तंत्र-मंत्र की आड़ में अवैध कारोबार: ग्राहक बनकर पहुंचे अफसर; सौदा होते ही दुकानदार गिरफ्तार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
शहर में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर प्रतिबंधित वन्यजीवों के अंगों की कथित अवैध बिक्री का वन विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। विभाग की टीम ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाते हुए ग्राहक बनकर हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र स्थित एक दुकान पर दबिश दी और कथित 'हठ जोड़ी' का सौदा होते ही दुकानदार यश शर्मा (35) को गिरफ्तार कर लिया।
वन विभाग के अनुसार आरोपी हरसिद्धि मंदिर के सामने स्थित अपनी दुकान 'शिवाय रुद्राक्ष पात्रा' से पूजा सामग्री के साथ कथित 'हठ जोड़ी' बेच रहा था। बाजार में इसे तंत्र-मंत्र, धन प्राप्ति और विशेष सिद्धियों से जोड़कर ऊंचे दामों पर बेचे जाने का दावा किया जाता है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने ग्राहक बनकर कार्रवाई की योजना बनाई थी।
जब्त सामग्री की होगी वैज्ञानिक जांच
कार्रवाई के दौरान जब्त की गई सामग्री के मॉनिटर छिपकली (गोह) के अंग होने की आशंका जताई गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वन विभाग ने नमूनों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए जबलपुर स्थित वन्यजीव फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जब्त सामग्री किस वन्यजीव की है।
पुष्टि होने पर बढ़ सकती हैं गंभीर धाराएं
अधिकारियों के मुताबिक यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि जब्त सामग्री मॉनिटर छिपकली की है, तो मामले में और गंभीर कानूनी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। मॉनिटर छिपकली वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 (Schedule-I) में शामिल अत्यंत संरक्षित प्रजाति है। ऐसे वन्यजीवों का शिकार, उनके अंगों का संग्रह, खरीद-फरोख्त या तस्करी कानूनन गंभीर अपराध है, जिसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है।
तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि कथित प्रतिबंधित वन्यजीव अंग कहां से लाए जा रहे थे, इनके सप्लायर कौन हैं और यह नेटवर्क किन-किन शहरों तक फैला हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में वन्यजीव तस्करी से जुड़े बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 39, 49, 50 और 51 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग का कहना है कि अंधविश्वास की आड़ में संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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