दबंग दुनिया का दबंग हिसाब: अब देना होंगे 48 करोड़
KHULASA FIRST
संवाददाता

गुटखा माफिया, टैक्स चोर किशोर के काले धन का खुलासा
168 पेज के जीएसटी आदेश में रिपोर्टर-कर्मचारियों के नाम पर कंपनियां और एलोरा टोबैको से कथित कनेक्शन का खुलासा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी के अखबार का हिसाब अब सरकारी जांच में खुलकर सामने आया है। दबंग दुनिया पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड (डीडीपीएल) पर सेंट्रल जीएसटी विभाग ने करीब 48 करोड़ रुपए की रिकवरी तय की है, लेकिन रकम से ज्यादा चौंकाने वाली बात वह है, जो विभाग के 168 पेज के आदेश में दर्ज है।
आदेश में अखबार का सर्कुलेशन वास्तविक संख्या से पांच से आठ गुना तक ज्यादा दिखाया गया। फर्जी विज्ञापनों से करोड़ों की आय दिखाई गई और रिपोर्टर-कर्मचारियों के नाम पर कथित कंपनियों का नेटवर्क खड़ा किया गया।
इसके साथ ही अखबार के वाहन और प्रेस कार्ड तक दूसरी कारोबारी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है और यहीं से मामला सीधे गुटखा माफिया किशोर वाधवानी से जुड़ता है।
जीएसटी विभाग के आदेश में कहा गया है कि डीडीपीएल और ईटीसीएल यानी एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड दोनों वाधवानी के नियंत्रण में थीं। डीडीपीएल का इस्तेमाल एलोरा टोबैको की गतिविधियों के एक हिस्से को व्यवस्थित करने और आय को छिपाने के लिए किया गया।
कागज पर सर्कुलेशन बढ़ा, करोड़ों का हिसाब बना
विभागीय आदेश में दावा किया गया है कि डीडीपीएल ने वास्तविक सर्कुलेशन से पांच से आठ गुना अधिक संख्या दिखाकर 5.73 करोड़ रुपए की आय दर्शाई। इसके अलावा कथित फर्जी विज्ञापनों के जरिए 5.93 करोड़ रुपए की आय दिखाई गई।
दोनों मदों को मिलाकर 11.66 करोड़ रुपए की आय का उल्लेख आदेश में है। इसी के आधार पर विभाग ने करीब 3.68 करोड़ रुपए जीएसटी, 65 लाख रुपए सेस और 44.50 करोड़ रुपए सेस-2 सहित लगभग 48 करोड़ रुपए की देनदारी तय की। इसके अलावा 75 हजार रुपए की पेनल्टी भी लगाई गई है।
रिपोर्टर के नाम पर फर्म... कर्मचारी को बना दिया दूसरी कंपनी का डायरेक्टर
168 पेज के आदेश का सबसे सनसनीखेज हिस्सा डीडीपीएल के कर्मचारियों और रिपोर्टरों से जुड़ी कथित कंपनियों का हिसाब-किताब है। विभाग के अनुसार डीडीपीएल के क्राइम रिपोर्टर विनय भाटी के नाम पर टीएएन एंटरप्राइज नाम की कथित फर्जी प्रोपराइटरशिप फर्म संचालित की गई।
आदेश में कर्मचारी देवेंद्र द्विवेदी को कथित तौर पर एसआईपीएल में डायरेक्टर बनाए जाने और कर्मचारी वैभव शर्मा के जरिए कथित फर्जी पते पर बालाजी ट्रेडिंग नाम की फर्म पंजीकृत कराने का भी उल्लेख है। वहीं केएन आतु, जो कर सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे, उन्हें विभाग ने डीडीपीएल का वेतनभोगी कर्मचारी बताया है। यानी विभागीय जांच में सवाल सिर्फ टैक्स के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि किसके नाम पर कंपनी, कौन चला रहा था और किसके इशारे पर कारोबारी गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसकी कड़ी भी जोड़ी गई है।
प्रेस कार्ड और गाड़ियां भी आईं विभागीय जांच के घेरे में
आदेश में दावा है कि डीडीपीएल के कुछ वाहनों और प्रेस कार्ड का इस्तेमाल कथित तौर पर एलोरा टोबैको से जुड़ी गतिविधियों में किया गया। विभाग ने इसे भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया है। संस्थान की ओर से यह दलील दी गई थी कि यदि कोई रिपोर्टर या कर्मचारी व्यक्तिगत स्तर पर कोई काम करता है तो उसकी जिम्मेदारी संस्थान की नहीं हो सकती, लेकिन विभाग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आदेश में उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बीच बताए गए संबंधों के आधार पर संस्थान की जिम्मेदारी तय की गई।
48 करोड़ की रिकवरी के खिलाफ हाई कोर्ट, फिर याचिका वापस
जीएसटी विभाग की इस रिकवरी को चुनौती देने के लिए किशोर की कंपनी डीडीपीएल हाई कोर्ट पहुंची थी। इंदौर में दायर याचिका में विभागीय कार्रवाई को चुनौती दी गई, लेकिन बाद में कंपनी ने याचिका वापस ले ली। इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी।
पीछे छिपा है 1946 करोड़ का बड़ा आंकड़ा
यह कार्रवाई अकेली नहीं है। जीएसटी विभाग के अनुसार गुटखा माफिया किशोर वाधवानी से जुड़े विभिन्न कंपनियों और अन्य पक्षकारों पर करीब 1,946 करोड़ की कर मांग का उल्लेख है। इसमें करीब 151.54 करोड़ जीएसटी और 1,794.54 करोड़ सेस बताया गया है।
ऐसे में डीडीपीएल पर आई करीब 48 करोड़ की रिकवरी को पूरे मामले की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। 168 पेज का आदेश अब सिर्फ एक टैक्स रिकवरी की कहानी नहीं, बल्कि सर्कुलेशन, विज्ञापन, कथित फर्जी कंपनियों, कर्मचारियों की भूमिका और एलोरा टोबेको से कथित कारोबारी कनेक्शन की पूरी परत खोलने वाला दस्तावेज बन गया है।
संबंधित समाचार

छात्रों की गूंज पर मुख्यमंत्री का पलटवार:कहा- यह झूठ की गूंज है; महत्वपूर्ण मुद्दों पर तथ्यों के साथ संवाद होना चाहिए

देखिये वीडियो, बियर की बोतल में दिखे कीड़े:कहीं आप भी तो नहीं पी रहे कीड़े वाली शराब; वीडियो ने मचाया हड़कंप

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज:मुख्यमंत्री ने किया मार्ग का औचक निरीक्षण; कहा- जनता के सहयोग से आसान हो रहा विकास का काम

आरएसएस का शाखा संगम:लाल परेड ग्राउंड में जुटे 30 हजार स्वयंसेवक; शारीरिक प्रदर्शन और घोष वादन भी

एमडी ड्रग्स के साथ तस्कर गिरफ्तार:घेराबंदी कर पकड़ा; बड़ी मात्रा में नशा किया जब्त

कार्यक्रम खत्म, सड़कों पर जाम

अतिथि शिक्षकों का दर्द छलका:गिटार पर गाया; ‘लाखों डॉक्टर-इंजीनियर बनाए, आज हम ही फटेहाल’

‘अंधभक्त' शब्द के पीछे राहुल गांधी का असली निशाना क्या:छात्र और अंधभक्त में फर्क सिर्फ राजनीति नहीं; राहुल का तर्क कितना ठोस

गणेशजी संग विराजे पांच हनुमान मंदिर:शहर की वायरल प्रतिमा

छात्रों की गूंज के बाद बयानबाजी का दौर शुरू:भाजपा-कांग्रेस ने एक-दूसरे पर किए आक्रामक वार

पानी से भरे गड्ढे में डूबने से बच्चे की मौत:स्कूल की छुट्टी पर घर से खेलने निकला था; कपड़े मिलने के बाद चला पता

शहर का बड़ा गणपति:जहां हर दर्शन में बसती है सवा सौ साल पुरानी परंपरा

मरीज की मौत के बाद एमवायएच में हंगामा:परिजन ने सर्जरी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर से की हाथापाई; विरोध में डॉक्टरों ने कुछ देर रोका काम

देखिए वीडियो:मुख्यमंत्री बोले; करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी जिम्मेदारी, नागरिकों के सहयोग से आसान हुआ सड़क चौड़ीकरण, नागरिकों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

सीनियर्स से प्रताड़ित महिला डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाकर किया आत्महत्या का प्रयास:एमजीएम मेडिकल कॉलेज का मामला

फ्लाईओवर से 75 फीट नीचे गिरी तेज रफ्तार BMW:3 युवकों की मौत; एक गंभीर

212 दुकानें बंद, व्यापारियों का प्रदर्शन जताया आक्रोश:फुटपाथ माफियाओं का जुलूस निकालो

गणेश उत्सव का पोस्टर फाड़ने को लेकर विवाद:दो पक्षों में मारपीट; चार लोगों पर केस दर्ज, छह थानों का पुलिस बल तैनात, चार लोगों के घायल होने की सूचना

सबूत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रही पुलिस:फर्जी स्टाम्प मामले में पीड़ित का आरोप

देखिये वीडियो, छात्रों की गूंज में पुलिस से नोकझोंक पर सियासत:पूर्व मंत्री बोले- तेरे बाप का कार्यक्रम नहीं है; राहुल गांधी का कार्यक्रम है, कई सिंघम आए और चले गए, ये इंदौर है प्यारे
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!