वैश्विक निवेशकों का दावोस में किया विश्वास अर्जित, सीएम डॉ. मोहन यादव: राज्य की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से किया प्रस्तुत
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मुझे मिला। यह यात्रा केवल मेरी नहीं थी, बल्कि मध्य प्रदेश के साढ़े आठ करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं की यात्रा थी।
दावोस के वैश्विक मंच पर हमने दुनिया को यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश भरपूर संभावनाओं का प्रदेश है, जहाँ नीति में स्थिरता है, प्रशासन में पारदर्शिता है और निवेश के लिए पूर्णतया अनुकूल वातावरण है। उद्योग, ऊर्जा, तकनीक, पर्यटन, कृषि, शिक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इसके साथ ही विश्व आर्थिक मंच पर मध्य प्रदेश ने सक्रिय, सशक्त और रणनीतिक भागीदारी दर्ज की। दावोस की सहभागिता ने साबित किया कि मध्यप्रदेश केवल चर्चाओं का हिस्सा नहीं, बल्कि ठोस निवेश परियोजनाओं के लिए तैयार राज्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन पर हमारी स्पष्ट सोच ने वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है। अनेक अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और उद्योग समूहों के साथ सकारात्मक संवाद हुए हैं, जो आने वाले समय में निवेश, तकनीक और रोजगार के रूप में धरातल पर दिखाई देंगे।
हमारा लक्ष्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार, किसानों को समृद्धि, महिलाओं का सशक्तिकरण और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है।
मध्य प्रदेश ने स्थापित विद्युत क्षमता में 73 गुना वृद्धि हासिल की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि डि-रिस्किंग द ग्रीन लीप: सबनेशनल ब्लूप्रिंट्स फॉर यूटिलिटी-स्केल एनर्जी ट्रांज़िशन सत्र जिसमें राज्य के ग्रीन ट्रांज़िशन पर चर्चा हुई। राज्य ने पिछले 15 वर्षों में मध्यप्रदेश ने स्थापित विद्युत क्षमता में 73 गुना वृद्धि हासिल की है।
दूसरे सत्र में ‘Reimagining Tourism at Scale’ मध्यप्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और विरासत आधारित पर्यटन क्षमताओं को प्रस्तुत किया गया। मालदीव के पर्यटन मंत्री के साथ भी चर्चा हुई जिसमें पर्यटन विकास, रूट कनेक्टिविटी और टूरिज्म क्षेत्र में कौशल विकास जैसे प्राथमिकताओं पर विचार–विमर्श हुआ।
मध्यप्रदेश को एक रणनीतिक निवेश हब के रूप में स्थापित करने के लिये मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल इको सिस्टम पर केंद्रित राउंडटेबल चर्चा हुई। इसमें सैंडोज़, NVIDIA, पेप्सिको, अपोलो हॉस्पिटल्स, मैनचेस्टर यूनाइटेड, पर महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुख अर्थव्यवस्था का निर्माण राज्य का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘समृद्ध मध्य प्रदेश@2047’ के विज़न के तहत एक मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुख अर्थव्यवस्था का निर्माण राज्य का लक्ष्य है। दावोस में निवेशकों के लिए नीति स्थिरता, पारदर्शिता, प्रशासनिक सहयोग और तेज़ क्रियान्वयन का स्पष्ट संदेश दिया गया।
मध्यप्रदेश को निवेश के लिए एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार राज्य के रूप में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की और प्रदेश की मजबूत लॉजिस्टिक्स, नीति स्थिरता और रोज़गार सृजन वाले उद्योग इको सिस्टम को निवेशकों के सामने रखा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और ईवी कंपोनेंट्स, टेक्सटाइल एवं फार्मा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहा। औद्योगिक पार्क, प्लग एंड प्ले सुविधाएं, सिंगल विंडो स्वीकृति प्रणाली और ऑफ्टर केयर (पोस्ट-इन्वेस्टमेंट सपोर्ट) को निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण के रूप में रखा गया। दावोस में मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधियों ने राज्य की ओर से सक्रिय, सशक्त और बहुआयामी सहभागिता की।
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