राजधानी में 22 मौतों के बाद भी नहीं चेते: क्या शहर को किसी बड़े हादसे का है इंतजार
KHULASA FIRST
संवाददाता

अंकित शाह 99264-99912 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देश की राजधानी के एक होटल में लगी भीषण आग में 22 विदेशी और भारतीय नागरिकों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। प्रारंभिक जानकारी में हादसे का कारण स्वीकृत अनुमति के विपरीत निर्माण और भवन के उपयोग में बदलाव को माना जा रहा है। इसके बावजूद इंदौर में जिम्मेदार अधिकारी अब भी गंभीर नजर नहीं आ रहे।
सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भवन को जिस उद्देश्य के लिए अनुमति दी गई हो, उसके विपरीत उपयोग करना कानून और व्यवस्था के साथ धोखाधड़ी है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने ऐसे मामलों में नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन इंदौर में हालात इसके उलट दिखाई देते हैं।
दिखावे की कार्रवाई, फिर सब सामान्य
दिल्ली के मुखर्जी नगर कोचिंग आग हादसे, सूरत के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स अग्निकांड और राजिंदर नगर कोचिंग त्रासदी जैसी घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी के परिणामों को सामने ला चुकी हैं। हर हादसे के बाद प्रशासन तात्कालिक तौर पर तो सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन कुछ समय बाद कार्रवाई ठंडी पड़ जाती है। इंदौर में भी ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी और सांवेर रोड क्षेत्र की घटनाओं के बाद प्रशासन और नगर निगम ने फायर सेफ्टी अभियान चलाकर भवनों को सील किया और नोटिस जारी किए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
भंवरकुआं, सरवटे और विजय नगर में बढ़ती अव्यवस्थाएं
शहर के भंवरकुआं क्षेत्र में बड़ी संख्या में होस्टल संचालित हो रहे हैं, जिनकी वैधता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। वहीं सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र में कई होटल और रेस्टोरेंट नियमों के विपरीत संचालित होने के आरोप हैं। विजय नगर, जिसे नए इंदौर का चेहरा माना जाता है, वहां भी अवैध निर्माण और बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसके बावजूद बड़े स्तर पर कोई निर्णायक कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
जांच और कार्रवाई लगातार जारी है: कलेक्टर
कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि पूर्व से ही भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच की जा रही है। सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है तथा नियम विरुद्ध पाए गए कई प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई और जांच अभियान लगातार जारी है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी- सर्वे नहीं, जमीनी कार्रवाई हो
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की खंडपीठ ने हाल ही अवैध निर्माण और भूमि उपयोग परिवर्तन के मामलों में सख्त टिप्पणी की है। इसमें कहा गया है कि यदि किसी भवन को एक विशेष उपयोग के लिए अनुमति दी गई हो और बाद में उसका उपयोग बदल दिया जाए तो यह व्यवस्था और कानून के साथ धोखाधड़ी है।
ये हैं शीर्ष कोर्ट के निर्देश...
केवल सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित एजेंसियों को बताना होगा कि अवैध निर्माणों पर वास्तविक कार्रवाई क्या हुई। फॉलोअप एक्शन का मतलब केवल नोटिस जारी करना नहीं, बल्कि सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी है। प्राधिकरणों के चेयरमैन, सीईओ और आयुक्त स्वयं शपथ-पत्र देकर कार्रवाई की जानकारी दें। भवन नियम उल्लंघन और भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े लंबित मामलों का निराकरण तीन माह के भीतर किया जाए। इन निर्देशों के बावजूद इंदौर में बड़ी संख्या में ऐसे निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं, जिन पर स्थानीय नागरिक लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
संबंधित समाचार

देखिए वीडियो:रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर अब सीधे FIR; राजधानी की तर्ज पर ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, ड्रोन से निगरानी कर चार वाहन चालकों पर केस

महिला ने नगर निगम कमिश्नर को बीच रास्ते रोका:बोली- पाइप चेंज करा दो; किससे पानी मांगे

फिल्मी उम्मीदें बनाम असली शादी:सुहागरात पर पत्नी नहीं शरमाई तो पति पहुंचा फैमिली कोर्ट

UPSC में फेल हुआ तो बना फर्जी IPS:फर्जी थानेदार बनकर रौब जमाने की कोशिश; डायरी में अफसरों के नंबर

नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई:गांजे के हरे पौधे किए जब्त; आरोपी पर केस दर्ज

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में 1 लाख युवाओं का टारगेट:घर-घर जाकर होगा Gen-Z का रजिस्ट्रेशन; नेताओं को बाहर संभालनी होगी व्यवस्था

देश के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात:बिहार में 13 जिले जलमग्न; काशी में 407 परिवारों ने घर छोड़ा, हिमाचल में 175 सड़कें बंद

कौन बोले:हमें कांग्रेस-आप की बी टीम कहने वाले पहले तय करें, हम किसकी टीम हैं

घरों के बाहर घूमता दिखा तेंदुआ:सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें; ग्रामीणों में दहशत

अवैध क्लिनिक में गलत इलाज से 10 साल की मासूम की मौत:लीपापोती में जुटा स्वास्थ्य विभाग

देखिए वीडियो:इस प्रसिद्ध मंदिर के पहले सीईओ ने संभाला कार्यभार; बोले- पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ने का समय

375 क्विंटल अवैध शकर जब्त:पैपे न्यूट्रिशन चॉकलेट फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा; नौ शकर डीलरों के गोदामों की भी जांच

राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ में यौन शोषण के फरार आरोपी की गूंज:भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका

कोर्ट की तल्ख टिप्पणी:‘पत्नी का हर जगह पति के साथ जाना जरूरी नहीं’

‘सेना’ की निगरानी में ‘रामलला’:ऑपरेशन सिंदूर में कमाल करने वाले एयर मार्शल के हवाले अब राम मंदिर ट्रस्ट 5885 दावेदार; एक का हुआ चयन

ट्रैफिक डायवर्शन:जन्माष्टमी-गोगा नवमी पर कई रास्तों पर वाहनों की एंट्री बंद; पार्किंग भी प्रतिबंधित

स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश:12 हजार से ज्यादा स्टार्टअप का लक्ष्य; युवाओं के आइडिया को मिलेगा बेहतर प्लेटफॉर्म

औचक निरीक्षण:चोइथराम मंडी में गंदगी पर गिरी गाज; दरोगा निलंबित

मुख्यमंत्री का किसानों पर फोकस:दिन में 10 घंटे बिजली देगी सरकार; खेती के साथ पशुपालन पर भी जोर

क्रिप्टो में मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी:32 ट्रांजेक्शन में रुपए ट्रांसफर कराए; ऐसे हुआ साइबर फ्रॉड का खुलासा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!