खबर
Top News

सरवटे क्षेत्र की होटल में लगी आग, टला हादसा: दिल्ली हादसे के बावजूद सतर्कता नहीं; यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों में मच गईे अफरा-तफरी

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 जून 2026, 1:45 pm
130 views
शेयर करें:
सरवटे क्षेत्र की होटल में लगी आग, टला हादसा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दिल्ली में बुधवार को होटल में आग की दर्दनाक घटना में 22 लोगों की हुई मौत के बाद आज सुबह शहर में एक बड़ा हादसा टल गया। सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल सरवटे बस स्टैंड के सामने स्थित होटल वैष्णवी की छत पर लगे मोबाइल टावर में आग लग गई।

इससे यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही आग का कारण शुरुआती स्तर पर ही पकड़ में आ गया और फायर ब्रिगेड ने कुछ ही देर में नियंत्रित कर लिया। आग नीचे होटल परिसर तक फैलती तो हालात गंभीर हो सकते थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार होटल की छत पर लगे मोबाइल टावर से अचानक धुआं दिखा। कुछ देर में लपटें नजर आने लगीं। होटल स्टाफ ने तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार घटना के समय होटल में करीब 15 से 20 यात्री ठहरे हुए थे।

आग की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को सतर्क किया गया।

टावर सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल: घटना के बाद एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों और होटलों की छतों पर स्थापित मोबाइल टावरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

बड़ी संख्या में ऐसे होटल, कॉम्प्लेक्स और रिहायशी भवन हैं जिनकी छतों पर मोबाइल टावर लगे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है टावरों में लगे विद्युत उपकरण, बैटरियां और केबलिंग नियमित जांच के अभाव में आग का कारण बन सकती हैं।

बस स्टैंड क्षेत्र में हड़कंप
सरवटे बस स्टैंड शहर का सबसे व्यस्त क्षेत्र माना जाता है, जहां सुबह यात्रियों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में होटल की छत पर आग की खबर फैलते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ समय के लिए लोग होटल के आसपास जमा हो गए और यातायात भी प्रभावित हुआ।

चंदन नगर के लकड़ी पीठे में देर रात भड़की आग
चंदन नगर क्षेत्र स्थित लकड़ी पीठा में कल देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते लकड़ी के ढेरों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के व्यापारियों और रहवासियों में दहशत फैल गई।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार आग रात करीब 9 बजे के आसपास लगी थी।

शुरुआती दौर में स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लकड़ी में आग तेजी से फैलने के कारण स्थिति बिगड़ती चली गई। इसके बाद फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।

मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। आग की तीव्रता को देखते हुए फायर ब्रिगेड के मुख्य वाहन सहित अन्य संसाधन लगाए गए।

आग बुझाने के दौरान लगभग 30 हजार लीटर पानी का उपयोग किया गया। लकड़ी के बड़े-बड़े गट्ठरों और ढेरों में सुलगती आग के कारण दमकल कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

टावर की तकनीकी जांच
एक दिन पहले ही दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देशभर में इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय है। ऐसे समय व्यस्ततम क्षेत्र में हुई यह घटना कई सवाल छोड़ गई है।

यदि आग कुछ देर और भड़कती या होटल के अंदर तक पहुंचती तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था। फिलहाल कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।

प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका है। फायर विभाग और संबंधित एजेंसियां टावर की तकनीकी जांच कर रही हैं।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!