण लोक से जानापाव को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, सीएम डॉ. मोहन यादव

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को कहा भगवान परशुराम का जीवन आस्था, श्रद्धा और धर्म की स्थापना के लिए समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। अधर्म के विरुद्ध खड़े होकर परशुराम जी ने धर्म की पुनर्स्थापना की और शस्त्र तथा शास्त्र दोनों में पारंगत रहकर संतुलित शक्ति का परिचय दिया।

उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव में 17.41 करोड़ से श्री परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जाएगा, जो भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन का केन्द्र बनेगा। इससे जानापाव को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर इंदौर जिले के जानापाव में आयोजित ‘परशुराम प्रकटोत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की और महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।

कहा जानापाव 7 से अधिक नदियों का उद्गम है, जिनमें प्रमुख हैं चंबल, गंभीर, अजनार, चोरल। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंभीर और अजनार नदी को पुनर्जीवित करने की कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिए। कहा नदियां धरती माता की धमनियों के समान है। उनका संरक्षण, पुनर्जीवन और सतत प्रवाह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।

नदियों के जीवित होने से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नदी जोड़ो अभियान की सराहना करते हुए कहा कि केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र और पार्वती-कालीसिंध परियोजना से मालवा एवं राजस्थान क्षेत्र को पेयजल, सिंचाई उद्योग और बिजली उत्पादन में व्यापक लाभ मिलेगा, जो क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा भगवान श्रीराम के विवाह में परशुराम के धनुष की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो उस काल की परंपरा और सामर्थ्य का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि परशुराम जी के आशीर्वाद से ही उन्होंने असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को संभव किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परशुराम जी को महान गुरु बताते हुए कहा कि उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महायोद्धाओं को शिक्षित कर उन्हें दिव्यास्त्रों का ज्ञान प्रदान किया।

गजेबो, व्यू पॉइंट, लैंडस्केपिंग और पाथ-वे होंगे लोक में
मुख्यमंत्री ने कहा जानापाव में प्रस्तावित लोक में पौराणिक महत्व को दर्शाने वाला एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा, स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा और ध्यान दीर्घा के माध्यम से भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को प्रस्तुत किया जाएगा।

परिसर में दोनों भगवानों की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, 30 फीट ऊंचा भव्य प्रवेश द्वार होगा, कथा मंच तथा गज़ेबो, व्यू पॉइंट, लैंडस्केपिंग और पाथ-वे सहित अन्य आधारभूत विकास कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के लीला-स्थलों को ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ के रूप में विकसित कर उन्हें तीर्थ स्वरूप दिया जा रहा है।

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