एक देश-एक विधान मांग रहा हिंदुस्तान: मुख्यमंत्री के हाथों में पहुंची यूसीसी की फाइनल रिपोर्ट
KHULASA FIRST
संवाददाता

मध्य प्रदेश में लागू होगी समान नागरिक संहिता, तैयारियां हुई पूर्ण
उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला मप्र होगा देश का दूसरा राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दो-टूक... सरकार विधानसभा के आगामी सत्र में पेश करेगी विधेयक
यूसीसी लागू होने के बाद अब एमपी में लिव इन रिलेशनशिप में रहने वालों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य
नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्य प्रदेश और यहां के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उस स्वप्न को साकार करने जा रहे हैं, जो उनके दल के पुरखों ने दशकों पहले देखा था और उस स्वप्न को साकार होने की आस लिए दुनिया से अलविदा हो गए।
‘एक देश-एक विधान, मांग रहा है हिंदुस्तान’ का नारा तब से बुलंद है, जब डॉ. यादव की पार्टी की राजनीतिक यात्रा का शुभारंभ हुआ था। जनसंघ से लेकर भाजपा तक यही नारा, डॉ. मोहन यादव की पार्टी की आत्मा रहा है।
अब बतौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस आत्मा को कानूनी रूप से आत्मसात करने जा रहें हैं। मध्य प्रदेश उत्तराखंड के बाद देश का ऐसा दूसरा राज्य हो जाएगा, जहां समान नागरिक संहिता, यानी यूसीसी लागू होगा।
कभी कमलदल में ये उम्मीद दूर-दूर तक नहीं थी कि समान नागरिक संहिता, धारा 370 व अयोध्या में राम मंदिर का स्वप्न इस सदी में पूर्ण भी होगा, लेकिन फिर ‘मोदी है, तो मुमकिन है’ का दौर आया और अब धारा 370 व राम मंदिर के बाद तीसरा बड़ा स्वप्न यूसीसी का साकार होने जा रहा है।
डॉ. मोहन यादव ने बेहद खामोशी से इस भगीरथी कार्य को एक हद तक अंजाम दे दिया है। इसी मानसून सत्र में मध्य प्रदेश में यूसीसी कानूनी रूप से लागू हो जाएगा।
म ध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ गई है। इसे लेकर राज्य की सियासत में काफी हलचल है। यूसीसी के मामले में फाइनल रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दी गई है।
समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने वाली समिति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अपनी अंतिम रिपोर्ट और ड्राफ्ट सौंप दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस विधेयक को आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।
समिति के ड्राफ्ट के अनुसार राज्य में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के ऐसा करना अपराध माना जाएगा और इसके तहत माता-पिता को सूचना देने का प्रावधान शामिल किया गया है।
मसौदा समिति ने अपनी रिपोर्ट में आदिवासी समाज को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश की है। यूसीसी लागू करने से पहले सरकार में आम लोगों की राय भी ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्राफ्ट को लेकर सरकार को 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
इस ड्राफ्ट के सामने आने के बाद मुस्लिम संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से विरोध भी शुरू हो गया है। भोपाल सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए हैं और मुस्लिम संगठनों ने इसे शरीयत में दखल बताते हुए सरकार से ड्राफ्ट वापस लेने की मांग की है।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के बीच वैचारिक रूप से गहरा विभाजन है। जहां एक पक्ष इसे सामाजिक समानता और महिला अधिकारों के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला और ध्यान भटकाने की राजनीति करार दे रहा है। पक्ष और विपक्ष की मुख्य राय इस प्रकार है-
1. भारतीय जनता पार्टी- पूर्ण समर्थन में। भाजपा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रुख है कि राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। इससे बहुविवाह जैसी कुप्रथाएं रुकेंगी, महिलाओं (विशेषकर अल्पसंख्यक महिलाओं) को तलाक और संपत्ति में समान अधिकार मिलेंगे। सरकार का दावा है कि उन्हें मिले 9 लाख से अधिक सुझावों में 90% लोग इसके पक्ष में हैं, जिनमें मुस्लिम समाज की महिलाएं भी शामिल हैं।
2. कांग्रेस- विरोध और बहिष्कार। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस विधायकों का कहना है कि सरकार बुनियादी मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी का सहारा ले रही है। कांग्रेस ने ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया का बहिष्कार किया है। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा जारी किए गए 90% समर्थन के आंकड़े झूठे और केवल प्रोपेगंडा हैं।
3. अन्य विपक्षी दल- समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे प्रमुख दलों ने भी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बुलाई गई बैठकों से दूरी बनाई और बिना व्यापक विमर्श के इसे लागू करने का विरोध किया है।
आदिवासी समुदाय पहले आशंकित, अब शांत व सहज... यूसीसी के मसले पर आदिवासी समाज व विभिन्न सामाजिक संगठन पहले सशंकित जरूर थे, लेकिन अब शांत है। शुरुआत में मध्य प्रदेश के आदिवासी संगठनों (जो राज्य की 21% आबादी हैं) ने अपनी अनूठी परंपराओं और रूढ़िवादी कानूनों के खत्म होने की आशंका जताई थी।
हालांकि जुलाई 2026 में आई मसौदा समिति की अंतिम रिपोर्ट में आदिवासियों को इस कानून से पूरी तरह बाहर रखने की सिफारिश की गई, जिससे आदिवासी संगठनों की मुख्य चिंता दूर हो गई है।
इस प्रकार जहां भाजपा इसे ‘समानता का कानून’ बताकर मानसून सत्र में पारित कराने पर अड़ी है, वहीं विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे कानूनी व सामाजिक मोर्चे पर चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
मुस्लिम सामाजिक संगठनों का कड़ा विरोध
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी और भोपाल के कई मुस्लिम संगठनों जैसे जॉइंट एक्शन कमेटी ने इसके खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया है। मुस्लिम तंजीमों का मानना है कि यूसीसी मुस्लिम पर्सनल लॉ और शरीयत में सीधा दखल है।
यह संविधान के अनुच्छेद 25 और 29 (धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है। इस मसले पर मुस्लिम महिला संगठन बंटे हुए हैं। जमीनी स्तर पर कई पीड़ित मुस्लिम महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीन तलाक के बाद अब बहुविवाह और हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए यूसीसी के कुछ प्रावधानों का समर्थन किया है।
कुछ महिला संगठनों का यह भी कहना है कि पर्सनल लॉ में सुधार जरूरी है, लेकिन वर्तमान राजनीतिक माहौल में इसे थोपना ठीक नहीं है।
संबंधित समाचार

किराए के बैंक खातों से कर दी करोड़ों की ठगी:म्यूल अकाउंट चलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार; 3 एटीएम कार्ड और मोबाइल जब्त

जेल से छूटते ही फिर आतंक मचाने लग गया भय्यू सुरीला:गर्लफ्रेंड से दोस्ती तोड़ने का दबाव इनकार पर दुकानदार को पीटा

कांग्रेस विधायक के निर्वाचन पर हाईकोर्ट का नोटिस:चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप

बीमारी का बहाना, वर्दी में जमीनों का धंधा!:डेढ़ साल से पीटीसी से गैर हाजिर रहते हुए कर रहा था पूरे खेल

भागता फिर रहा ब्लैकमेलिंग और दलित महिलाओं से छेड़छाड़ व दुष्कर्म का मुलजिम:अपराधों का चिट्ठा खुलते ही जमानत खारिज

मुझ पर ही मुस्लिम युवक को लाने का आरोप लगाकर पीटा:मेरे परिवार की महिलाओं से हुई छेड़छाड़

लहरा दो तिरंगा रैली से पहले पुलिस का एक्शन:अभिजीत दीपके को थमाया नोटिस; उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

पंडाल में नशेड़ी:आयोजक पर एफआईआर; गार्डन सील

अभिव्यक्ति गरबे में सुरक्षा व्यवस्था हो गई तार-तार:नशे में धुत युवक महिलाओं के बीच पहुंचा

व्यापारी से 50 हजार रुपए महीने की मांगी रंगदारी:विरोध करने पर की मारपीट; पिता-पुत्र सहित 4 के खिलाफ केस दर्ज

महिला कांग्रेस अध्यक्ष के कॉलेज में गरबे पर बवाल:बजरंग दल की दबिश से आयोजन रद्द

देश के 180 युवा बिजनेसमैन में चमके इंदौर के तपन अग्रवाल:हुरुन अंडर-35 लिस्ट में बनाई जगह; अंबानी-अदाणी की सूची में हुए शामिल

अंबे और महाकाल के जयकारे के साथ भक्तों ने ग्रहण की भक्तिभाव से महाप्रसादी:नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर 10 दिवसीय महोत्सव

गरबा पंडालों में भक्ति की धूम:पारंपरिक गरबों से जीवंत शहर; भक्ति भाव से मां की आराधना

लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई:रिश्वत लेते निरीक्षक और साथी गिरफ्तार

सिटी पब्लिक स्कूल पर कसेगा कानूनी शिकंजा:अवैध वसूली पर राजीनामा नहीं; आपराधिक धाराओं में हो कार्रवाई

लग्जरी हॉस्पिटैलिटी का नया अध्याय:शुरू हुआ विवांता अमलतास

ट्रेन ने मेंटनेंस ट्रॉली को मारी टक्कर:एक गैंगमैन की मौत; कर्मचारी का पैर कटा

जो नहीं आए, उनसे पूछो, मुझसे क्यों पूछते हो:जलसंकट पर मंत्री विजयवर्गीय की बैठक से 5 विधायक नदारद; सवाल पर बोले

एसडीएम के नाम पर मांगे एक लाख रुपए:पांच करोड़ की संपत्ति पर कब्जे का आरोप
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!