मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की मौत: दुनिया का 12वां सबसे ऊंचा पहाड़ चढ़ते वक्त हुए थे लापता
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें दुनिया 'निम्सदाई' के नाम से भी जानती थी, का पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) स्थित ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन की चपेट में आने से निधन हो गया। पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेड ने आधिकारिक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की है। हादसे में अभियान से जुड़े अन्य पर्वतारोहियों की भी जान गई है।
एलीट एक्सपेड ने की मौत की पुष्टि
एलीट एक्सपेड के मुताबिक, ब्रॉड पीक पर आए भीषण एवलांच में निर्मल पुर्जा के साथ उनके क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता) और नीमा शेरपा की भी मौत हो गई। कंपनी ने मृतकों के परिवारों और करीबियों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
इतिहास रचने निकले थे निर्मल पुर्जा
पाकिस्तान रवाना होने से पहले पुर्जा ने सोशल मीडिया पर अपने अभियान की जानकारी साझा की थी। उनकी शुरुआती योजना केवल G2 पर्वत पर चढ़ाई करने की थी, लेकिन बाद में उन्होंने ब्रॉड पीक को भी अभियान में शामिल किया।उनका लक्ष्य दुनिया की सभी 14 आठ-हजार मीटर से ऊंची चोटियों पर बिना सप्लीमेंटल ऑक्सीजन के दो बार चढ़ने वाले पहले पर्वतारोही बनने का था।
ट्रैकिंग डिवाइस से कुछ देर तक बनी रही उम्मीद
हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा के ट्रैकिंग डिवाइस में कुछ गतिविधि दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। इससे रेस्क्यू टीमों को उनके जीवित होने की उम्मीद जगी। इसके बाद हाई-एल्टीट्यूड सर्च और रिकवरी ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि, खराब परिस्थितियों और एवलांच की गंभीरता के बीच बाद में उनके जीवित बचने की उम्मीद समाप्त हो गई।
ड्रोन से नजर आए पर्वतारोहियों के शव
सर्च ऑपरेशन के दौरान बेस कैंप से उड़ाए गए ड्रोन में कॉनकॉर्डिया साइड पर कैंप-I के नीचे कुछ पर्वतारोहियों के शव दिखाई देने की जानकारी सामने आई। इनमें निर्मल पुर्जा समेत अभियान से जुड़े अन्य पर्वतारोहियों के होने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि हिमस्खलन में फंसे पर्वतारोहियों की तलाश और शवों की रिकवरी के लिए अभियान चलाया गया।
पर्वतारोहण की दुनिया का बड़ा नाम थे
निर्मल पुर्जा ने दुनिया की सबसे कठिन और ऊंची पर्वत चोटियों पर कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। उनकी असमय मौत से पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर है।
संबंधित समाचार

कार ने पीछा कर रहे बाइक सवार को कुचला:दो गाड़ियों को टक्कर मारकर भाग रहा था; इकलौते बेटे की मौत

ब्लैकमेलर-दुष्कर्मी शाहरुख के भाई डॉलर को फर्श पर बैठाकर भरवाया डोजियर:10 वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले बदमाश भी हुए तलब

कन्यादान योजना में करोड़ों के घोटाले का मामला:पूर्व मंत्री के रिश्तेदार की 5.37 करोड़ की संपत्ति ED ने की अटैच

तेज रफ्तार दुग्ध वाहन ने बाइक को मारी टक्कर:मां-बेटी की मौत; अस्पताल जा रहे थे दोनों

भाजपा की पदयात्रा के दौरान आम लोग हुए परेशान:मजदूर की दिहाड़ी छूटी; बोला- शाम को परिवार क्या खाएगा, बुखार से तपते बच्चे के लिए रास्ता मांगता रहा पिता, 6 घंटे लगा महाजाम

बालाघाट की आंखें नम:यादों में रहेंगे आईपीएस आदित्य मिश्रा

भीषण सड़क हादसा:यात्री बस और कार की आमने-सामने भिड़ंत; महिला सहित 3 की मौत, बच्ची गंभीर घायल

मिलावट की शंका में 341 किलो खाद्य सामग्री जब्त:दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

इंदौर की सियासत में सड़क पर शक्ति प्रदर्शन:भाजपा का राष्ट्रवाद और कांग्रेस का वोट-अधिकार विमर्श आमने-सामने

तीन साल का तेंदुआ वायरल फीवर की चपेट में:48 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रहेगा

स्वामित्व योजना ने पकड़ी रफ्तार:सात बर्खास्त पटवारियों की हुई वापसी; कलेक्टर ने निरस्त किया सेवा समाप्ति का आदेश

घायल तेंदुआ पाइप में दुबका रेस्क्यू टीम का पिंजरा खाली:करवा चौथ का हवाला देकर लौटी रालामंडल टीम पर उठे सवाल

12 साल तक एक साल के ठेके पर चलता रहा सिक्योरिटी गार्डों की सप्लाई का खेल:2014 में प्राणी संग्रहालय की सुरक्षा के लिए दिया था ठेका

बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलिकॉप्टर क्रैश:पायलट सहित 6 लोग थे सवार; पहाड़ी पर रेस्क्यू टीम रवाना

मालवा एक्सप्रेस से दिल्ली भेजा मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पोस्टर-पुतला:रेलवे पार्सल से कराई बकायदा बुकिंग

पुल के नीचे नाले में मिला युवक का शव:पास में खड़ी मिली बाइक; बेटे को देखकर बेहोश हुए पिता, अस्पताल में भर्ती

आदि कैलाश पर गए युवक की सांस रुकने से हुई मौत:दोस्तों के साथ दर्शन करने पहुंचा था 27 वर्षीय तिलक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘आधुनिक एनीमिया विज्ञान’ का विमोचन:लेखक डॉ. एके द्विवेदी की सराहना

दवाओं के मनमाने दाम पर सवाल:मरीज इलाज कराए या जेब बचाए

करवा चौथ के बाद पति-पत्नी ने की आत्महत्या:फांसी लगाकर दी जान; रात में साथ खोला था व्रत
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!