विश्व प्रसिद्ध मंदिर में आरती के नाम पर वसूली: श्रद्धालुओं से लिए इतने रुपए; तीन के खिलाफ एफआईआर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन के औचक निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि कुछ श्रद्धालुओं से आरती में शामिल कराने के बदले प्रति व्यक्ति 2500 रुपए वसूले गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
औचक निरीक्षण में सामने आई शिकायत
शुक्रवार तड़के मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक भस्म आरती की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नीलकंठ द्वार, मानसरोवर मार्ग और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी अनुमति संबंधी जानकारी ली।
इसी दौरान तीन श्रद्धालुओं ने बताया कि उनसे भस्म आरती में प्रवेश और अनुमति दिलाने के नाम पर 2500-2500 रुपए लिए गए थे। शिकायत सामने आते ही प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
श्रद्धालुओं की शिकायत के आधार पर महाकाल थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
'हिंदू संगठन' के नाम पर कराई गई थी अनुमति
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भस्म आरती की प्रोटोकॉल अनुमति किसी हिंदू संगठन के नाम पर जारी कराई गई थी। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि श्रद्धालुओं से वसूली गई राशि किसके पास पहुंची और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
प्रशासन अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मंदिर प्रशासन ने भस्म आरती में प्रवेश व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला लिया है। अब श्रद्धालुओं को भस्म आरती के लिए केवल नीलकंठ द्वार से ही प्रवेश दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती की अनुमति केवल अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से ही प्राप्त करें और किसी भी व्यक्ति या संगठन को पैसे देकर प्रवेश दिलाने के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें। इस खुलासे के बाद महाकाल मंदिर की प्रवेश व्यवस्था और प्रोटोकॉल अनुमतियों को लेकर प्रशासन की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।
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