गैंगस्टर सतीश भाऊ के गुर्गे की डीसीपी के सामने बंधी घिग्घी: सवाल पूछने पर बोला रोहित- वो मेरे बॉस नहीं; मेरा बॉस तो रवि चिकलीस है
KHULASA FIRST
संवाददाता

सोमवार को बुलाने पर नहीं पहुंचा दोबारा, अब दर्ज हो सकता है केस
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक प्रॉपर्टी ब्रोकर और उसके दोस्त पर लाखों रुपए की डिजाइन डालने वाले गैंगस्टर सतीश भाऊ और उसके गुर्गों पर जल्द ही क्राइम ब्रांच थाने में केस दर्ज हो सकता है। खुलासा फर्स्ट को इसके संकेत मिले हैं।
सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों क्राइम ब्रांच में हुई शिकायत के बाद जांच कर रहे एसीपी ने जब एक गुर्गे रोहित बनासिया (सैनी) को बुलवाया और डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी के सामने खड़ा किया, तो उसकी घिग्घी बंध गई।
पहले तो वह लेनदेन से ही इनकार करता रहा। बाद में सतीश भाऊ उसका बॉस है, इस बात से साफ इनकार करते हुए रवि चिकलीस को अपना बॉस बताया। हालांकि डीसीपी ने कॉल डिटेल निकलवाने की बात कही तो रोहित को सांप सूंघ गया। फरियादी ने बताया उससे लाखों रुपए रोहित ने सतीश भाऊ को अपना बॉस और अंकल बताते हुए ही काम कराने के एवज में लिए थे। रवि को तो ये अपना भाई बताता था।
उल्लेखनीय है ‘खुलासा फर्स्ट’ ने 9 अक्टूबर को ‘गैंगस्टर के साथ डिजाइनर भी निकला हिस्ट्रीशीटर सतीश भाऊ’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। बताया था कि छोटा बांगड़दा के किसान और प्रॉपर्टी ब्रोकर राहुल यादव को सांवेर की पुश्तैनी जमीन का कब्जा दिलाने के नाम पर बचपन के दोस्त रोहित बनासिया (सैनी) ने पांच लाख रुपए लिए।
बाद में पुलिस अधिकारी को देने के नाम पर एक लाख रुपए और वसूले। रोहित ने खुद को गैंगस्टर सतीश भाऊ का करीबी बताते हुए 15 दिन में काम कराने का भरोसा दिया था। इसी तरह राहुल के दोस्त से बाणगंगा के विवादित मकान का कब्जा दिलाने के नाम पर 8.30 लाख रुपए ऐंठ लिए।
इसके बाद गैंगस्टर के गुर्गे रवि चिकलीस की भी एंट्री हुई। तीन महीने तक काम नहीं हुआ तो राहुल यादव ने सतीश भाऊ से मुलाकात की। उसने बाणगंगा मामले से पल्ला झाड़ लिया। रुपए वापस मांगने पर धमकियां मिलने लगीं।
तीनों के खिलाफ राहुल यादव ने 8 अक्टूबर को डीसीपी क्राइम कार्यालय में शिकायत देकर 14.30 लाख रुपए वापस दिलाने और सुरक्षा की मांग की थी। जांच शुरू हुई तो राहुल के बयान हो चुके थे, लेकिन आरोपी लगातार टालते रहे।
सूत्रों का कहना है कि गत शनिवार रोहित बनासिया को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच थाने बुलवाया गया था। इस दौरान फरियादी भी वहीं था। जांचकर्ता एसीपी तुषार सिंह ने दोनों को डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी के सामने खड़ा कर दिया, जहां डीसीपी के सवालों को सुनते ही रोहित की घिग्घी बंध गई।
नंदा नगर स्थित एक कार्यक्रम में गैंगस्टर सतीश भाऊ के साथ रोहित बनासिया भी पहुंचा था। कार्यक्रम में दोनों की मौजूदगी को लेकर अब चर्चाएं हो रही हैं। (दोनो गोल घेरे में)।
डीसीपी बोले- तेरा सतीश भाऊ से क्या लेना-देना है?
सूत्रों के अनुसार डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी ने जब रोहित से पूछा कि क्या तुम राहुल यादव को जानते हो? उसने हां में जवाब दिया। पैसों के लेनदेन को लेकर सवाल किया तो वह साफ इनकार करने लगा।
हालांकि फरियादी राहुल के पास सारे सबूत थे, जो कि वह पुलिस को पहले ही दे चुका था, इसलिए डीसीपी ने रोहित का झूठ पकड़ते हुए उसे फटकार दिया। फिर उससे पूछा कि तेरा सतीश भाऊ से क्या लेना-देना है, तो उसने गैंगस्टर सतीश भाऊ को पहचानने से ही साफ इनकार कर दिया और कहा कि मैं बॉस तो रवि चिकलीस को कहता हूं।
इस पर राहुल ने कहा कि साहब, रोहित ने सतीश भाऊ से काम कराने के नाम ही पैसे लिए थे। उसके पास इसकी रिकॉर्डिंग है, जिसमें यह सतीश भाऊ को बॉस और अंकल कहकर संबोधित करता था और मुझसे बात कराता था। वहीं रवि चिकलीस को तो ये रवि भाई कहकर बुलाता था।
उसका नंबर भी इसके मोबाइल में रवि भाई के नाम से सेव है। इस पर डीसीपी त्रिपाठी ने रोहित को फटकाते हुए कहा कि अभी कॉल डिटेल निकलवाऊं क्या। सब सच सामने आ जाएगा कि तेरा बॉस कौन है और तू किसका गुर्गा है। इसके बाद डीसीपी ने एसीपी तुषार सिंह को निर्देश दिए कि इनका पैसों का मामला क्लीयर कराओ, नहीं तो केस दर्ज करो।
एसीपी ने रवि चिकलीस को फोन लगवाया और क्राइम ब्रांच आने को कहा, लेकिन डेढ़ घंटे इंतजार के बाद भी वह नहीं पहुंचा। इस पर एसीपी ने रोहित को रवि के साथ सोमवार को आने को कहा और नहीं आने पर केस दर्ज कर लिए जाने की चेतावनी दी।
इसके बावजूद फरियादी सोमवार को तय समय 12 बजे क्राइम ब्रांच पहुंच गया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी रोहित और रवि नहीं पहुंचे। इसके चलते संकेत मिले हैं कि क्राइम ब्रांच जल्द ही रोहित, रवि और गैंगस्टर सतीश भाऊ पर केस दर्ज कर सकती है।
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