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नायता मुंडला रोड पर कई जगह आईएसबीटी... आरटीओ बेखबर

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जून 2026, 4:08 pm
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नायता मुंडला रोड पर कई जगह आईएसबीटी... आरटीओ बेखबर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जितनी उम्मीदों से आईडीए ने नायता मुंडला में आईएसबीटी यानी इंटर स्टेट बस टर्मिनल बनाया था, उन पर आरटीओ की ढिलाई से पानी फिर रहा है। इस मार्ग पर तीन इमली चौराहा से लेकर आईएसबीटी तक कई जगह कई बस आपरेटरों ने अपने कार्यालय खोल लिए हैं और सवारियां बैठा रहे हैं, जबकि यात्री आईएसबीटी से ही बैठना चाहिए। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, क्योंकि ये बस ऑपरेटर तय शुल्क अदा नहीं कर रहे हैं।

85 बसें चलना थीं, चल रहीं मात्र 55: इसी की नतीजा है कि आईएसबीटी से तयशुदा 85 बसें चलना थी, लेकिन वर्तमान में मात्र 55 बसें ही चल रही हैं। सबसे ज्यादा गड़बड़ी उस तीन इमली बस स्टैंड पर हो रही है, जो निजी जमीन पर होकर पूरी तरह अवैध है।

कुछ दिनों पूर्व जहां आग लगी थी तो आरटीओ का अमला यहां पहुंचा और तीन-चार बसों के चालान बनाकर फिर गायब हो गया। अभी स्थिति ये है कि तीन इमली चौराहा काॅर्नर से कई बस वाले खुलेआम सवारियां बैठा रहे हैं और बिना आईएसबीटी जाए सीधे यात्रियों को ले जा रहे हैं।

नियमानुसार, हर बस ऑपरेटर को अपनी हर बस के लिए तय शुल्क शासन को चुकाना होता है, लेकिन तीन इमली बस स्टैंड से बसें संचालित करने वाले ऑपरेटर इस शुल्क की खुलेआम चोरी कर रहे हैं।

केवल ये चौराहा ही नहीं, यहां से लेकर नायता मुंडला आईएसबीटी तक कई ऑपरेटरों ने अपने कार्यालय खोल रखे हैं और सवारियों को बैठाकर सीधे ले जा रहे हैं।

आश्चर्य की बात है कि इसी मार्ग से आरटीओ प्रदीप शर्मा, सभी एआरटीओ और अन्य अधिकारी निकलते हैं, लेकिन उन्हें ये कुछ भी नहीं दिखता।

यात्रियों को ले जाता है एक ट्रेवल्स संचालक
सूत्रों ने बताया कि रास्ते में ही ऑफिस खोलकर बैठा एक ट्रेवल संचालक तो यात्रियों को आईएसबीटी से ले जाता है और अपने कार्यालय पर खड़ी बस में बैठा लेता है। इसके लिए उसने वाहनों की व्यवस्था कर दी है।

उसके लोग रिक्शा व अन्य साधनों से यात्रियों को बैठाकर अपने कार्यालय पर ले जाते हैं। एक अन्य ट्रेवल्स संचालक भी यात्रियों को अपने कार्यालय पर रोक लेता है और अन्य वाहनों द्वारा लिए जाने वाले किराए से कम किराए का लालच देकर अपनी बस में बैठा लेता है।

चापड़ा में होती है क्रासिंग तो होता है विवाद
इस रूट से बसें चापड़ा, बागली, हाटपीपल्या, करनावद, कमलापुर समेत तमाम कस्बों तक जाती है। आईएसबीटी के बजाय अपने कार्यालय से यात्रियों को बैठाने वाले ट्रेवल्स संचालक नसरुल्लागंज, हरदा तक की सवारियां बैठा लेते हैं, लेकिन उन्हें बिजवाड़ पर ही उतारकर इस रूट पर आगे जाने वाली बसों में बैठा देते हैं।

इस क्रासिंग से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तमाम ट्रेवल्स संचालक बागली, हाटपीपल्या की ओर जाने वाले यात्रियों को बिजवाड़ में छोड़कर चल देते हैं, इससे अन्य बस ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ता है।

यदि वे इंदौर से ही सवारी बैठाएं तो पूरा किराया लेकर सीधे गंतव्य तक ही छोड़ेंगे, लेकिन रास्ते से सवारी बैठाने पर उन्हें आधा-अधूरा किराया ही मिलता है और बस में सीट खाली भी रखना पड़ती है।

लगातार करते हैं कार्रवाई
मामले में एआरटीओ राजेश गुप्ता ने बताया कि आरटीओ प्रदीप शर्मा के मार्गदर्शन में समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। पूर्व में कई बार बसों को जब्त किया गया है।

तीन इमली बस स्टैंड से लेकर आईएसबीटी नायता मुंडला तक के तीन किमी के मार्ग पर विभिन्न ट्रेवल्स संचालकों ने अपने ऑफिस खोल रखे हैं, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आप ने इस ओर ध्यान दिलाया है तो दोबारा कार्रवाई करेंगे।

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