हेली सेवाएं केदारनाथ घाटी के गुप्तकाशी: फाटा व सिरसी हेलीपैड से संचालित होंगी; केदारनाथ के लिए हेली सेवा 22 से शुरू
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो चुका है। केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को पहले से ज्यादा सख्त और व्यवस्थित बनाया गया है। आज अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल रहे हैं।
22 अप्रैल को सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। इसी दिन से हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू होंगी। हेली सेवाएं केदारनाथ घाटी के गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से संचालित की जाएंगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने कुल 8 हेलीकॉप्टर कंपनियों को संचालन की अनुमति दी है।
अनियंत्रित उड़ानों पर सख्ती... इस बार अनियंत्रित उड़ानों को रोकने के लिए शटल सेवाओं की संख्या सीमित रखी गई है, ताकि हर कंपनी तय संख्या में ही उड़ानें संचालित करे। गुप्तकाशी और फाटा से प्रतिदिन 24-24 शटल उड़ानों की अनुमति दी गई है, जबकि सिरसी से 32 उड़ानें संचालित होंगी।
सोनप्रयाग और केदारनाथ में कंट्रोल रूम... हवाई यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए सोनप्रयाग और केदारनाथ में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां एटीसी (ATC) अधिकारी तैनात रहेंगे। ये अधिकारी पायलटों को रियल-टाइम अपडेट और मौसम की जानकारी देंगे।
इसके अलावा UCADA द्वारा हेलीकॉप्टर कंपनियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला पर्यटन एवं हेली सेवा नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि इस बार हेलीकॉप्टर सेवाओं को अधिक सुरक्षित, नियंत्रित और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
पिछली बार यात्रा के दौरान कुछ मामलों में यात्रियों को हेली सेवा का रिफंड मिलने में देरी को यूकाडा ने गंभीरता से लिया है। इसके चलते यूकाडा ने इस बार क्लेम व्यवस्था को आसान बनाने का निर्णय लिया है। चौहान ने आश्वस्त किया कि ऐसे मामलों में अब से जिन ऑपरेटरों के खिलाफ शिकायतें मिलेंगी, उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
केदारनाथ में इस बार 24 घंटे गर्म पानी... इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि केदारनाथ धाम में अब श्रद्धालुओं को 24 घंटे गर्म पानी की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए बायोमास पेललेट (चीड़ की पत्तियां ‘पिरुल’ और खच्चरों के गोबर) से चलने वाले गीजर लगाए जाएंगे।
यह देश में अपनी तरह की पहली पहल होगी, जिसमें इतनी ऊंचाई पर चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ये गीजर गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के केदारनाथ और लिनचोली स्थित परिसरों में लगाए जाएंगे।
यह पहल न केवल यात्रियों को सुविधा देगी, बल्कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर खच्चरों के अपशिष्ट की समस्या को कम करने और चीड़ की पत्तियों से लगने वाली जंगल की आग के खतरे को भी घटाने में मददगार साबित होगी।
ये होगा किराया
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण द्वारा तय नई दरों के अनुसार इस साल केदारनाथ हेली सेवा के किराए में मिलाजुला बदलाव देखने को मिल रहा है। गुप्तकाशी से आने-जाने का किराया घटाकर 12,154 रुपये प्रति यात्री कर दिया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 290 रुपये कम है।
वहीं फाटा रूट पर यात्रियों को ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। यहां किराया बढ़कर 9,680 रुपये हो गया है, यानी 838 रुपये की बढ़ोतरी। सबसे बड़ी राहत सिरसी रूट पर दी गई है, जहां किराया घटकर 6,086 रुपये कर दिया गया है। पिछले साल के मुकाबले यह 2,753 रुपये कम है। हालांकि, इन सभी किरायों के अलावा जीएसटी और IRCTC पोर्टल का ऑनलाइन बुकिंग शुल्क अलग से देना होगा।
कैसे और कहां टिकट बुक करें
हेली सेवा के टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए 100% ऑनलाइन बुकिंग लागू किया गया है। बुकिंग की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी के पास ही रहेगी। शुरुआत में टिकट करीब 20-20 दिनों के चरणों (स्लॉट) में जारी किए जाएंगे। इसके बाद मौसम और यात्रियों की संख्या को देखते हुए अगले चरणों की बुकिंग खोली जाएगी।
यूसीएडीए और आईआरसीटीसी की बैठक में यह भी तय हुआ है कि कुल आठ रूटों पर अलग-अलग ऑपरेटर हेली सेवाएं चलाएंगे। इनमें चिप्सन एविएशन, राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर, थम्बी एविएशन, पिलग्रिमेज एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, हिमालयन हेली सर्विसेज, ट्रांसभारत एविएशन और एरो एयरक्राफ्ट शामिल हैं।
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