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आहत मां ने कांग्रेस नेता को सुनाया दर्द: अगर नीट पेपर लीक नहीं हुआ होता तो वह हमारे बीच होती

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 जून 2026, 1:01 pm
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आहत मां ने कांग्रेस नेता को सुनाया दर्द

खुलासा फर्स्ट, भोपाल/मऊगंज।
नीट पेपर लीक प्रकरण से आहत होकर आत्महत्या करने वाली मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के परिवार से शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फोन पर बातचीत की।

इस दौरान आकांक्षा की मां अपने दर्द को रोक नहीं सकीं और कहा, ' मेरी बेटी ही हमारे परिवार का इकलौता सहारा थी। अगर वह डॉक्टर बन जाती तो घर का कर्ज उतर जाता और हमारे सपने पूर हो जाते।' राहुल गांधी और आकांक्षा की मां के बीच हुई भावुक बातचीत का वीडियो आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. विक्रांत भूरिया ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।

'उसकी कोई गलती नहीं थी, उसने सिर्फ मेहनत की थी'
फोन पर बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि एयरपोर्ट जाते समय उन्होंने आकांक्षा की लिखी चिट्ठी पढ़ी। चिट्ठी पढ़कर उन्हें गहरा दुख हुआ और इसी कारण उन्होंने परिवार से संपर्क किया। राहुल ने कहा, बेचारी की इसमें कोई गलती नहीं थी। उसने सिर्फ पढ़ाई की थी और मेहनत की थी। अगर मेरे लायक कोई मदद हो तो जरूर बताइए।'

मां का दर्द: 'बेटी डॉक्टर बन जाती तो हमारा जीवन बदल जाता'
आकांक्षा की मां ने कहा कि उनकी बेटी ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई की थी और परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए कर्ज तक लिया था। उन्होंने भावुक होकर कहा, "सबसे बड़ा दुख यही है कि उसने इतनी मेहनत की। अगर पेपर लीक नहीं हुआ होता तो शायद आज वह हमारे बीच होती। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। घर में वही सबसे बड़ी थी और हमारे परिवार की उम्मीद थी।"

पिता गंभीर रूप से बीमार
मां ने बताया कि आकांक्षा के पिता गंभीर रूप से बीमार हैं और दो बार ऑपरेशन हो चुका है। वे अपने हाथ से पानी तक नहीं पी सकते। ऐसे में परिवार को उम्मीद थी कि बेटी डॉक्टर बनकर घर की आर्थिक स्थिति संभालेगी।

'उसे लगा कि उसने परिवार को निराश कर दिया'
राहुल गांधी ने बातचीत में कहा कि आकांक्षा की चिट्ठी पढ़कर उन्हें महसूस हुआ कि वह खुद को परिवार के सपनों के टूटने का जिम्मेदार मान रही थी।
उन्होंने कहा, "चिट्ठी पढ़कर लगा कि उसे लगा होगा कि उसने परिवार को निराश कर दिया, जबकि उसकी कोई गलती नहीं थी। वह सिर्फ एक अन्यायपूर्ण व्यवस्था की शिकार हुई।"

कांग्रेस की ओर से आर्थिक सहायता
बातचीत के दौरान आकांक्षा के बड़े पिता हनुमान प्रसाद चतुर्वेदी ने राहुल गांधी को बताया कि कांग्रेस की ओर से परिवार को ढाई लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिल चुकी है और 50 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता भी मिलने वाली है।

पेपर लीक पर फिर उठे सवाल
आकांक्षा की मौत के बाद एक बार फिर NEET पेपर लीक मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं आकांक्षा का मामला उन हजारों छात्रों की मानसिक पीड़ा को सामने लाता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं से प्रभावित हुए हैं।

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